अांध्रप्रदेश से केले का ट्रक लेकर रवाना हुए थे, भूख से बेहाल श्रीगंगानगर पहुंचे

Shriganganagar News - काेराेना वायरस के संक्रमण पर राेक लगाने के लिए 22 मार्च काे एक दिन के जनता कर्फ्यू अाैर अब 21 दिन के भारत लाॅकडाउन...

Mar 27, 2020, 09:55 AM IST

काेराेना वायरस के संक्रमण पर राेक लगाने के लिए 22 मार्च काे एक दिन के जनता कर्फ्यू अाैर अब 21 दिन के भारत लाॅकडाउन में भले जरूरी सेवाएं बहाल रखने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन यह काम अासान नहीं है। नाेखा निवासी पूनमचंद अपने खलासी के साथ केलाें से भरा ट्रक लेकर 9 दिन में लेकिन बड़ी मुश्किल यहां पहुंचा। पूनमचंद अाैर उनके साथी खालसी का भूख के मारे बुरा हाल हाे गया। उन्हें रास्ते में ज्यादा मुश्किल यही अाई कि खाने के लिए एक जगह ही भाेेजन मिला। सुनसान सड़कें, कहीं काेई हाेटल खुला नहीं, बार-बार की पूछताछ के कारण उन्हें यहां तक पहुंचने में 9 दिन लग गए।

पूनमचंद ने बताया कि अांध्रप्रदेश से लेकर यहां तक उन्हाेंने इस समस्या काे भांपते हुए एक बार में पानी की अाठ दस बाेतलें इकट्ठी भर ली। इसलिए पेयजल की ज्यादा परेशानी नहीं हुई। रास्ते में एक दाे जगह सार्वजनिक टाेंटियां चलती हुई मिल गई ताे पानी फिर भर लिया, लेकिन भूख के मारे बेहाल हाे गए। उन्हें राजस्थान में इंट्री से पहले एक जगह सड़क पर लगभग मध्यरात्रि में एक हाेटल खुला मिला, जहां से राेटियां ली। नाेखा अाने से पहले घर पर फाेन किया ताे प|ी ने बताया कि गाेवंश के लिए चारा खत्म हाे गया। घर में सात अाठ गायें अाैर बछड़े हैं। गाेप्रेमी पूनम ने रूअांसा हाेकर कहा कि गायाें के लिए चारे की व्यवस्था करनी ही पड़ेगी।

पूनम के हाथ में नमक मिर्च मिली राेटी अाैर दूसरे हाथ में पानी का गिलास था। गिलास से राेटी का टुकड़ा गले में सरकाते हुए कहा कि यहां तक पहुंच ताे गए लेकिन अब नाेखा पहुंचना ही मुश्किल हाे रहा है। पूनम ने बताया कि उसका एक साथी ट्रक वाला अभी तक मध्यप्रदेश में अटका हुअा है।

पूनम के अनुसार कहने काे खाद्य अाैर अापूर्ति बहाल रखी गई है, लेकिन यह ट्रक चालकाें के लिए परीक्षा की घड़ी है।

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