चार दिनों में 5800 से अधिक घरों का सर्वे, 850 लाेग हाई रिस्क की श्रेणी में

Beawar News - कोरोना महामारी से लोगों को बचाने और अवेयर करने के मकसद से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अाशा सहयोगिनियों...

Mar 27, 2020, 06:56 AM IST

कोरोना महामारी से लोगों को बचाने और अवेयर करने के मकसद से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अाशा सहयोगिनियों के सहयाेग से पिछले चार दिनों में 5 हजार 800 से अधिक घरों का डोर टू डोर सर्वे किया जा चुका है। इनमें 850 लाेगे हाई रिस्क श्रेणी में पाए गए हैं। सर्वे में कई महत्त्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित हाे रही हैं। 390 से ज्यादा घरों में पालतू जानवर भी पाले जा रहे हैं, 1, 800 से ज्यादा घरों में मांसाहार का प्रयोग किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इन घरों में कोरोना वायरस के खतरे और उसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में 5 हजार 744 परिवारों को जानकारी थी। हालांकि फिर भी इनमें से अधिकतर परिवारों में और कुछ इंटीरियर क्षेत्रों में लॉकडाउन का पालन नहीं किया जा रहा था। इससे महामारी के फैलने का खतरा और ज्यादा है।

अब तक 119 लोगों को किया होम आइसोलेट

कोरोना के मामलों के सामने आने के बाद से अस्पताल चिकित्सा विभाग द्वारा प्रदेश या देश के बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें होम आइसोलेट करने की सलाह दी गई। शिकायत मिली है कि कुछ लोगों द्वारा होम आइसोलेट के नियमों की लगातार अवहेलना की जा रही है। कुछ लोग तो अपने घर के बाहर लगे नोटिस को ही फाड़ कर बाहर घूम रहे हैं। ऐसे लोगों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खाली हुए अस्पताल के वार्ड

कोरोना की दहशत का असर इन दिनों शहर में ही नहीं बल्कि अस्पताल के वार्डों में भी साफ देखा जा सकता है। आम दिनों में अस्पताल के वार्ड में जहां मरीजों और परिजनों की भीड़ उमड़ी रहती है। ताे वहीं कोराेना के मामलों के सामने आने के बाद से वार्ड सूने नजर आने लगे हैं।

जो सबसे ज्यादा खतरे में उन्हें मानदेय नहीं

राज्य सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें के निदेशालय ने कोरोना वायरस में डयूटी कर रहे चिकित्सकों को पांच हजार रुपए, नर्सिंग कर्मियों, एनएनएम, एलएचवी, टैक्नीशियन, वाहन चालक, वार्ड बॉय और सफाई कार्मिकों को ढाई हजार रुपए देने की घोषणा की है। पूरे प्रदेश में 17 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि बांटी जाएगी। लेकिन पूरे आदेश में आशा सहयोगियों का जिक्र तक नहीं किया गया है। जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे सर्वे या ड्यूटियों में एएनएम के साथ आशा सहयोगियों को लगाया जा रहा है। महिला आशा सहयोगिनियों ने बताया कि वह सबसे ज्यादा खतरे में हैं लेकिन चिकित्सा विभाग द्वारा ना तो उन्हें मास्क उपलब्ध करवाए गए ना ही सैनेटाइजर। वहीं इन आदेशों में आशा सहयोगिनियों को किसी प्रकार का मानदेय देने की घोषणा नहीं की गई है। आशा सहयोगिनियों में रोष है और आशा सहयोगिनियों ने विशेष पैकेज से उन्हें भी अतिरिक्त मानदेय देने की मांग की है।

आमजन काे सचेत करने में जुटे एनसीसी कैडेट्स

कोरोना वायरस से संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एनसीसी कैडेट्स भी व्यवस्थाओं को सुचारु रखने में पुलिस व प्रशासन की मदद कर रहे हैं। पुलिस की ओर से एनसीसी कैडेट्स को भी शहर के केंद्र बिंदु चांगगेट पर व्यवस्था संभालने के लिए तैनात किया गया है। जानकारी अनुसार ब्यावर शहर में लगभग 6-7 एनसीसी कैडेट्स चांगगेट सहित अन्य स्थान पर मुख्य मार्गों पर घूम रहे लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु करने में पुलिस की मदद कर रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले एनसीसी कैडेट्स अपने ही गांव में व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं। विश्वव्यापी संकट के दौरान पूरी विश्व एक बड़े संकट से लड़ रहा हैं। वहीं, कैडेट्स अपनी सुरक्षा की चिंता को एक तरफ रखकर लोगों को सावधान करने में जुटे हैं।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने बांटे मास्क

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मास्क वितरित किए गए। कमेटी अध्यक्ष सोहन मेवाड़ा ने बताया कि पीसीसी सचिव पारस पंच के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से तीन दिन पहले यह अभियान शुरू किया गया। इसके तहत ब्लॉक कांग्रेस की ओर से 20 हजार से अधिक मास्क बांटने का निर्णय लिया गया। गुरुवार को जमालपुरा, फतेहपुरिया दोयम, रेगरान बड़ा बास और छावनी क्षेत्र में मास्क
वितरित किए गए।

घर-घर में हवन दी जा रही है आहुतियां

विश्व में आए कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्ति पाने के लिए शहर के लोगो ने भक्ति का सहारा लिया है। आध्यात्मिक देश में भारत में भक्ति ही सर्वोपरी मानी गई है। आस्तिक लोगों का मानना है कि बड़े से बड़े संकट को भक्ति व आराधना के माध्यम से टाला जा सकता है। इसी के चलते 21 दिन के लॉक डाउन के दौरान शहर के कई घरों में कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। समय व्यतीत करने तथा धार्मिक भावनाओं के अनुरूप घरों में यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। परिवारजन सामूहिक रूप से यज्ञ में वैद मंत्रों के साथ-साथ आहुतियां देकर कोरोना वायरस के संकट को टालने की प्रार्थना कर रहे हैं। गुरुवार को शहर के आदर्श नगर स्थित उपाध्याय निवास में आर्य समाज के अनिल आर्य ने वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दिलवाई। मालूम हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद से ही आर्य समाज ब्यावर की ओर से घर-घर में यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जहां पर आर्य समाज के सदस्य वैद मंत्रों के साथ आहुतियां दिला रहे हैं।

ये गाेले नहीं लक्ष्मण रेखा है, लांघी तो खतरा

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए के लिए हर ओर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत अस्पताल प्रबंधन भी लगातार प्रयास कर रहा है। अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा आउटडोर में एक-एक मीटर की दूरी पर गोले बनवाए गए हैं। लोग इन्हीं गोले में खड़े होकर डॉक्टर को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। पीएमओ डॉ. आलोक श्रीवास्तव ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जरूरी होने पर ही अस्पताल आएं और सोशल दूरी के लिए बने गोले का गंभीरता से पालन करें। यह गोले नहीं लक्ष्मण रेखा है जिसमें रहे तो ना सिर्फ खुद बल्कि उनका परिवार भी सुरक्षित रहेगा।

लॉक डाउन के साथमौसम की मार

चांग गेट पर लोगों से पूछताछ करते एनसीसी कैडेट्स।

_photocaption_गुरुवार दोपहर ब्यावर में हुई तेज बारिश, अजमेरी गेट सुभाष चौक का नज़ारा।*photocaption*

मेडिकल स्टोर पर सुरक्षित दूरी पर खड़े होने के लिए बनाए गए गोले।

अस्पताल के आउटडोर में बनाए गए 1-1 मीटर दूरी पर गोले।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना