पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंभोपाल. आयकर विभाग को असनानी ग्रुप के यहां चल रहे छापे के तीसरे दिन नोटबंदी के दौरान नकदी में दोगुने दामों पर घर बेचने के प्रमाण मिले हैं। 100 से अधिक ऐसी प्रॉपर्टी मिली हैं जिनके खरीदार डमी निकले। इनके नाम और पते आधे अधूरे पाए गए। विभाग को आशंका है कि यह सारी प्रॉपर्टी बेनामी हो सकती है। ताजा खुलासे के बाद टैक्स चोरी का आंकड़ा 200 करोड़ के पार हो गया।
250 से अधिक प्रॉपर्टी जिनके लिए बाजार मूल्य से दोगुने दाम चुकाए
आयकर के सूत्रों ने बताया कि विभाग को दूसरे राज्यों से यह जानकारी मिली थी कि नोटबंदी के दौरान ज्वैलरी के साथ प्रॉपर्टी खरीदकर उसमें 500-1000 के पुराने नोट खपाए गए। इस आधार पर विभाग ने असनानी के जब दस्तावेज खंगाले, तो वे हैरान रह गए। करीब 250 से अधिक ऐसी प्रॉपर्टी मिली हैं जिनके लिए बाजार मूल्य से दोगुने दाम चुकाए गए। वह भी नकद में। दस्तावेज के दौरान कई घर-फ्लैट के खरीदारों के नाम और पते आधे अधूरे लिखे मिले। इसकी जांच मे पाया गया कि यह सारे पते गलत थे। असनानी इन मकान के वास्तविक मालिक के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए।
आने वाले दिनों में हो सकते हैं चौकाने वाले खुलासे
आशंका जताई जा रही है कि यह सारे लोग प्रभावशाली नौकरशाह और नेता हो सकते हैं। अगले कुछ दिनों में कुछ चौकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। आयकर विभाग के साथ इंवेस्टिगेशन में बेनामी विंग भी शामिल है। सूत्रों ने आशंका जताई कि अगर ये सारी प्रॉपर्टी बेनामी साबित होती हैं तो यह देश में अपनी तरह का पहला मामला होगा जब एक ही जांच में इतनी बड़ी तादाद में बेनामी प्रॉपर्टी सामने आई हों। उल्लेखनीय है कि मप्र और छत्तीसगढ़ 319 बेनामी प्रॉपर्टी के साथ वर्ष 2017-18 में देश में नंबर वन रहा था। अब असनानी के यहां इसकी एक तिहाई प्रॉपर्टी सामने आ सकती हैं।
हवाला रेकेटियर ने बनाई 6 कंपनियां
असनानी के कारोबारी रिश्ते शैल कंपनियां बनाने में माहिर शरद दरक से रहे हैं। विभाग को अब तक 6 ऐसी शैल कंपनियां मिली हैं जिनमें असनानी ने करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन किया है। विभाग को आशंका है कि दरक की कंपनियों में कई दूसरे लोगों ने भी असनानी के माध्यम से निवेश किया।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.