चेहरों पर छलकी तीर्थ दर्शन व पहली बार हवाई जहाज में बैठने की खुशी

Jaipur News - जयपुर हवाई अड्डे पर मंगलवार सुबह तेज ठंड भी बड़ी सुहानी लगी जब गर्म कपड़ों में लिपटे बुजुर्गों के पहली बार हवाई...

Dec 04, 2019, 09:41 AM IST
जयपुर हवाई अड्डे पर मंगलवार सुबह तेज ठंड भी बड़ी सुहानी लगी जब गर्म कपड़ों में लिपटे बुजुर्गों के पहली बार हवाई जहाज में बैठने की खुशी से दमकते चेहरे देखने को मिले। कोई बुजुर्ग जीवनसाथी के साथ तो कोई सहयोगी के साथ हरिद्वार-ऋषिकेष की तीर्थयात्रा करने के लिए हवाई जहाज में बैठा।

जयपुर-देहरादून की इस फ्लाइट में 23 वरिष्ठ नागरिकों ने सुबह 6:30 बजे उड़ान भरी। इनमें से कोई जयपुर का यात्री नहीं था। उधर, ट्रेन से जगन्नाथपुरी तीर्थयात्रा पर भेजने के लिए चयनितों से भी ज्यादा संख्या में वेटिंग लिस्ट में से बुलाए बुजुर्गों को तीर्थ पर जाने का मौका नहीं मिलने से मायूसी भी दिखी। दूरदराज से आए बुजुर्गों को स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी तो हुई ही आने-जाने का अतिरिक्त खर्चा भी वहन करना पड़ा। जयपुर रेलवे स्टेशन परिसर में मंगलवार को दिनभर बुजुर्गों का मेला लगा रहा। इन बुजुर्गों को तीर्थयात्रा पर विदा करने के लिए बड़ी संख्या में परिजन भी स्टेशन पहुंचे। जोधपुर से रवाना हुई भगत की कोठी-जगन्नाथ स्पेशल ट्रेन शाम 5:30 बजे जयपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नं. 1 पर पहुंची। यहां से जयपुर और अजमेर संभाग के 366 यात्री ट्रेन में जगन्नाथपुरी की यात्रा के लिए रवाना हुए।

हरिद्वार-ऋषिकेष के लिए फ्लाइट से रवाना होते (बायें) और जगन्नाथ जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करते बुजुर्ग।

पहली बार तीर्थ पर जा रही बिमला देवी

मालवीयनगर डी-ब्लाॅक में रहने वाली बिमला देवी पहली बार किसी तीर्थ पर जा रही हैं। योजना की जानकारी कैसे लगी पूछने पर खुशी से चहकते हुए बोलीं कि मेरी बेटी खुद की नौकरी का फार्म भरने गई थी, वहां ई-मित्र पर इस बारे में पता लगा। तब उसके पास मेरा भामाशाह कार्ड और आधार भी था, उसने वहीं मेरा आवेदन कर दिया और घर आकर मुझे बताया कि आपको वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा पर भेजने के लिए आवेदन करके आई हूं। तब मैने उसे कहा कि भाग्य में होगा तो नंबर आ जाएगा और आज मैं भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने जा रही हूं।

कई नहीं आए, वेटिंग से क्लीयर की सीटें

जयपुर व दौसा से चयनित 172 में से 99 ही आए, 73 सीटें वेटिंग में भरी गईं। इसी तरह अजमेर के कोटे से चयनित 139 में 86 ही आए। बाकी 161 को वेटिंग लिस्ट में से बुलाया गया। इनमें से 60 बुजुर्गों को तीर्थ का मौका मिला। बीकानेर से सात सीटें खाली रही उसे भी अजमेर संभाग से भरा गया। शेष वेटिंग वाले बुजुर्गों को वापस लौटना पड़ा।

नहीं जा सके, मायूस होकर लौटे बुजुर्ग

स्टेशन पर बहुत से बुजुर्ग यात्रा पर नहीं जा सकने पर मायूस नजर आए। जितने चयनित तीर्थ यात्रियों को जगन्नाथपुरी तीर्थ के लिए स्टेशन बुलाया गया था उतने ही वेटिंग वाले बुजुर्गों को भी स्टेशन बुलाया गया। ऐसे बहुत से वेटिंग वाले वरिष्ठ नागरिक तीर्थ पर नहीं जा सके। ऐसे ही अजमेर संभाग के भीलवाड़ा जिले के काछोला से आए दंपत्ति स्वरूप सिंह और गेंद कंवर ने कहा कि हमें तीन बार मैसेज करके यहां बुलाया गया। अब तीर्थ पर नहीं ले जाया जा रहा है। पूरे गांव में सब को मालूम हो गया कि हम तीर्थ करने जा रहे हैं। यहां आकर तो हमारा अपमान हुआ है। अब वापस बिना तीर्थ के जाने में अपमानित महसूस कर रहे हैं। बेटे को साथ लाए उसके भी काम का हर्जाना हुआ। अब घर वापस भी रात 3 बजे पहुंच पाएंगे। उन्हें विदा करने आई जयपुर में रहने वाली गांव की बेटी सावित्री नाराजगी जाहिर करते हुए कहती हैं कि जब वोटिंग वाले बुजुर्गों को तीर्थ पर भेजना ही नहीं था तो बुलाया क्यों और वेटिंग वालों को बुलाना ही था तो आसपास के लोगो को ही बुलाते। ताकि दूर से यहां पहुंचे बुजुर्गों को कोई परेशानी नहीं होती।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना