सीए सिलेबस में होगा बदलाव 40% तक हाेगी काेर्स में कटाैती

Jaipur News - बोर्ड ऑफ स्टडीज, आईसीएआई द्वारा मंगलवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस...

Dec 04, 2019, 09:57 AM IST
बोर्ड ऑफ स्टडीज, आईसीएआई द्वारा मंगलवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए स्टूडेंट कॉन्फ्रेंस ‘सत्योतकर्ष’ का आयोजन किया गया। इसकी मुख्य थीम पाथ फॉर सक्सेस- लर्न, एडप्ट एंड एक्सीलेरेट रखी गई। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन पांच तकनीकी सत्र एवं दो विशेष सत्र रखे गए। कार्यक्रम में देश के जाने माने एक्सपर्ट्स सीए वक्ताओं ने स्टूडेंट्स को सीए, टाइम मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन के गुर सिखाए। पहले सत्र में सीए प्रमोद जैन ने इनकम टैक्स ऑडिट में आने वाली समस्याओं के बारे में बताया। वहीं दूसरे सत्र में सीए जय छैरा ने परसुएसिव कम्युनिकेशन के बारे में बच्चों से अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कम्युनिकेशन का मतलब केवल बातचीत नहीं होता।

अगर इसका मतलब बातचीत होता तो सभी व्यक्ति एक दूसरे की बात से सहमत होते। कम्युनिकेशन वह होती है जिसमें आपके पास लॉजिक और इमोशन होते हैं। इसे सीधे शब्दों में ‘यू एटीट्यूड’ कहा जा सकता है। अगर कोई भी सामने वाले के फायदे के साथ खुद के फायदे को जोड़कर काम करता है तो वह सही मायने में ग्रो करता है। कॉन्फ्रेंस के दौरान एक्सपर्ट्स ने सिटी रिपोर्टर से आईसीएआई के नए इनिशिएटिव्स को लेकर चर्चा की। इस मौके पर फर्स्ट इंडिया के सीएमडी जगदीश चंद्र भी मौजूद थे।

समझिए सिलेबस व जीएसटी पर क्या हुअा मंथन

राहत : आईसीएआई कर रहा 40% तक सिलेबस कम

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) अपने सिलेबस को 40 प्रतिशत तक कंडेंस करने पर काम कर रहा है। इससे सीए स्टूडेंट्स को काफी हद तक राहत मिलने वाली है। इसके लिए पूरे स्टडी मटेरियल को रिवाइज किया जा रहा है। सिलेब्स में से कोर पार्ट और बेसिक मेटेरियल, जिसके बारे में आज की जेनरेशन पहले से जानती है उसे सिलेब्स से अलग किया जा रहा है। अगले सत्र से स्टूडेंट को उदाहरण के तौर पर मौजूदा सिलेबस के 100 में से 60 पेज ही पढ़ने होंगे, जो ज्यादा फोकस्ड होंगे और उसकी इफेक्टिवनेस डबल हो जाएगी।

सुविधा : स्टूडेंट्स देश के किसी काेने में बेस्ट टीचर्स के साथ स्टडी कर पाएंगे

सीए स्टूडेंट्स को जल्द ही ऑनलाइन टीचिंग मिलने वाली है। इस पर भी आईसीएआई तेजी से काम कर रहा है। इस ऑनलाइन एजुकेशन से आईसीएआई का मुख्य उद्देश्य देश की हर छोटी से छोटी जगह तक आसानी से पहुंचना और बेहतर सुविधा देना है। अब देश के किसी भी कोने में बैठे सीए स्टूडेंट्स बेस्ट टीचर्स के साथ स्टडी कर सकेंगे। इस एजुकेशन से देश के सबसे प्रोफेशनल और बेहतरीन टीचर्स को जोड़ा जा रहा है। स्टूडेंट्स को यह टीचिंग काफी हद तक फ्री मिलेगी। वहीं एडवांस लेवल पर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए मात्र 4 हजार रुपए शुल्क रहेगा। यह एक टोकन फीस की तरह होगी।

सक्सेस : इंडिया पहला देश जहां जीएसटी सक्सेस भी हुई और गवर्नमेंट फिर भी आई

जीएसटी जब लागू हुई तब लोगों के मन में एक सवाल था कि ये सक्सेस होगी क्या? क्योंकि जिस भी देश में जीएसटी आई है उन देशों ने शुरुआती 2 साल बेहद डिस्टरबेंस देखे है। इंडिया पहला देश है जहां जीएसटी सक्सेस भी हुई और गवर्नमेंट भी वापस आई है। जो आज तक नहीं हुआ। जीएसटी में लगातार चेंजेज आ रहे हैं। इन चेंजेज का सामना करने के लिए आईसीएआई एडिशन मटेरियल तैयार करने के साथ-साथ एडिशन सेशन भी ले रही है।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना