होम डिलीवरी फेल; लोगों ने कॉल की तो जवाब मिले अभी शुरू नहीं, 1500 रु. से ज्यादा का माल तो भेजेंगे

Hanumangarh News - कोरोना से बचाव के लिए 14 अप्रैल तक पूरा देश लॉकडाउन है। ऐसे में गुरुवार से प्रशासन ने डोर-टू-डोर राशन पहुंचाने की...

Mar 27, 2020, 07:46 AM IST

कोरोना से बचाव के लिए 14 अप्रैल तक पूरा देश लॉकडाउन है। ऐसे में गुरुवार से प्रशासन ने डोर-टू-डोर राशन पहुंचाने की व्यवस्था भी शुरू की है। इसके तहत लोगों को एक फोन कॉल के जरिए राशन का सामान घर बैठे ही मुहैया हो सकेगा, लेकिन धरातल पर इसका असर दिख नहीं रहा है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने जो फोन नंबर उपलब्ध करवाएं हैं उनपर कॉल ही नहीं लग रही है। कोई नंबर स्विच ऑफ आ रहा है तो कोई नंबर पहुंच के बाहर बताता है। जिन नंबरों पर बात हुई उन्होंने कहा कि वे तभी राशन की होम डिलीवरी करेंगे जब राशन की कीमत 1500 अधिक होगी। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन एवं प्रदेश सरकार के अनुसार आमजन को जरूरी चीजों की किल्लत नहीं होगी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी लेकिन बाजार में कई जगहों पर राशन एवं सब्जी दोनों महंगी मिल रही है। ऐसे में लोगों के घरों तक ना तो राशन पहुंच रहा है और ना ही लोग घर से बाहर जाकर सामान ला पा रहे हैं।

यहां आमजन पर दोहरी मार - स्टॉक कम होने की वजह से बढ़े दाम: सब्जी मंडी में विक्रेता कम दामों पर सब्जी खरीद रहे हैं लेकिन आमजन को इसका फायदा नहीं। कई चीजों के दाम फुटकर में बढ़ गए हैं। जंक्शन स्थित कुछ विक्रेताओं ने टमाटर और आलू 40 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेचे जबकि इनके दाम 20 रुपए प्रतिकिलो से अधिक नहीं है। इसी तरह कई राशन की दुकानें ऐसी हैं जहां दाल-चीनी आदि 10 से 20 रुपए महंगी बेची जा रही है। राशन व्यापारियों के अनुसार होलसेल भंडारों पर दाम तेज हो गए हैं। नाम ना बताने की शर्त पर एक किराना व्यापारी ने बताया कि होलसेल भंडार के पास भी लिमिट का स्टॉक है। माल आ ही नहीं रहा और स्टॉक भी कम है। अगर ऐसा ही रहा तो आगामी दिनों में 10 से 15 रुपए दाम और ज्यादा बढ़ने की आशंका है।

गंगमूल डेयरी ने जंक्शन और टाउन डोर-टू-डोर दूध वितरण शुरू किया

गंगमूल डेयरी की तरफ से भी जंक्शन और टाउन में 2-2 गाडिय़ां लगाई हैं। ये गाडिय़ां जंक्शन और टाउन में सुबह 8 से 12 और शाम 4 से 8 बजे तक डोर-टू-डोर घूम कर दूध वितरण का कार्य करेंगी। एमडी पीके गोयल ने बताया कि गाड़ियों पर लगे माइक के ज़रिए अनाउंस भी किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को दूध लेने के लिए अपने घरों से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

इधर, वाट्सएप पर वाहन की अनुमति में प्रशासन फेल, आज से पोर्टल पर लेंगे आवेदन

वाट्सएप पर निजी वाहनों को अनुमति देने का जिला प्रशासन का प्लान दूसरे दिन ही फेल हो गया। इस बीच अब जिम्मेदार अधिकारी शुक्रवार से पोर्टल पर सबमिट होने वाले वाहन की अनुमति देने की बात कह रहे हैं। एसीपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि पोर्टल zilahanumangarh.in पर लिंक जोड़कर लॉकडाउन में निजी वाहन की इमरजेंसी में स्वीकृति देने की व्यवस्था की गई है। इसमें गूगल पर जाकर जैसे ही पोर्टल zilahanumangarh.in पर क्लिक करते हुए लिंक आएगा जिसमें अप्लाई फॉर व्हीकल परमिशन अंकित होगा। इस पर क्लिक करते ही आवेदन फार्म खुलेगा जिसमें मांगी गई सूचनाओं में वाहन का नंबर, यात्रा का कारण और संबंधित दस्तावेज अपलोड कर सबमिट किया जाएगा। आवेदन करते ही आवेदक को आवेदन नंबर मिलेगा जिसे उसको सुरक्षित रखना होगा। इस बीच आवेदन संबंधित अधिकारी के पास जाएगा। जिम्मेदार अधिकारी की ओर से आवेदन की जांच कर स्वीकृति या रद्द किया जाएगा। इसके बाद आवेदन की स्थिति जानने के लिए पोर्टल पर दिए गए एप्लीकेशन फॉर स्टेटस लिंक पर क्लिक करेगा जिस पर उसे आवेदन का नंबर और उसमें भरे गए मोबाइल नंबर की डिटेल देनी होगी जिस पर आवेदक यह जान सकेगा कि उसे आवेदन स्वीकृत या रद्द होने की जानकारी मिल सकेगी। वाहन की स्वीकृति मिलने पर संबंधित पोर्टल से कॉपी का प्रिंट निकाल सकेंगे। वहीं कॉपी का प्रिंट निकालने की सुविधा के अभाव में मोबाइल पर यात्रा के दौरान जांच के लिए रोके जाने पर संबंधित को ऑनलाइन दिखा सकेंगे। यहां बता दें कि पिछले दो दिनों में परिवहन विभाग और तहसील कार्यालय के वाट्सएप नंबर पर दो हजार से अधिक लोगों ने वाहन की स्वीकृति के लिए आवेदन किए। इसमें दोनों विभागों की ओर से करीब 270 को ही मंजूरी दी गई। इस बीच लोग परेशान होते रहे।

पड़ताल...भास्कर ने 4 नंबरों पर कॉल की, किसी ने उठाया नहीं तो कोई बोला आज मिटिंग होगी

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने को लेकर जंक्शन और टाउन के लोगों के लिए घर बैठे राशन और खाद्य सामग्री के मंगवाने की व्यवस्था की गई थी। इसमें एसडीएम कपिल यादव ने जंक्शन में तीन और टाउन में चार संस्थाओं को इसके लिए अधिकृत किया था। भास्कर पड़ताल में यह सामने आया कि जो नंबर प्रशासन ने उपलब्ध करवाएं हैं। उन नंबरों पर जब कॉल किया गया तो कुछ नंबर बंद थे, कुछ पर इनकमिंग नहीं थी, कुछ व्यस्त थे तो किसी ने कहा कि अभी तक होम डिलीवरी शुरू नहीं हुई है। जबकि संस्थानों को निर्देशित किया गया था कि वे फ़ोन पर ऑर्डर लेंगे और लोगों के घरों तक पहुंचाएंगे।

जंक्शन स्थित रिलायंस माल पर सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक 8570077543 पर कॉल किया लेकिन नंबर स्विच ऑफ पाया गया। इसी तरह ईजी डे 9001536569 पर कॉल किया तो वहां फ़ोन उठाया ही नहीं गया। अम्बेडकर चौक स्थित डेली सेव से राशन मंगवाने के लिए दो फ़ोन नंबर दिए गए हैं। पहला नंबर 9460787964 सुबह से शाम तक व्यस्त आया। जब दूसरे नंबर 8764374047 पर बात हुई तो जवाब मिला अभी होम डिलीवरी शुरू नहीं की गई है। इसके साथ हनुमानगढ़ सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लिमिटेड पर कॉल किया पहले नंबर 9460604544 पर इनकमिंग फैसिलिटी नहीं थी। जबकि दूसरे नंबर 9928680472 पर कॉल की तो जवाब मिला कि घर पे राशन पहुंचाने की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हुई है।

टाउन स्थित श्याम डिपार्टमेंटल स्टोर 9413378865 पर कॉल किया था सामने से जवाब मिला कि इस बारे में अभी मीटिंग चल रही है। होम डिलीवरी के बारे में अभी कुछ तय नहीं हुआ है। इसी तरह मैसर्स ताराचंद कलवंत राय 8233600004 पर कॉल किया गया तो सामने से जवाब मिला कि 1500 से 2 हजार तक का माल हो तो ही होम डिलीवरी की जाएगी, लेकिन डिलीवरी चार्ज अलग से लगेगा। हनुमानगढ़ सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लिमिटेड 8696033083 पर 10 बार कॉल की गई लेकिन नंबर बंद मिला।

परेशानी- अनुमति लेने को लोग जो कारण बता रहे उससे अधिकारी भी परेशान: डीटीओ जगदीश अमरावत व तहसीलदार सत्यनारायण ने बताया कि कोई रिश्तेदार व परिचित को जयपुर, दिल्ली या पंजाब से लाना बता रहा है तो कोई अन्य कारण बता रहा है। सरकार के निर्देश पर यह व्यवस्था महज इसलिए है कि कोई इमरजेंसी में इलाज आदि के लिए परेशान नहीं हो।

नागरिक बोले- वाट्सएप नंबर बंद, अधिकारी भी नहीं उठाते फोन: जंक्शन निवासी सुशील बहल, टाउन के उमेश कुमार, योगेश गर्ग आदि का कहना है कि वाट्सएप नंबर पर आवेदन किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वाट्सएप ही बंद कर दिया गया।

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