राहत पैकेज पर जानकारों की राय-सही समय पर उठाया गया कदम

Nagour News - बाजार मेंे लिक्वििडटी बढ़ेगी, देश की 80 फीसदी आबादी को इससे फायदा मिलेगा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार...

Mar 27, 2020, 09:01 AM IST

बाजार मेंे लिक्वििडटी बढ़ेगी, देश की 80 फीसदी आबादी को इससे फायदा मिलेगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार ने लॉकडाउन से आम लोगों को राहत देने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान किया है। इसका आर्थिक विश्लेषकों ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे सरकार की ओर से सही समय पर लिया गया सही कदम बताया है।

भारत सरकार के पूर्व एमएसएमई सचिव उदय वर्मा ने कहा लॉक डाउन के दौरान एमएसएमई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत पैकेज ने क्षेत्र के लिए मरहम का काम किया है। मार्च में कम टैक्स कलेक्शन जैसी चुनौतियों के बावजूद सरकार ने सही समय पर सही कदम उठाया है। लेकिन मेरा मानना है कि संकट का मौजूदा दौर खत्म होने के बाद भी एमएसएमई सेक्टर के लिए मुश्किलें कम नहीं होंगी।

हाउस ऑफ हीरानंदानी के सीएमडी सुरेंद्र हीरानंदानी कहते हैं इस राहत पैकेज का फायदा देश की 80% आबादी को मिलेगा। इसका एक मतलब यह भी है कि बाजार में अधिक मात्रा में लिक्विडिटी उपलब्ध होगी। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए पैसा सीधे गरीबों के हाथों में पहुंचेगा। इससे खपत बढ़ेगी। 3.5 करोड़ कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए 31,000 करोड़ रुपए के फंड का उपयोग करने का फैसला रियल एस्टेट सेक्टर को काफी राहत देगा। इस तरह वित्त मंत्री की राहत की घोषणाओं से अर्थव्यवस्था को राहत के साथ-साथ गति भी मिलेगी। प

रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस के प्रकोप से देश के सामने पैदा हुईं आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए हाल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में एक खास कोविड-19 इकोनॉमिक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। उम्मीद है कि यह टास्क फोर्स आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। एसएमई चैम्बर्स ऑफ इंडिया (आंध्रप्रदेश और तेलंगाना) के सलाहकार, अजय अग्रवाल का कहना है कि सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा अचानक की है। इसलिए राहत पैकेज का भी ऐलान किया है। लॉकडाउन से प्रभावित होने वालों को निश्चित रूप से राहत पैकेज से मदद मिलेगी। इसका सबसे अधिक फायदा निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को मिलेगा।

पूरी तरह कैश ट्रांसफर बेहतर कदम साबित होता

एचडीएफसी बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट अभीक बरुआ ने कहा, ‘मेरा मानना है कि सरकार राहत पैकेज देने के लिए पूरी तरह कैश ट्रांसफर का तरीका अपनाती तो ज्यादा बेहतर होता। मसलन, सरकार ने गरीबों को गेहूं-चावल देने की घोषणा की है। यदि उन्हें पैसा मिलता तो उनके लिए ज्यादा बेहतर होगा। ईपीएफओ बेनिफिट का लाभ को लेने के लिए आपको पीएफ खाते से पैसा निकालने की जरूरत होगी। सेल्फ हेल्प ग्रुप से लोन लेंगे तभी आपको राहत पैकेज का फायदा मिलेगा। मनरेगा के तहत बढ़ी मजदूरी का फायदा तभी मिलेगा जब कोई घर से बाहर काम करने जाएगा।

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