7 साल के बेटे के साथ 400 किमी पैदल चल घर लौटा

Banswara News - कोरोना वायरस से देशभर में कर्फ्यू लगा हुआ है। सभी तरह के काम भी बंद हो गए हैं। जिसके चलते सबसे ज्यादा मार मजदूरों...

Mar 27, 2020, 06:51 AM IST

कोरोना वायरस से देशभर में कर्फ्यू लगा हुआ है। सभी तरह के काम भी बंद हो गए हैं। जिसके चलते सबसे ज्यादा मार मजदूरों पर पड़ी है। काम ठप होने से सूरत में काम कर रहे बांसवाड़ा के मजदूर अब घर लौटने लगे हैं। लेकिन अब रोडवेज और निजी वाहन की व्यवस्था नहीं होने से ये मजदूर पैदल ही घर की ओर आना शुरू हो गए हैं। गुरुवार को भी एक पिता अपने सात साल के बेटे के साथ सूरत से करीब 400 किलोमीटर पैदल चलकर घर लौटा है। बांसवाड़ा पहुंचने पर मजदूर कांतिलाल ने बताया की सूरत में मजदूरी करने के लिए गया था, लेकिन अब कर्फ्यू से काम ठप हो गया है। जिसके कारण वाहन भी नहीं मिले, इसलिए बेटे को साथ कुछ जरुरी सामान सिर पर रखकर पैदल ही निकल लिए। अब वह तीन दिन बाद घर लौटा हूं। कांतिलाल छोटी सरवन का रहने वाला है। कांतिलाल ने बताया की रास्ते में वह कहीं भी सोया तक नहीं। बेटे को भी बिस्कुट के सहारे तीन दिन गुजारने पड़े। 10 से 15 किलोमीटर चलने के बाद बेटे को रास्ते में आराम करवाता और फिर चल पड़ते। रास्ते में कई जगह खाना की व्यवस्था तो थी लेकिन पास में इतने पैसे नहीं थे की खाना खा सके। कांतिलाल ने बताया की उसने तो बांसवाड़ा आकर ही नाश्ता किया था। पैसे बचाकर रखे की कहीं रास्ते में कोई समस्या आ गई तो फिर दिक्कत नहीं आ जाए।

रात में मोबाइल की बैटरी की रोशनी से सफर किया: कांतिलाल ने बताया की घर जल्दी आने की मजबूरी थी की रात में भी सफर किया। कांतिलाल ने बताया की रात में अंधेर में मोबाइल की बैटरी की रोशनी से सफर किया। अब तो मोबाइल भी स्विच ऑफ हो चुका है। बेटे भी बुरी तरह से थक गए थे। लेकिन मैं उसे “घर आने वाल है’ बस यह कहकर ही आगे बढ़ा रहा था। सिर पर 8-10 किलो का वजन भी उठाना इतने लम्बे सफर में मुश्किल था। लेकिन बेटे को देखकर मुझे हौसला मिलता रहा और आगे बढ़ते रहे। कांतिलाल ने बताया की वह सूरत से बांसवाड़ा पहुंच गया है लेकिन किसी भी ने उसे नहीं रोका। साथ ही ना ही किसी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसको रोका और जांच की गई।

सूरत से पैदल चलकर लौटा कांतिलाल, अपने 7 साल के बेटे के साथ।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना