हकीकत: कई बस्तियाें में अभी न मास्क पहुंचे और न ही खाना

Shriganganagar News - काेराेना वायरस के चलते जिलेभर में धारा 144 लगी हुई है। प्रशासन अामजन काे घराें में रहने की सलाह दे रहा है। इस सब के...

Mar 27, 2020, 09:52 AM IST

काेराेना वायरस के चलते जिलेभर में धारा 144 लगी हुई है। प्रशासन अामजन काे घराें में रहने की सलाह दे रहा है। इस सब के बीच बहुत से परिवार एेसे हैं जहां इन दिनाें राेजगार नहीं अाने से घराें में भाेजन नहीं बन पा रहा। अब तक प्रशासन की मदद भी नहीं पहुंच पाई।

नई धानमंडी में शैड के नीचे बैठे चाैकीदार फूलचंद का कहना था कि वह परेशानी में है। यहां ना ताे काेई खाने की व्यवस्था है न कहीं से मदद अा रही है। दूर जाकर खाना बनाने के लिए राशन लाना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा लगातार दावे किए जा रहे हैं कि हर जररूतमंद तक खाना सहित अन्य जरूरत की सामग्री पहुंचाई जा रही है। जबकि हकीकत यह है कि अभी तक बहुत से लाेगाें तक मदद नहीं पहुंच पाई। न ही सेनीटाइजर व मास्क मिले। भास्कर टीम ने गुरुवार काे शहर में विभिन्न जगहाें पर झुग्गी झाेपड़ियाें व खुले में रहे लाेगाें का दर्द सुना। शहर के वार्ड 57, 58, 59 व 62 में कच्ची बस्तियां है। यहां लाेग दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार पाल रहे हैं। जहां अभी मदद पहुंचाने की जरूरत है।

अग्रसेन थर्ड स्कीम, अाश्वासन मिला, खाना नहीं:: सेक्रेड हार्ट स्कूल मार्ग पर अग्रेसन थर्ड स्कीम। यहां करीब हजार से 12 साै लाेगाें की कच्ची बस्ती है। अधिकतर महिलाअाें व पुरुषाें का कहना है कि दाे दिन में कुछ लाेग जरूर अाए, अाश्वासन दिया कि चिंता मत करना खाने की व्यवस्था कर रहे हैंं। लेकिन खाना या राशन देने काेई नहीं अाया।

वहीं, समाजसेवी जयदीप बिहाणी ने अपील की है कि शहर के 65 पार्षद इसके लिए आगे आएं। वे वार्डों के घरों में जाकर रोटी-सब्जी इकट्‌ठी कर इन गरीबों तक पहुंचाएं। इससे गरीब लोगों को भूखा नहीं सोना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वे अपनी ओर से भी हर रोज 500 पैकेट इन लोगों को उपलब करवाएंगे।

कंट्रोल रूम लाइव: सवाल, दूसरे शहर कैसे जाएं, पुलिस ने गाड़ी सीज कर दी, सिलेंडर नहीं अाया

श्रीगंगानगर. काेराेना वायरस काे फैलने से राेकने के िलए किए गए लाॅक डाउन के बीच घरांे में कैद हुए लाेगाें की मदद के लिए जिला प्रशासन की अाेर से गठित किए गए नियंत्रण कक्ष में हर मिनट फाेन की घंटी बज रही है। एक बार फाेन उठाने के बाद सामने वाले काॅलर की बात सुनने अाैर उसकाे संतुष्ट करने में कम से कम अाैसतन एक मिनट का समय लग ही जाता है। भास्कर संवाददाता जब यहां माैके पर पहुंचे ताे समय दाेपहर के 12 बजे का था। सुबह की पारी के प्रभारी कृषि विभाग के उप निदेशक जीअार मटाेरिया कंट्राेल रूम में माैजूद मिले। उन्हाेंने बताया कि तीन तरह के काॅल ही अधिकतम अा रहे हैं। सबसे अधिक ताे लाेग अपने परिवार के सदस्य जाे बाहर दूसरे शहराें में फंस गए हैं,उनकाे वापस घर लाने के तरीके पूछ रहे हैं। इन लाेगाें काे बताया जा रहा है िक अाॅफलाइन तहसील कार्यालय में अथवा अाॅनलाइन अपने स्मार्ट फाेन से ही http://ganganagar.co.in/passentry/index.php लिंक पर अावेदन कर सकते हैं। हालांकि अगर अापकाे शहर से बाहर जाना है ताे जिस वाहन पर जाना है उसका नंबर अाैर चालक का नाम भी अावेदन के समय बताना हाेगा। दूसरे नंबर पर अधिक फाेन अा रहे हैं उन लाेगाें के जिनके पुलिस ने चालान काट दिए अथवा सीज कर दिए। तीसरे तरह के फाेन उन लाेगाें के अा रहे हैं जिनके यहां सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई अथवा सब्जी/ राशन खरीदने बाहर जाना चाहते हैं। कंट्रोल रूम में नागरिक सुरक्षा विभाग के तीन स्वयं सेवक अाैर तीन कर्मचारी कलेक्ट्रेट के रोटेशन में डयूटी कर रहे हैं।


समाजसेवी बिहाणी बोले- सभी 65 पार्षद वार्ड के घरों से रोटी-सब्जी एकत्र कर गरीबों को दें

कोरोना के संकट में थोड़ा हंस लें

भास्कर ने गुरुवार काे शहर के विभिन्न इलाकाें में जाकर झुग्गी झाेपड़ियाें में रह रहे लाेगाें के हाल जाने

भाेजन दूर अाज तक मास्क भी नहीं बंटे: वार्ड 62 में बीते दिनाें पार्षद व कुछ सहयाेगियाें की मदद से दवा का छिड़काव कराया गया। इस दाैरान लाेगाें से घराें में ही रहने की अपील की थी। पार्षद किशनलाल चाैहान का कहना है कि वार्ड 62 के साथ ही वार्ड 57,58 व 59 में कच्ची बस्तियां है। प्रशासन ने अाज तक न ताे खाने की ही काेई व्यवस्था की अाैर न ही मास्क, सेनीटाइजर बांटे गए।


जिला अस्पताल के पास कच्ची बस्ती, सभी परेशानी में: जिला अस्पताल व यूअाईटी राेड के बीच कच्ची बस्ती है। यहां करीब 300 लाेग परिवार सहित रह रहे हैं। इस मार्ग से गुजर रहे हर व्यक्ति पर नजर बनाए रहते हैं शायद काेई खाना दे जाए। बस्ती में रह रहे सुभान, फूलचंद, काली सहित अन्य ने बताया कि बुधवार रात कुछ लाेग खाना देने अाए, लेकिन अधिकतर तक नहीं पहुंचा। काम धंधा न हाेने से राशन का सामान भी नहीं है।

मंडी में आने से नहीं मान रहे लोग, आज से लोगों की एंट्री बंद की

सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए शुक्रवार कृषि उपज मंडी समिति फल सब्जी में आम ग्राहकों क एंट्री बंद रहेगी। रेहड़ी वाले मोहल्लों में ही जाकर फल व सब्जियां बेचेंगे। कृषि विपणन विभाग के संयुक्त सचिव डीएल कालवा, मंडी समिति के सचिव लाजपतराय खुराना की सीओ सिटी इस्माइल खान व कोतवाली एसएचओ गजेंद्र सिंह जोधा के साथ हुई बैठक में नई व्यवस्था तय की गई। अब कृषि उपज मंडी समिति के दो गेट विनोबा बस्ती साइड और हनुमान प्रतिमा की तरफ गेट नंबर तीन खुला रहेगा। यहां दो-दो गार्ड लगाए जाएंगे। जो सिर्फ सब्जी लेकर आए किसानों और खरीददार दुकानदार व रेहड़ी वालों को ही एंट्री देंगे। रेहड़ी वाले मंडी प्रांगण में फसल सब्जी नहीं बेच सकेंगे। वे मोहल्लों में जाकर लोगों को फसल व सब्जियां बेचेंगे।

ये कैसी लापरवाही

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