उद्यमियों के मुंह पर ताले लगे थे, बजाज बोले तो हिम्मत आई : सीएम

Jaipur News - छोटे-बड़े व्यापारी बर्बाद हो रहे, सबको खुलकर बोलना चाहिए जयपुर | मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मिस्टर राहुल...

Dec 04, 2019, 09:47 AM IST
छोटे-बड़े व्यापारी बर्बाद हो रहे, सबको खुलकर बोलना चाहिए

जयपुर | मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मिस्टर राहुल बजाज के बोलने के बाद उद्यमी खुलकर बोलने लगे हैं। वरना सब उद्यमियाें के मुंह पर ताले लगे हुए थे। देश के गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बजाज ने बहुत बोल्डली जो बात कही है, उससे मैं उम्मीद करता हूं कि माेदी सरकार की आंखें खुलेंगी।

सरकार में सोच पैदा होगी कि देश और अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रहे हैं। मीडिया से बातचीत में मंगलवार काे सीएम ने कहा कि राहुल बजाज उन स्वर्गीय जमनालाल बजाज के पोते हैं, जाे महात्मा गांधी के शिष्य थे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष थे। फ्रीडम फाइटर थे, जिन्होंने सेवाग्राम आश्रम बनाया। उनके पोते से देशवासियों काे एेसी ही उम्मीद की जाती थी।

छोटे-बड़े व्यापारी बर्बाद हो रहे थे, उद्यमी बर्बाद हो रहे थे। राहुल बजाज और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने देश के संकट में अाने काे लेकर कच्चा चिट्ठा पेश किया। देश अाज संकटग्रस्त हो चुका है। मैं साधुवाद देता हूं राहुल बजाज को और उम्मीद करता हूं कि जाे माहौल देश में बना है उसमें सुधार आएगा और देश का भला होगा। अब सबको खुलकर बोलना चाहिए।

गत शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एक कार्यक्रम में उद्योगपति राहुल बजाज ने कहा था कि देश में खौफ का माहौल है। लोग सरकार की आलोचना करने से डर रहे हैं।



क्योंकि लोगों में ये यकीन नहीं है कि उनकी आलोचना को सरकार में किस तरह से िलया जाएगा। उन्होंने भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर काे लेकर भी सवाल खड़ा किया था। इस पर गृह मंत्री शाह ने कहा था कि सरकार पारदर्शी तरीके से काम कर रही है। किसी काे डरने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भामाशाह की जो स्कीम थी, उसमें बहुत करप्शन हो रखा था तो उसकाे बदलकर आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य बीमा योजना नाम हुआ है।







इसमें एक भी व्यक्ति का लाभ कम नहीं होगा, बल्कि 10 लाख अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। पहले एक करोड़ काे लाभ मिल रहा था, अब 1.10 कराेड़ काे मिलेगा। मैं कह सकता हूं कि देश में राजस्थान के अलावा फ्री टेस्ट कहीं नहीं हो रहे। राजस्थान सरकार ने दवाइयां फ्री कर रखी हैं। इसके लिए ही मैंने राइट टू हैल्थ कहा। जिस प्रकार सोनिया गांधी और डॉक्टर मनमोहन सिंह नरेगा लाए थे। इसके तहत कानून बनाकर रोजगार का अधिकार मिला। लोगों को शिक्षा का अधिकार मिला। फूड सिक्योरिटी का एक्ट लाए तो भोजन का अधिकार मिला, सूचना का अधिकार मिला। उसी रूप में स्वास्थ्य का अधिकार मिले यह मैं चाहूंगा कि अल्टीमेटली केंद्र सरकार खुद आगे आए अाैर पार्लियामेंट में कानून पास करे।

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