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फिर पलटा मौसम, काली घटाएं छाई, दिन में रुक-रुक होती रही बूंदाबांदी, ईसबगोल को नुकसान

Nagour News - मौसम में आए बदलाव ने एक बार फिर किसानों को परेशान कर दिया गया है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी क्षेत्र में कहीं तेज...

Mar 27, 2020, 08:51 AM IST

मौसम में आए बदलाव ने एक बार फिर किसानों को परेशान कर दिया गया है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी क्षेत्र में कहीं तेज हवा के साथ तो कहीं बूंदाबांदी के रूप में बारिश हुई। गुरुवार को लोग उठे तो आसमान काली घटाओ से घिरा हुआ था। इससे दिनभर ठण्डी बयार चलती रही। दोपहर 1 बजे बाद रुक रुक कई चरणों में बारिश हुई। मेड़ता शहर में कम तो आस पास के इलाकों में काफी देर बूंदाबांदी का दौर चला। इससे मौसम में भी ठण्डक घुल गई। तेज हवाओं के साथ रुक रुक बूंदाबांदी होने से मौसम सुहाना हो गया। उधर बारिश की आशंका जान कई किसानों ने अपनी फसलों को तिरपाल से ढक लिया मगर जो ढक नहीं पाए उनके यहां ईसबगोल की फसल को 50 प्रतिशत तक का नुकसान हो गया है। कृषि विस्तार केंद्र के सहायक निदेशक अणदाराम चौधरी के अनुसार मेड़ता क्षेत्र में 6 हजार हेक्टेयर में ईसबगोल की बुवाई हुई थी। किसानों ने अभी तक ढाई हजार हेक्टेयर से फसल निकाली है। शेष फसल पर बेमौसम की बारिश की मार पड़ी है। उन्होंने बताया कि ईसबगोल की फसल पर बूंदाबांदी के छांटे पड़ते ही दाणा बिखरने लग जाता है। ऐसा क्षेत्र में कई इलाकों में हुआ है। हालांकि नुकसान का जायजा अभी लिया नहीं गया है मगर क्षेत्र के किसानों के फोन आने से लग रहा है उनके यहां 50 प्रतिशत तक का नुकसान हो चुका है। सहायक निदेशक चौधरी ने बताया कि जीरे की अधिकांश फसल खेतों से कट चुकी है जबकि गेहूं व चने को बारिश का नुकसान नहीं है। उन्होंने बताया कि आगामी एकाध दिन मौसम ऐसे ही रहेगा।

गोटन क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहे और बरसते रहे

गोटन। कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 4 बजे से शाम तक बारिश का दौर चला। बारिश से किसानों की फसलों में खराबा हुआ। किसानों को ईसबगोल व जीरे की फसल में भारी नुकसान हुआ है।

जारोड़ा| कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में बेमौसम बारिश से फसलों में खराबा हुआ। किसानों ने बताया कि बारिश से ईसबगोल की फसल में 80 फीसदी व जीरा, गेंहू की फसल में 40 फीसदी तक नुकसान हुआ है। किसान हड़मानराम ने बताया कि उसके खेत में ईसबगोल की फसल की कटाई चल रही थी, जिसके चलते आधे खेत में फसल पसरी पड़ी और आधी फसल खेत में खड़ी थी। ऐसे में कटी पड़ी व खड़ी फसल में बारिश से करीब 80 फीसदी खराबा हुआ है। किसानाें ने बारिश से हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।

गंठिया| कस्बे सहित आस पास के गांवों में बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई। ईसबगोल की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

देशवाल. क्षेत्र में बदले मौसम के बाद छाए बादल।

गोटन. मौसम खराब होने के कारण फसल समेटने में लगे किसान।

मेड़ता रोड. मेड़ता रोड में हो रही बरसात का दृश्य।

जारोड़ा. बारिश से एक खेत में पसरी गेहूं की फसल।

मेड़ता सिटी. छाए काले बादलों का ये नजारा कुण्डल सरोवर की पाल से लिया गया है।

दधवाड़ा. खेतों में धराशायी हुई फसल को देखता किसान।

रेण. बारिश से 75 प्रतिशत ईसबगोल फसल में हुआ खराबा।

मेड़ता रोड| मेड़ता रोड सहित आस पास के क्षेत्र मेें रुक-रुक कर बरसात के आने का क्रम लगातार जारी है। बरसात के कारण एक बार फिर ठंड का मौसम हो गया। तो दूसरी ओर कोरोना वायरस के कारण संक्रमण बढ़ने की आंशका को लेकर लोगों में भय भी उत्पन्न हो गया है। खेतों में जीरा, ईसबगोल आदि की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

रेण| कस्बे के निकटवर्ती ग्राम पंडवाला, खुड़ी कलां, जोधड़ास, खुड़ी खुर्द, चूड़ियास, दुगौर, बंवरला, भारली, मोगास, खिंदास, करतार, गेमलियावास समेत अन्य क्षेत्र के कई ग्रामीण अंचलों में तेज अंधड़ के साथ भारी बारिश हुई, जिससे ईसबगोल की फसल में नुकसान हुआ। नेहरू युवा विकास समिति पंडवाला के अध्यक्ष मूलचंद मुंडेल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा कंपनी की हेल्पलाइन नंबर 1800 2660 700 पर किसानों ने बीमा कंपनी को दावा दर्ज करवाने के लिए संपर्क करना चाहा मगर किसी से संपर्क नहीं हो पाया। इसबगोल की फसल करीब 75% नष्ट हो चुकी है। इस दौरान पूर्व सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक से ग्रामीणों ने बात की तो पूर्व मंत्री किलक ने कलेक्टर नागौर एवं एसडीएम डेगाना से बात करके ग्रामीण किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने एवं इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम (दावा) दर्ज करवाकर किसानों को राहत दिलवाने के लिए कंपनी को पत्र लिखकर भिजवाने का आश्वासन दिया।

दधवाड़ा| कस्बे सहित गागुङा, दधवाड़ी, सिराधना, औलादन, रोल चांदावता, नोखा चांदावता, कुपङास, छापरी खुर्द सहित अन्य गांवों में बारिश से फसलों में खराबा हुआ। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में लगभग 80-85 प्रतिशत जीरा, ईसबगोल में खराबा हुआ है। ऐसे में अब राज्य सरकार से मुआवजा राशि देने की मांग की है। किसान बलदेव राम मेेघवाल, प्रेमाराम जाजड़ा, चेतन जांगिड़, पप्पू राम बामणिया, रामदयाल जाट, भीरदाराम जाजड़ा, विनोद मेघवाल ने राज्य सरकार से उचित मुआवजा राशि की मांग की है।

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