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लॉकडाउन में तैयार फसल नहीं निकाल सके किसान, बारिश से ईसबगोल, जीरा व गेंहू में ‌2.5 अरब से ज्यादा का नुकसान

Nagour News - देशभर में चल रहे लॉकडाउन के चलते जिले के किसान खेतों में अपनी तैयार फसल भी नहीं निकाल पा रहे हैं। इस बीच जिले में...

Mar 27, 2020, 09:00 AM IST

देशभर में चल रहे लॉकडाउन के चलते जिले के किसान खेतों में अपनी तैयार फसल भी नहीं निकाल पा रहे हैं। इस बीच जिले में पिछले 36 घंटो से हो रही कभी हल्की तो कभी तेज बारिश से खेतों में तैयार काटी फसलों में खराबा हुआ है। एक मोटे अनुमान के अनुसार इस बारिश से जिले के सभी किसानों को चार अरब से ज्यादा रुपए का नुकसान हुआ है। उधार के पैसों से बीज व खाद खरीद और कर्ज लेकर निराई गुड़ाई व फसल कटाई का कार्य करवाने वाले किसानों की कोरोना व बारिश जैसी प्राकृतिक आपदा ने कमर तोड़कर रख दी है। कृषि विभाग के कुचामन कलस्टर सहायक निदेशक रेखा कुमावत ने बताया कि बारिश से कुचामन क्षेत्र में अनुमानित 30 से 40 प्रतिशत फसलों में नुकसान हुआ है। वहीं, मेड़ता कलस्टर के अणदाराम ने बताया कि ईसबगोल की फसल में 50 फीसदी नुकसान हुआ है। डीडवाना में 4 एमएम, कुचामन में 7 एमएम बारिश दर्ज की गई। उधर, अन्य जिलों से आए 673 लोगों को गुरुवार काे होम आइसोलेट किया है। अब जिले में होम आइसोलेट की संख्या बढ़कर 1717 तक पहुंच गई है। एक संदिग्ध का सेंपल जांच के लिए भेजा है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसान हेल्पलाइन नंबर 18002660700 पर 72 घंटे में कभी भी अपनी रिपोर्ट दर्ज करवा सकते है।

किसानों का दावा- दो माह में दो बारिश से 70% फसलें तबाह

किसानों ने बताया कि पिछले दो माह में फसलों में करीब 70 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। आरोप है कि अधिकारी सूचना के बाद भी गिरदावरी रिपोर्ट तक तैयार नहीं कर रहे। मारवाड़ बालिया के मगनराम, राजूराम खीचड़, जीवणराम, नौला राम, कानाराम आदि ने बताया कि खेतों मेंे फसलों की कटाई का कार्य चल रहा है। मगर कोरोना के चलते मजदूर खेत नहीं जा रहे इसलिए फसल निकाल नहीं पाए और अब बारिश ने उम्मीदें तोड़ दी हैं।

गांव जाने की अनुमति में मां की बीमारी व बच्चों का नाम ज्यादा

काेराेना वायरस के चलते लॉकडाउन में भी लोग यात्रा करने से नहीं चूक रहे हैं। परिवहन विभाग के पास अब तक 240 ऑनलाइन आवेदन आ चुके हैं। लेकिन लॉकडाउन कोे देखते हुए 34 आवेदन ही स्वीकार किए गए हंै।

जाे अावेदन प्राप्त हुए हंै उनमें विवाह समारोह में शामिल होने जैसे कारण भी शामिल हंै। इसके अलावा कई लोगों ने छुटि्टयां में बच्चों को गांव छोड़कर आने के भी आवेदन किए हैं। आवेदन करने वालों ने गांव में माता पिता के अकेला होने और उनकी देखभाल तक को कारण बताया है। परिवहन विभाग की ओर से पास जारी करने की व्यवस्था तीन दिन से चालू है। जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताते हंै कि लॉकडाउन में भी लोग बाहर निकल रहे हैं। केवल वे आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे हैंै जिनके अावेदन में गंभीर कारण हैं।

6 में से 5 रिपोर्ट नेगेटिव

कोरोना जांच के 6 में से 5 सैंपल गुरुवार को नेगेटिव आए है। इसके साथ ही एक सैंपल और लिया गया है। अब तक कुल 12 सैंपल लिए जा चुके है। वहीं क्वारेनटाइन पेशेंट भी 13 हो चुके है। इसके अलावा जिले भर में 6 वेंटिलेटर की सुविधा है। होम आइसोलेशन वालों की संख्या अब 1741 हो चुकी है। 135 एन-95 मास्क है। विदेश से आए स्थानीय लोगों की संख्या बढ़कर 6199 पहुंच चुकी है। सूचना संकलन के लिए कार्यालय के न्यायालय कक्ष में वॉर रूम का गठन किया गया। जिला मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार यादव ने बताया कि इसमें कई अधिकारियों की नियुक्ति की गई। टीम को निर्देशित किया है कि वह 26 मार्च सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थिति देंगे।

अकेले मेड़ता कलस्टर में ही ईस्बगोल में किसानों को डेढ़ अरब का नुकसान होगा मेड़ता कलस्टर में 13545 हैक्टेयर में इस्बगोल की बुवाई हुई थी। इसका जिले भर में करीब 17 हजार टन उत्पादन होना था। मगर पिछले माह हुई बारिश और ओलावृष्टि से करीब 20 फीसदी नुकसान होने से करीब 4 हजार टन उत्पादन कम होने की संभावना हो गई। सहायक निदेशक कृषि विस्तार अणदाराम का मानना है कि गुरुवार को दिन में हुई बारिश में 50 फीसदी नुकसान की संभावना है। इस नुकसान से अनुमानित 16 हजार टन का उत्पादन अकेले इस्बगोल में ही कम होगा। जिससे मेड़ता कलस्टर के किसानों को तीन की बजाय 1.40 अरब की ही आय होगी। वहीं गेंहू, जीरा व सौंफ की फसलो में भी किसानों को नुकसान हुआ है।


260

देश में

17

प्रदेश में

भावला से कोरोना संदिग्ध को पहुंचाया जायल

जायल. क्षेत्र में बारिश से खेतों में भारी नुकसान हुआ है बुधवार रात्रि में हुई बारिश में कई खेतों में पानी भर गया, जिससे जीरे व ईसबगोल की काट कर निकालने के लिए रखी फसलें तबाह हो गई।

बोई रबी की फसलें


कुचामन कलस्टर


बोई रबी की फसलें


मेड़ता

कलस्टर

कुचेरा | क्षेत्र में बाहर से आए संदिग्धों की जांच कर उन्हें आइसोलेशन पर भेजने का कार्य गुरुवार को भी जारी रहा। एंबुलेंस 108 द्वारा क्षेत्र के भावला से संदिग्ध को आइसोलेशन के लिए जायल सेन्टर पहुंचाया गया। चालक मनोहर पंडित व ईएमटी बसंत दाधीच ने बताया कि भावला निवासी एक व्यक्ति हाल ही में पुरी से लौटा है जिसको संदिग्ध लगने पर जायल पहुंचाया गया।

नागौर

05 सैंपल आए नेगेटिव

06 वैंटिलेटर की सुविधा

12 क्वारेनटाइन पेशेंट

कोराेना अपडेट

गेहूं 31214 62428

चना 23482 28178

रायड़ा 15795 15795

तारामीरा - -

जीरा 1892 1134

ईसबगोल 17181 20617

सौंफ 131 157

कुल बुवाई 128926

(आंकड़े पूरे कुचामन कलस्टर के हैं)

फसल बुवाई संभावित उत्पादन हेक्टेयर में टन में


गेहूं 13510 27020

चना 8864 8864

रायड़ा 8300 2760

जीरा 20055 12033

ईसबगोल 13545 16254

सौंफ 2600 2600

अन्य 26723 13361

कुल बुवाई 93597 (आंकड़े खींवसर, नागौर के अलावा हैं)

फसल बुवाई संभावित उत्पादन हेक्टेयर में टन में

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