‘मेरा सलाम ले जा, दिल का पयाम ले जा...’

Pali News - मुझे बेटा बुलाती थीं, उन्हें अंतिम विदाई नहीं दे पाया ‘निम्मी जी मेरे पिता मुराद साहब की साथी थीं और दोनों ने...

Mar 27, 2020, 06:51 AM IST
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मुझे बेटा बुलाती थीं, उन्हें अंतिम विदाई नहीं दे पाया

‘निम्मी जी मेरे पिता मुराद साहब की साथी थीं और दोनों ने ‘आन’ और ‘अमर’ जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया। हमारे पारिवारिक संबंध थे उनके शौहर अली राजा भी मेरे पिता के बेहद अच्छे दोस्त थे। मुझे याद है कि जब 1963 में उनकी शादी हुई थी तो उसमें मेरा पूरा परिवार शामिल हुआ था। वो मुझे बेटा कहकर बुलाती थी और मेरे सर पर हाथ फेरती थीं और आज मैं उन्हें लॉकडाउन की वजह से अंतिम विदाई तक नहीं दे पाया। अपने कॅरिअर के दौरान निम्मी जी ने बहुत ही अच्छी फिल्मों में काम किया और उनमें से जो मेरी फेवरेट है उसका नाम है ‘आन’, जिसमें में उन्होंने एक गांव की लड़की मंगला का राेल निभाया था। मैं उनसे जब मिलता हमेशा मंगला कहकर ही पुकारता था। एक बार मुझे पता चला कि पाकिस्तान में एक डैम बनवाया गया है जिसका नाम है मंगला डैम तो मैंने उन्हें कॉल करके इस बारे में बताया था और फिर उनसे घंटों चर्चा की थी। वे काफी समय से बीमार चल रही थी लेकिन इस बीच भी मैं समय निकालकर उनसे मिला करता था। आज दुख है कि उन्हें आखिरी बार नहीं देख पाया।’

मैं तो उनका फैन था, पर वो भी मेरी फैन निकलीं

- प्रेम चोपड़ा

‘पहली बार मैं निम्मी जी से महाबलेश्वर में मिला था। जहां वे अपने शौहर के साथ कुछ वक्त बिताने आई थीं और मैं एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में गया था। जब मैं उनसे पहली बार मिला तो उन्होंने वह मुझसे बहुत आत्मीयता से मिली और साथ ही जब मैंने उन्हें यह बताया कि मैं उनके काम का बहुत बड़ा फैन हूं तो उन्होंने पलटकर कहा कि वह भी मेरे काम को बहुत पसंद करती है और मेरी फैन हैं। निम्मी जी को शेरो-शायरी का बहुत शौक था और क्योंकि यह मुझे भी काफी पसंद है तो हम दोनों ने काफी शेरो-शायरियां की और उसके बाद एक दूसरे से वादा किया कि आगे भी इसी तरीके से मिलते रहेंगे। एक दूसरे के घर आते जाते रहेंगे। हालांकि आगे हमारी मुलाकात कभी हो नहीं पाई। हम अक्सर सोशल गैदरिंग में या किसी इवेंट पर मिलते थे । वे एक मंजी हुई अदाकारा थी और अपने फिल्मी कॅरिअर में उन्होंने कई हिट फिल्में दीं। मेरी वाइफ को भी निम्मी जी बहुत पसंद करती थीं।’

‘मेरा सलाम लेजा, दिल का पयाम ले जा...’ गुजरे जमाने की मंझी अदाकारा निम्मी की फिल्म का यह गाना उनकी अंतिम विदाई पर सटीक बैठता है। लंबे समय से बीमार चल रहीं निम्मी (नवाब बानो) ने बुधवार शाम मुंबई में अंतिम सांस ली। उनका नाम नवाब बानो से निम्मी राज कपूर ने रखा था। उनसे गहराई से जुड़े दो अभिनेताओं ने दैनिक भास्कर से उनकी जुड़ी यादों को शेयर किया।

यादों में निम्मी: 88 वर्ष की उम्र में बॉलीवुड की वेटरन एक्ट्रेस ने ली आखिरी सांस

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