परचूनी की दुकानों पर उमड़ी भीड़, गलियाें में खेला क्रिकेट, बिना वजह घूम रहे लाेगाें को पुलिस ने दी हिदायत, 30 वाहन जब्त

Kishangarh News - कोराेना से बचाव की खातिर प्रशासन द्वारा बार-बार अपील जारी करने के बावजूद लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।...

Mar 27, 2020, 08:35 AM IST

कोराेना से बचाव की खातिर प्रशासन द्वारा बार-बार अपील जारी करने के बावजूद लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। धारा 144 में एक साथ पांच लोगों से अधिक एकत्रित नहीं होने और एक मीटर के फासले में खड़े होने के विपरीत गुरुवार को किशनगढ़ के गांधीनगर क्षेत्र में चुंगी के पास एक परचूनी की दुकान जैसे ही खुली वहां लोगाें की भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानदान ने सामान लेने के लिए लाइन लगाकर आने को कहा तो भी लोगों ने एक मीटर का फासला नहीं रखा। गली मोहल्लों में भी बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आए। इनके साथ-साथ बेवजह घूम रहे लोगों की भी पुलिस ने धुनाई की और 30 वाहनों को जब्त किया।

हाइवे पर भी पूरी तरह से सन्नाटा रहा। हमेशा वाहनों की रेलमपेल के बीच अब इन हाइवे पर दूर-दूर तक कोई वाहन नजर आता दिखाई नहीं दे रहा। लॉक डाउन के चलते बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तीनों ही जगह सेवाएं बंद है।

लॉकडाउन के पांचवें दिन सुबह जरूरी सामान की खरीदारी के लिए दुकानों के बाहर सड़क तक लंबी कतारें नजर आई। सामान खरीदने में जरूरत लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। कोरोना से महा मुकाबला कर रहे लोगों ने गुरुवार को सोशल डिस्टेंसिंग रखकर खुद को भीड़ से दूर रखने का प्रयास किया। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद आखिर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब समझ में आ गया। गुरुवार को सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। 11 बजे बाजार पूरी तरह बंद हो गए। सिर्फ मेडिकल स्टोर और अस्पताल ही खुले नजर आए। सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। जो आने जाने वालों से पूछताछ कर रहा था। अजमेर पुलिस लाइन से भी अलग से जाप्ता बुलवाया गया। लॉक डाउन के तहत प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं के खुलने का समय निर्धारित कर दिया। गुरुवार से सुबह 7 से 9 दूध की दुकान और 9 से 11 परचूनी और फल सब्जी की दुकानें खोली गई। सुबह से लोग दूध और सामान खरीदने के लिए घरों से बाहर पहुंच गए। एक घर से एक जिम्मेदार व्यक्ति बाहर निकला और परचूनी की दुकान के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए निश्चित दूरी पर खड़ा हो गया। लोगों ने मुंह पर मास्क और रूमाल बांध रखा था।

श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुले मंदिर

किशनगढ़ शहर के सभी धार्मिक स्थल कोरोना के चलते बंद है। नवरात्रा का दूसरा दिन होने की वजह से शहर के सभी मंदिरों में रोजाना की तरह पूजा अर्चना तो हुई लेकिन श्रद्धालुओं के दर्शनों पर रोक रही। पूजा के बाद मंदिरों के कपाट पूरी तरह बंद कर दिए गए।
गली-मौहल्लों में मौजूद छोटे मंदिरों को भी बंद रखा गया है। शहर में माताजी के प्रसिद्ध आसन टेकरी काली माता मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर, पीटीएस स्थित माता मंदिर, हरमाड़ा के बुहारु पहाड़ी पर स्थित 300 साल पुराना अन्नपूर्णा माता मंदिर और छिर्र बालाजी स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए रोक लगा दी गई हैं। प्रसिद्ध खोड़ा गणेश मंदिर भी बंद कर दिया गया। ऐसे में लोग अपने घरों पर रहकर ही पूजा कर रहे हैं।

इस संकट की घड़ी में महंगे दामों में ना बेचे सामग्री : सांसद

कोरोना वायरस के संकट का सामना कर रहे उपखंड वासियों से दुकानदारों द्वारा कालाबाजारी कर महंगे दामों में सामग्री बेचने की शिकायत पर सांसद ने भागीरथ चौधरी ने सभी दुकानदारों से निर्धारित मूल्य में सामान की बिक्री करने की अपील की है|सांसद चौधरी ने सभी किराणा व्यापारी, खाद्य वस्तुओं का वितरण और व्यापार करने वाले थोक व खुदरा व्यापारियों से अपील की है कि वे इस संकट के दौर में अपना योगदान समाज के लिए दें। चौधरी ने कहा कि मुफ्त खाद्य न्यूनतम पैकेट बांटने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि 90 प्रतिशत जनसंख्या आप पर ही निर्भर है। सांसद ने दुकानदारों से निर्धारित मूल्य में सामग्री बेचने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि जनता को परेशान करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के आदेश के बावजूद बढ़ी कालाबाजारी दोगुने दामों में बिक रहा है सामान, जनता परेशान

लॉकडाऊन की वजह से 21 दिन के लिए घरों में दुबके लोगों के लिए कालाबाजारी ने संकट खड़ा कर दिया है। दुकानदारों द्वारा दुगुनी दरों में सामग्री बेचने की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट गड़बड़ाने लगा है। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने सुबह 7 से 9 बजे तक दूध की दुकानें, 9 से 11 बजे तक परचूनी की दुकानें और सब्जी के ठेले लगाने की अनुमति दी थी। लोग अपने घरों से खाने पीने का सामान और दूध लेने के लिए पहुंचना शुरू हो गए। लंबी कतारों के बीच खड़े लोगों से दुकानदारों ने हर सामग्री दुगुनी कीमत पर बेचना शुरू कर दिया। इसको लेकर कई जगह लोगों ने दुकानदारों के सामने नाराजगी जताई। लेकिन दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। सूत्रों का कहना है कि दुकानदार आगे से ही महंगे दामों में सामान आने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते है। ऐसे में निर्धारित बजट के अनुसार एक सप्ताह की सामग्री लेने निकले लोगों को महज तीन से चार दिन का सामान ही मिल पा रहा है। हाल ही में प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए रेट लिस्ट जारी कर दुकानदारों को निर्धारित कीमत में सामग्री देने के निर्देश दिए थे। ज्यादा सामग्री वसूलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

बारिश ने बढ़ाई प्रशासन और काश्तकारों की चिंता, खेतों में खड़ी फसल के खराबे की आशंका

किशनगढ़/हरमाडा| कोरोना वायरस से मुकाबला कर रहे उपखंड वासियों के लिए मौसम में हो रहा बदलाव संघर्ष और बढ़ा रहा है। गुरुवार को अचानक सुबह बादलों की आवाजाही के आधे एक घंटे हुई बारिश ने डॉक्टरों, प्रशासन और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज धूप और तापमान में बढ़ोतरी में कोरोना के खत्म होने के इंतजार में सभी मौसम खुला रहने की उम्मीद लगाए बैठे है। लेकिन गुरुवार को बारिश से तापमान में गिरावट के साथ ही नमी बढ़ गई। सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। इस मौसम में किसी भी वायरस के बढ़ने की संभावना चार गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होने की वजह से मौसमी बीमारियों के रोगियों की संख्या फिर से बढ़ेगी। अस्पतालों में आउटडोर का दबाव बढ़ेगा। ऐसे में कोरोना की जंग और कठिन हो सकती है। बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। इससे फसलों के खराब होने की संभावना ज्यादा है।

जानकारी के अनुसार 8 बजे से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। सुबह 10 बजे हल्की रिमझिम हुई जो दस मिनट में रुक गई। इसके बाद सुबह 11.30 से 12 बजे तक बारिश हुई। आधे घंटे की बारिश से सड़कें तरबतर हो गई। लॉक डाउन के चलते सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों को बारिश से बचने के लिए इधर उधर भागना पड़ा। बारिश के बाद हर कोई ईश्वर से तेज धूप और तापमान में बढ़ोत्तरी की प्रार्थना करता नजर आया। ताकि कोरोना वायरस खत्म हो सके। जानकारों का कहना है कि तेज धूप और तापमान में बढ़ोत्तरी पर कोरोना वायरस अपने आप खत्म हो जाएगा। कोई भी वायरस तेज गर्मी और तापमान को सहन नहीं कर सकता। गर्मियों में लू के थपेड़े और गर्म हवाएं इन वायरस को खत्म करने में बहुत लाभदायक रहती है। लेकिन बारिश होने से नमी बढ़ जाती है, संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। इसी तरह बारिश से किसानों को भी फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।

बदलते मौसम के कारण काश्तकारों की बड़ी चिंता : अचानक मौसम में आए बदलाव के चलते व गुरुवार को हुई बरसात के कारण काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है। इन दिनों खेतों में खड़ी फसल पकने के कगार पर है। लॉक डाउन के चलते काश्तकार खेतों में भी जाने से डर रहे हैं। ऐसी स्थिति में बरसात अब और आई तो पकी पकाई फसल खराब हो सकती है। वहीं जिन काश्तकारों ने समय रहते फसल निकाल ली है वह चैन की सांस लेते नजर आ रहे हैं। गनीमत रही कि गुरुवार को करीब 10-15 मिनिट तक ही बरसात हुईं। अगर थोड़ी देर ओर होती तो गेहूँ, चने, जौ, की फसल को नुकसान होता।

कीमत से ज्यादा राशि वसूल रहे हैं दुकानदार

वस्तु का नाम खुदरा बिक्री दर इतने में बेच रहे हैं

चावल उत्तम 31 से 36 रुपए प्रति किलो 51 से 60 रुपए

चावल साधारण 21 से 25 रुपए प्रति किलो 41 से 50 रुपए

मसूर दाल 55 से 60 रुपए प्रति किलो 71 से 80 रुपए

अरहर दाल 90 से 92 रुपए प्रति किलो 110 से 120 रुपए

चना दाल 68 से 70 रुपए प्रति किलो 91 से 100 रुपए

आटा 27 से 28 रुपए प्रति किलो 40 से 50 रुपए

चीनी 38 से 40 रुपए प्रति किलो 71 से 80 रुपए

सरसों तेल 110 से 115 रुपए प्रति किलो 131 से 140 रुपए

नमक 12 से 15 रुपए प्रति किलो 25 से 30 रुपए

सोयाबीन 80 से 82 रुपए प्रति किलो 100 से 110 रुपए

चूड़ा 30 से 32 रुपए प्रति किलो 51 से 60 रुपए

आलू 17 से 19 रुपए प्रति किलो 30 से 40 रुपए

प्याज 20 से 22 रुपए प्रति किलो 40 से 50 रुपए

सूजी 30 से 32 रुपए प्रति किलो 50 से 60 रुपए

मैदा 30 से 32 रुपए प्रति किलो 40 से 50 रुपए

बेसन 80 से 100 रुपए प्रति किलो 130 से 140 रुपए

ना बच्चों में कोरोना का खाैफ ना ही अभिभावकों की कोई रोक।**

बिगड़ न जाए हालात : लोग सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं कर रहे पूरा अनुसरण, बेमौसम बरसात ने भी बढ़ाई परेशानी

लॉकडाउन में सूनी पड़ी सड़कें जो बारिश से हो गई तर।**

हरमाड़ा-तिलोनिया- बारिश से खेतों में तैयार फसल खराबे का बढ़ा खतरा।

फल-सब्जी से लेकर सभी सामग्री मिल रही है महंगी, लोगों का बजट गड़बड़ाया

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