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कॉन्स्टेबल भर्ती में नकल करवाने के लिए दिए 6 लाख रुपए, ऐसे खुली पोल

3 वर्ष पहले
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जयपुर. कॉन्स्टेबल भर्ती में हाइटेक तरीके से नकल करने के मामले में एसओजी ने शनिवार को सीकर के रानोली कस्बे से एक कैंडिडेट को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने नकल करवाने के लिए बिचौलिए को छह लाख रुपए दिए थे। बिचौलिए ने गिरोह से संपर्क कर कैंडिडेट को नकल भी करवा दी। मगर जब मामला खुला तो कैंडिडेट तीन लाख रुपए वास ले आया। एसओजी अब बिचौलिए की तलाश कर रही है। 

 

 

- गिरफ्तार कैंडिडेट सुभाष खींचड़ (22) सीकर में रानोली का रहने वाला है। आरोपी का सेंटर मुरलीपुरा स्थित डॉल्फिन स्कूल में आया था।

- पूछताछ में आरोपी ने बताया कि परीक्षा सेंटर पर वह एक दिन पहले पहुंचा तो वहां एक दलाल मिला। जिसने नकल करवाने की एवज में छह लाख रुपए मांगे। साथ ही कहा कि नकल के लिए कुछ नहीं करना केवल सेंटर पर जाकर अटेंडेंस देकर बैठे रहना है। इस पर कैंडिडेट ने छह लाख रुपए दे दिए। परीक्षा में नकल गिरोह ने हाइटेक तरीके से नकल भी करवा दी। बाद में मामला खुला और गिरोह के लोगों को एसओजी ने गिरफ्तार किया तो आरोपी कैंडिडेट ने बिचौलिए से संपर्क कर तीन लाख रुपए वापस ले लिए।

- पकड़े गए गिरोह ने सुभाष खींचड़ काे भी नकल करवाने की बात कही। तब आरोपी कैंडिडेट फरार हो गया। गत दिनों उसके रानोली स्थित घर आने की सूचना मिली थी। एसओजी ने दबिश देकर आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता ने बताया कि इस मामले में अब तक छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 

 

नकल गिरोह का खुलासा हुआ तब निरस्त हुई थी परीक्षा

- कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय ने एप्टेक कंपनी को जिम्मा सौंपा था। कंपनी ने 45 दिन तक ऑन लाइन एग्जाम के लिए सेंटर बनाए, मगर एसओजी ने परीक्षा शुरू होने के दूसरे दिन ही मालवीय नगर, मुरलीपुरा, उदयपुर में हाइटेक तरीके से नकल करवाने वाले गिरोह का खुलासा कर 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस पर पीएचक्यू ने परीक्षा निरस्त कर दी थी।

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