1.31 करोड़ छात्रों की परीक्षाओं में और देरी, बिना टेस्ट प्रमोशन का भी विकल्प

Bharatpur News - 14 अप्रैल तक देशव्यापी लॉकडाउन से प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पढ़ाई कर रहे 1.31 करोड़ छात्रों...

Mar 27, 2020, 07:00 AM IST

14 अप्रैल तक देशव्यापी लॉकडाउन से प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पढ़ाई कर रहे 1.31 करोड़ छात्रों की परीक्षा पर संशय की स्थिति बनी हुई है। इनमें सरकारी स्कूलों के 58,42,701 और प्राइवेट स्कूलों के 72,80,272 छात्र शामिल हैं। हालांकि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता कोरोना वायरस से निपटने से जुड़ी है। उधर, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और केंद्रीय विद्यालय संगठन ने पहली से आठवीं तक के छात्रों को बिना परीक्षा या पिछली परीक्षा के अंकों के आधार पर ग्रेड देकर अगली कक्षा में प्रमोट करने का निर्णय लिया है। राजस्थान सरकार को छात्रों को प्रमोट करने के संबंध में अभी निर्णय लेना बाकी है।

सरकारी व निजी स्कूलों में पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, छठी और सातवीं के स्टूडेंट्स की वार्षिक परीक्षा 9 से 24 अप्रैल तक होनी थी। 14 अप्रैल तक लॉकडाउन के कारण अब वार्षिक परीक्षा 9 अप्रैल से किसी भी हाल में शुरू नहीं हो सकती। शिविरा कलैंडर में 1 मई से नया सत्र 2020-21 शुरू करने और 17 मई से गर्मियों की छुटि्टयों का प्रावधान किया गया है।

तैयारियों के लिए 16 दिन

14 अप्रैल तक लॉकडाउन है और 1 मई से सत्र शुरू होना प्रस्तावित है। ऐसे में विभाग के पास वार्षिक परीक्षा के लिए महज 16 दिन बचते हैं। वहीं इस समय में सभी छात्रों की परीक्षा लेना और इसके बाद समय रहते परिणाम जारी करना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती होगा।

पंचायती राज विभाग, पीडब्ल्यूडी के कार्मिक 3.85 करोड़ रुपए देंगे मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में

जयपुर। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के आह्वान पर राज्य के ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कोविड-19 राहत कोष (मुख्यमंत्री सहायता कोष) में अपने एक दिन का वेतन देने की सहमति प्रदान की है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधीन राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा, पंचायती राज अभियांत्रिकी सेवा, कृषि अभियंता सेवा, सहायक सचिव एवं पंचायत प्रसार अधिकारी संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ एवं कनिष्ठ सहायक संघ के लगभग 22 हजार अधिकारी व कर्मचारी अपने एक दिन का वेतन कोविड-19 राहत कोष में जमा कराएंगे जिससे लगभग 3.25 करोड़ से अधिक राशि का योगदान कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए हो सकेगा। इसी प्रकार सार्वजनिक निर्माण विभाग के लगभग 1500 अभियंता अपने एक दिन का वेतन कोविड-19 राहत कोष में जमा करायेंगे जो लगभग 60 लाख रुपए हैं।

अप्रैल में अागे अा सकती है सरकार

अप्रैल के दूसरे सप्ताह में राज्य सरकार काेराेना वायरस पर रिव्यू करके चुनाव स्थगित कराने की दिशा में काम कराएगी। उधर राज्य निर्वाचन अायाेग चुनाव स्थगित कराने के लिए पार्टी बनेगा या नहीं ? इस पर संशय है । लेकिन माना जा रहा है कि निर्वाचन अायाेग पहले की तरह इस बार भी अागे नहीं अाएगा। एेसा इसलिए क्योंकि प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता पंचायत चुनाव में निर्वाचन अायाेग की भूमिका पर सवाल खड़े कर चुके है।

पंचायत समिति व जिला प्रमुख पदाें पर पॉलिटिकल पार्टियों की रहेगी अहम भूमिका

प्रदेश में 3600 से ज्यादा ग्राम पंचायताें, पंचायती समिति व जिला परिषदों के चुनाव हाेने है। इनमें पार्टी के टिकट पर जिला प्रमुख, सदस्य अादि का चयन हाेना है। एेसे में राजनीतिक पार्टियाें की इसमें भूमिका अहम रहेगी। जिस पार्टी की प्रदेश में सरकार हाेती है, उसे पार्टी काे पंचायत चुनावाें में फायदा मिलता है। प्रदेश की करीब 3600 ग्राम पंचायत, सभी पंचायत समितियाें अाैर जिला परिषदाें में चुनाव समय पर नहीं हाेने की वजह से रिसीवर लगे हुए है। पिछले दाे महीने से रिसीवर ही समस्य विकास कार्य काे देख रहे हैं।

कोरोना का कहर : पंचायत चुनाव पर दिखेगा असर, टलेगा मतदान

भास्कर न्यूज | जयपुर

सुप्रीमकाेर्ट के दिशा - निर्देश के बाद अप्रेल के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित पंचायती राज चुनाव पर भी पर संकट खड़ा हाे गया है। काेराेना संक्रमण के खतरे अाैर 21 दिन के लाॅक डाउन की वजह से चुनाव का टलना तय माना जा रहा है। पंचायत चुनाव काे टालने के लिए राज्य सरकार सुप्रीमकाेर्ट से दिशा निर्देश मांग सकता है। माना जा रहा है कि जिस तरह से काेराेना वायरस के खतरे काे देखते हुए राज्य सरकार ने जयपुर, जाेधपुर अाैर काेटा के निकाय चुनाव स्थगित कराने के लिए हाईकोर्ट में जाकर गुहार लगाई थी। ठीक उसी तरह से पंचायत चुनाव स्थगित कराने के लिए राज्य सरकार अागे अाएगी।

राज्यपाल राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को देंगे जानकारी

राज्यपाल कलराज मिश्र राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को राज्य में कोरोना की स्थिति और इस वैश्विक बीमारी से राज्य को बचाने के लिए किए जा रहे उपायों व नवाचारों के बारे में बताएंगे। राज्यपाल शुक्रवार 27 मार्च को वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को राज्य में कोरोना की स्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति शुक्रवार सुबह 10 बजे से सभी राज्यों के राज्यपाल व उपराज्यपालों से कोविड-19 के हालातों की समीक्षा करेंगें।

को दवाई देने की नई पहल वाकई प्रशंसनीय है। चिकित्सक कोरोना के मरीजों को चुस्त-दुरूस्त करके ही उनके घर भेजेंगे।

राज्यपाल ने स्वयं के लिए भी लगाया कर्फ्यू, चिकित्सकों के नवाचारों की सराहना की

भास्कर न्यूज | जयपुर

राज्यपाल कलराज मिश्र ने स्वयं के ऊपर कर्फ्यू लागू कर लिया है। वे किसी से मिल नही रहे हैं, लेकिन मीडिया के माध्यम से हर वक्त अपडेट हैं। राज्य के सीएम से मिश्र लगातार वार्ता कर रहे हैं। प्रदेश की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। राज्यपाल ने गुरुवार काे छह जिलों के कलक्टर से दूरभाष पर बात कर जिलों की स्थिति की जानकारी ली। राजस्थान में कोरोना के प्रभाव को रोकने के लिए पीएम के आव्हान पर लाॅक डाउन किया गया है, तब से राज्य सरकार के प्रयासों में लोगों ने बहुत सहयोग किया है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में कोरोना को हराने के लिए चिकित्सकों ने प्रभावी कदम उठाये हैं। सवाई मानसिंह चिकित्सालय में रोबोट से कोरोना के मरीजों को दवाई देने की नई पहल वाकई प्रशंसनीय है। चिकित्सक कोरोना के मरीजों को चुस्त-दुरूस्त करके ही उनके घर भेजेंगे।

एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी: पीएचडी व एमएससी सेमेस्टर परिणाम घोषित


कोटा। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कोटा की ओर से एमएससी, पीएचडी सहित अन्य सब्जेक्ट के फर्स्ट सेमेस्टर के रिजल्ट घोषित कर दिए गए हैं। स्टूडेंट्स फर्स्ट ईयर के सेमेस्टर की सूचनाएं यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एमएससी एग्रीकल्चर के 5, पीएचडी एग्रीकल्चर के 3 सब्जेक्ट, हॉर्टिकल्चर डिसिप्लिन में एमएससी हॉर्टिकल्चर के 4 सब्जेक्ट, पीएचडी फ्रूट साइंस में एक सब्जेक्ट के अलावा फॉरेस्ट्री डिसिप्लिन में एमएससी फॉरेस्ट्री और पीएचडी सिविल कल्चर और एग्रो एग्रोफोरेस्ट्री विषय के रिजल्ट घोषित किए हैं। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट विभाग की वेबसाइट www.aukota.org पर देख सकते हैं।

एजुकेशन फ्रॉम होम

घर पर तैयारी को मजबूती देंगे ये पोर्टल्स

देश में फैल रहे कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए सीबीएसई ने 19 मार्च से 31 मार्च तक होने वाली दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इनमें दसवीं कक्षा की इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी और कम्प्यूटर एप्लीकेशन्स व बारहवीं कक्षा की लैंग्वेज, कम्प्यूटर से जुड़े विषय, ज्योग्राफी, बिजनेस स्टडीज व एडमिनिस्ट्रेशन, होम साइंस, बायोटेक्नोलॉजी और सोशियोलॉजी जैसे विषयों के एग्जाम शामिल हैं। देश में चल रहे लॉकडाउन के चलते लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स इस समय का उपयोग अपनी तैयारी को मजबूती देने में कर सकते हैं। परीक्षाओं की तैयारियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सुझाव पर विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म्स ने ऑनलाइन मटीरियल उपब्ध कराना शुरू किया है। इसके अलावा यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई, सीबीएसई, एनटीए, एनआईओएस और एमएचआरडी के आॅटोनॉमस ऑर्गेनाइजेशन्स को आॅनलाइन कंटेंंट डेवलप करने के भी निर्देश भी दिए गए हैं। फैक्ल्टी/टीचर्स/रिसर्चर्स/ नॉन टीचिंग स्टाफ को ऑनलाइन टीचिंग, इवैल्यूएशन, क्वेश्चन बैंक और प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए भी कहा गया है। यहां पर स्टूडेंट्स और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लए कुछ पोर्टल्स की जानकारी दी जा रही है जो उनकी तैयारी के लिए कारगार साबित हो सकते हैं।

एनआरओईआर

एमएचअारडी के डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिट्रेसी द्वारा नेशनल रिपॉजिटरी ऑफ ओपन एजुकेशनल रिर्सोसेस (एनआरओईआर) संचालित किया जाता है। इसमें लगभग 14,527 फाइल्स (डॉक्यूमेंट्स, इंटरैक्टिव, ऑडियो, फोटो आदि) अलग-अलग भाषा में अप्लोड की गई हैं। इसके अलावा इसमें ई-बुक्स के साथ- साथ ई-कोर्सेस और ई-लाइब्रेरी भी है। कैंडिडेट्स यहां से अच्छे एजुकेशनल मटीरियल पा सकते हैं।

स्वयं प्रभा

इस पोर्टल पर एनपीटीईएल, आईआईटी, यूजीसी, सीईसी, इग्नू, एनसीईआरटी और एनआईओएस द्वारा हाईस्कूल से पीजी कक्षाओं तक की पाठ्यसामग्री उपलब्ध कराई गई है। स्टूडेंट्स स्वयं प्रभा की वेबसाइट  www.swayamprabha.gov.in पर जाकर दिनभर में कभी भी अपनी जरूरत के अनुसार पाठ्य सामग्री का उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही 32 डीटीएच चैनल्स के माध्यम से इनको टेलीकास्ट भी किया जाता है। इसमें आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स, सोशल सांइसेंस एंड ह्यूमैनिटीज, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, लॉ, मेडिसिन जैसे विषयों से सम्बंधित लेक्चर्स भी मौजूद हैं।

एनडीएलआई

नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया (एनडीएलआई) देश तथा विदेशों के शैक्षणिक संस्थानों से अध्ययन सामग्री एकत्र करने का एक प्लेटफॉर्म है। इसमें कम्प्यूटर साइंस, साइकोलॉजी, लैंग्वेज, टेक्नोलॉजी आदि से जुड़े वीडियो और ऑडियो लेक्चर्स मौजूद हैं। इसके अलावा स्टूडेंट्स इस प्लेटफॉर्म के जरिए वर्ल्ड ई-बुक लाइब्रेरी, साउथ एशिया आर्काईव, ओईसीडी आईलाइब्रेरी और सत्यजीत रे सोसायटी के कंटेंट पढ़ सकते हैं। प्ले स्टोर से अंग्रेजी, हिंदी और बांग्ला भाषा में एनडीएल का एप डाउनलोड किया जा सकता है।

ऑफिस चयन 17 तक

जयपुर। प्रशासनिक सुधार विभाग ने एलडीसी भर्ती-2018 के चयनितों के लिए अधीनस्थ कार्यालयों के चयन की अंतिम तारीख 17 अप्रैल तक बढ़ा दी है। पहले यह तारीख 25 मार्च थी। देशभर में लॉकडाउन के कारण तारीख काे बढ़ाया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती से संबंधित निर्देशों के लिए उम्मीदवार विभाग की अधिकृत वेबसाइट देखते रहंे। इसी वेबसाइट पर आगे के लिए निर्देश जारी होंगे। 14 अप्रैल के बाद की परिस्थितियों को देखते हुए ही 17 अप्रैल तक ऑफिस चयन का काम पूरा होगा।

सीबीएसई एफिलिएशन के लिए अब 30 तक आवेदन

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कोरोना संकट के बीच विपरीत परिस्थितियों में जीत की कहानीसुपर-30 के आनंद कुमार के शब्दों में

भरतपुर, शुक्रवार 27 मार्च, 2020

हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती: आवेदन प्रक्रिया स्थगित


फेल नहीं करने का नियम

सीबीएसई परीक्षाएं बढ़ सकती हैं आगे

सुप्रीमकाेर्ट के दिशा-निर्देश के बाद अगले महीने से ही शुरू हाेने थे चुनाव

अजमेर। सीबीएसई ने एफिलिएशन के लिए आवेदन की तारीख एक महीना आगे बढ़ा दी है। एफिलिएशन के लिए स्कूल अब 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में सीबीएसई ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। पहले साल 2021-22 के लिए सभी आवेदक स्कूलों के लिए संबद्धता का विस्तार अपेक्षित शुल्क के साथ 31 मार्च तक तय किया गया था। वर्तमान में कोविड-2019 को देखते हुए देश भर से सीबीएसई को अंतिम तारीख बढ़ाने के लिए भी आग्रह किया जा रहा था। अब तारीख बढ़ा दी गई है।

गरीबी से लड़ा, कभी खाना तक नहीं मिलता था, अब जापान में कर रहा पढ़ाई, मिले नौकरी के कई ऑफर

वाराणसी में रहने वाले दिलीप कुमार गुप्ता के पिता मैकेनिक थे। बचपन में पढ़ने की बहुत इच्छा के बावजूद उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया। पैसे की तंगी के चलते दसवीं कक्षा में पहुंचने से पहले ही उनकी पढ़ाई छूट गई। कई शहरों में मेहनत-मजदूरी करते हुए गुड़गांव पहुंचे। यहां एक फैक्ट्री में जनरेटर ऑपरेटर का काम करने लगे। प|ी और दोनों बच्चों के साथ किसी तरह गुजर-बसर कर रहे थे।

बड़े बेटे अभिषेक की छोटी उम्र से ही पढ़ाई में रुचि थी। अपनी हालत से दिलीप यह जान चुके थे कि शिक्षा ही उनके बच्चों का भविष्य बेहतर बना सकती है। अभिषेक जब स्कूल जाने की उम्र का हुआ तो वे उसे गुड़गांव के सबसे अच्छे स्कूलों में ले कर गए। हर स्कूल में उसका सलेक्शन हुआ, लेकिन बड़े स्कूलों की फीस, ड्रेस और किताब-कॉपी का खर्च दिलीप के वश के बाहर की बात थी। मन मसोसकर उन्होंने शहर के सबसे सस्ते स्कूल में उसका एडमिशन करा दिया।

अभिषेक शुरू से ही हर कक्षा में अव्वल दर्जे से पास होता। इसी दौरान एक दिन स्कूल में जापानी भाषा सिखाने वाले टीचर आए। वह जापानी भाषा सीखने लगा। भाषा सीखते-सीखते वह जापान के बारे में सोचता रहता और पता नहीं कब उसके मन में जापान जाने की इच्छा जाग गई। पिता यही सोचकर खुश थे कि विदेशी भाषा सीखने से वह गाइड का काम कर पाएगा, लेकिन कुछ दिनों बाद शिक्षक ने आना बंद कर दिया और जापान जाना तो दूर, वहां की भाषा सीखने की उसकी इच्छा भी अधूरी रह गई। निराश अभिषेक ने गणित में मन लगाना शुरू कर दिया। किसी ने बताया कि इंजीनियर बनने के लिए गणित में अच्छा होना जरूरी है तो उसे लगने लगा कि वह भी इंजीनियर बन सकता है। वर्ष 2012 में उसे दसवीं की बोर्ड परीक्षा देनी थी। इसी दौरान दुर्घटना में पिता घायल हो गए। काम पर जाना बंद हो गया और आमदनी भी। हालत यह थी कि एक वक्त का भोजन मिलना भी बड़ी बात थी। लेकिन अभिषेक लगन से अपनी पढ़ाई करता रहा। उसने अच्छे अंकों से दसवीं की परीक्षा पास की। वह इंजीनियरिंग की कोचिंग करना चाहता था, लेकिन इसके लिए परिवार के पास पैसे नहीं थे। वह खुद ही तैयारी करने लगा। वर्ष 2014 में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिली। वह निराश हो गया। एक दिन जब उसके पिता फैक्ट्री में निराश बैठे थे, तो किसी ने सुपर 30 के बारे में बताया। इसके कुछ ही दिनों बाद अभिषेक मेरे सामने था। उसके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। वह आईआईटी में प्रवेश की तैयारी के लिए दिन-रात मेहनत करने लगा।

इसी बीच सुपर 30 की कामयाबी पर जापान में डॉक्यूमेंट्री बनी जो काफी चर्चित हुई। इससे प्रभावित होकर टोक्यो यूनिवर्सिटी ने संस्थान के छात्रों को मुफ्त शिक्षा देने का फैसला किया। अभिषेक ने सुना तो उसकी वर्षों पुरानी इच्छा एक बार फिर जाग उठी। उसे लगा कि उसके दोनों सपने - जापान जाना और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना, एक साथ पूरे हो सकते हैं। टोक्यो यूनिवर्सिटी की टीम छात्रों के चुनाव के लिए पटना आई। अभिषेक इसमें भी अव्वल रहा और आईआईटी प्रवेश परीक्षा से पहले ही टोक्यो यूनिवर्सिटी में उसका सलेक्शन हो गया। स्कॉलरशिप के साथ हर साल भारत आने-जाने का पूरा खर्च यूनिवर्सिटी उठाएगी। कल उसने फोन किया और बताया कि उसके लिए आगे जापान में ही नौकरी के कई अच्छे अवसर हैं।



दूसरे चरण की परीक्षा

इस चरण में गति और दक्षता की परीक्षा होगी। यह कंप्यूटर बेस्ड होगी। परीक्षा में दो पेपर होंगे। पहले में हिंदी और अंग्रेजी में स्पीड का टेस्ट होगा। दो पेपर 5-5- मिनट व 25-25 मार्क्स के होंगे। दूसरा पेपर एफिशिएंसी टेस्ट का होगा। दस मिनट के इस टेस्ट के कुल 50 अंक होंगे। दोनों में 22.50-22.50 अंक प्राप्त करने होंगे।

फैक्ट फाइल - इस भर्ती में कनिष्ठ न्यायिक सहायक के 268, कनिष्ठ सहायक के 18 और लिपिक ग्रेड द्वितीय के 1125 पद हैं। इसकी योग्यता लॉ ग्रेजुएट व कंप्यूटर ज्ञान है। हाईकोर्ट की वेबसाइट https://hcraj.nic.in से ऑनलाइन आवेदन संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश प्राप्त किए जा सकते हैं।

पहले चरण में ये आएगा

हिंदी में संधि, संधि के भेद, संधि विच्छेद, समास, समास के भेद, विग्रह, सामासिक पदों की रचना, उपसर्ग, प्रत्यय व अन्य, अंग्रेजी में इंप्रूवमेंट ऑफ सेंटेंस, टेंस, एक्टिव एंड पैसिव वॉइस सहित अन्य सामान्य ज्ञान में करंट अफेयर्स, भूगोल, प्राकृतिक संसाधन, राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति पूछे जाएंगे।

जयपुर। हाईकोर्ट की ओर से कनिष्ठ न्यायिक सहायक, कनिष्ठ सहायक व लिपिक ग्रेड द्वितीय की आवेदन प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। 1411 पदों पर 30 मार्च से यह प्रक्रिया शुरू होनी थी। हालांकि सिलेबस जारी हो चुका है। पहले चरण में लिखित व दूसरे में गति और दक्षता परीक्षा होगी। पहले चरण के पेपर में 3 पार्ट होंगे। दो घंटे का पेपर कुल 300 अंकों का होगा।


इतने छात्र सरकारी व निजी स्कूलों में

आरटीई में पहली से आठवीं तक के बच्चों को फेल नहीं करने का प्रावधान है। इन कक्षाओं में ग्रेड देकर पास कर दिया जाता है। सरकार के पास प्रमाेट करने के साथ ही नया सेशन देरी से शुरू करने का भी ऑप्शन है।


कक्षा सरकारी निजी

माध्यमिक शिक्षा 1 से 5 तक 12,86,924 23,92,187

माध्यमिक शिक्षा 6 से 8 तक 12,50,680 13,89,679

प्रारंभिक शिक्षा 1 से 8 तक 33,05,095 34,98,406

कुल 58,42,701 72,80,272

अजमेर। कोरोना संक्रमण के चलते पैदा हुई नई स्थितियों को देखते हुए सीबीएसई की कक्षा 10वीं व 12वीं की शेष परीक्षाएं भी आगे बढ़ सकती हैं। सीबीएसई ने फिलहाल 31 मार्च तक इन परीक्षाओं को स्थगित किया हुआ है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम भी रुका है। सीबीएसई ने 18 मार्च को ही कोरोना संक्रमण को देखते हुए 31 मार्च तक 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं स्थगित करने की घोषणा की थी। अजमेर रीजन में ही कक्षा 10वीं व 12वीं के करीब 2 लाख छात्र हैं। ये सब छात्र परीक्षा की नई तारीखाें का इंतजार कर रहे हैं। देश में 21 दिन के लॉकडाउन के कारण अब नई तारीखें 14 अप्रैल के बाद ही तय हो पाएंगी। 14 अप्रैल के कुछ दिनों बाद भी अगर सीबीएसई अपनी शेष परीक्षाओं का आयोजन करता है तो अप्रैल का पूरा माह ही परीक्षा में निकल जाएगा। इसके बाद शिक्षकों के सामने कॉपियों को समय पर जांचने की चुनौती होगी।

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