एमपी और गुजरात में मजदूरी कर रहे लोग सैकड़ों किमी पैदल चलकर घर लौट रहे, हो रही स्क्रीनिंग

Pratapur News - लाॅकडाउन के तहत सभी निजी और सरकारी बसों का संचालन पूरी तरह बंद है। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर काम बंद हो...

Mar 27, 2020, 06:45 AM IST

लाॅकडाउन के तहत सभी निजी और सरकारी बसों का संचालन पूरी तरह बंद है। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर काम बंद हो गए हैं। ऐसे में जिले से बाहर एमपी और गुजरात में काम करने वाले 2 हजार परिवारों के प्रतापगढ़ में लौटने का सिलसिला चल रहा है। गाड़ियां बंद होने के कारण लोग पैदल ही अपने घरों को लौट रहे हैं। रोजाना 100 से 200 लोगों के जत्थे धीरे धीरे प्रतापगढ़ की तरफ लौट रहे हैं। इनमें सभी लोग अपने घरों, गांवों से दूर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले हैं। राजमार्ग 113 पर धोलापानी थाने के सामने चल रही नाकाबंदी के दौरान नीमच, चित्तौड़गढ़, निंबाहेड़ा, कोटा सहित अन्य कई जिलों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले बांसवाड़ा, डूंगरपुर, पीपलखूंट, सुहागपुरा, घंटाली, अरनोद, रायपुर, सालमगढ़ आदि गांव के कई लोग पैदल ही थाने के सामने से निकलने में लगे हैं। उन्हें पुलिस मुंह पर रुमाल, कपड़ा आदि बांधने और एक दूसरे के बीच दूरी बनाए रखने की हिदायत दी।

पीपलखूंट के लोग बड़ी संख्या में

प्रदेश से बाहर काम करने वालों में बड़ी संख्या पीपलखूंट के लोगों की है। इनमें घंटाली और आस पास के लोग शामिल हैं। इसके अलावा अरनोद, हथुनिया के लोग भी शामिल हैं। गुजरात, एमपी में फैक्ट्रियां बंद होने के कारण पांच से सात दिन तक पैदल चलकर ये लोग अपने घरों को पहुंच रहे हैं। इनमें से कइयों को तो बीच में खाना भी नसीब नहीं हो रहा तो कुछ नमकीन और चिप्स से अपना सफर पूरा कर रहे हैं। कई लोग अभी तक इन क्षेत्रों में फंसे हैं जो घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

120 मजदूर लाैटे, खाना खिलाया, स्क्रीनिंग की और बस से घर पहुंचाया

घंटाली, पीपलखूंट, घोड़ी, तेजपुर, दानपुर, कुशलगढ़ के करीब 120 मजदूर जो निंबाहेड़ा, छोटी सादड़ी, चित्तौड़गढ़ की तरफ मजदूरी करने गए थे जो लॉकडाउन हो जाने से पैदल पैदल अपने अपने गांव की तरफ जा रहे थे। सभी काे धमोतर थाने के बाहर रोककर नानूराम लबाना टांडा व प्रभु दमणावत तलाया के सहयोग से खाना खिलाया गया। पीएचसी धमोतर व सिद्धपुरा की मेडिकल टीम को मौके पर बुलाया कर सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग कराई गई। प्रशासन के सहयोग से उनको अपने अपने गांव छोड़ने के लिए रोडवेज बस की व्यवस्था करवाई गई।

समाज सेवा में भी जुटी है पुलिस

पुलिस जिले में सीमाओं से लौट रहे इन लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी रख रही है। इन लोगों को भोजन अौर पीने के पानी के बारे में भी पूछ रही है और जरूरत पड़ने पर इनको खाना पानी उपलब्ध भी करवा रही है। एमपी के मंदसौर, इंदौर, भोपाल, रतलाम तो गुजरात के राजकोट, सूरत, अहमदाबाद से ये लोग अब घरों को लौट रहे हैं। इनका ये सफर 400 से 500 किमी की दूरी का रहता है।

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