जिले के कई इलाकों में बेमौसम से बारिश ईसबगोल व जीरे की फसल को नुकसान

Jalore News - टिड्डी के बाद बेमौसम बारिश ने खराब की फसल, किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की जिले के कई इलाकों में गुरुवार...

Mar 27, 2020, 08:01 AM IST

टिड्डी के बाद बेमौसम बारिश ने खराब की फसल, किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की

जिले के कई इलाकों में गुरुवार को हुई बारिश ने टिड्डी की मार से त्रस्त किसानों की उम्मीदों को पूरी तरह से धराशायी कर दिया है। बेमौसम की यह बारिश खेतों में कहर बन बरसी। गुरुवार सुबह को अचानक मौस का मिजाज बदला व सुबह को धूप खिली, लेकिन दोपहर बादल छाए व तेज बारिश शुरू हो गई। यह बारिश शाम को शहर की तरफ बादलों की आवाजाही शुरू रही और कई क्षेत्रों में हुई। वहीं बारिश के बाद शहर की सड़कों पर तेज गति से पानी भी बहना शुरू हो गया। देर शाम तक भी क्षेत्र में मौसम बदला रहा एवं बूंदाबांदी होती रही।

पहले टिड्डी और अब बेमौसम की बारिश : जिले में इस बरस टिड्डियों के लगातार हुए हमलों से किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। बड़ी मुश्किल से किसानों ने टिड्डियों से अपनी फसल को बचा कर रखा तो अब इस बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। पकने को तैयार रायड़े, गेहूं, ईसबगोल, जीरा को कानऊी नुकसान पहुंचा है।

बारिश से रबी की फसलों में खराबा


भीनमाल| एक तरफ जहां कोरोना का कहर चल रही है वही दूसरी तरफ गुरूवार को हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। क्षेत्र के कई गांवों में खेतों में पड़ी फसल बारिश आने से खराब हो गई है। किसानों ने कहा कि कर्ज लेकर बोई फसल भी खराब होने से अब उनके लिए परेशानी भरे दिन आ गए है। सरपंच संघ अध्यक्ष चेनराज चौधरी दांतीवास ने बताया कि गुरुवार को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं किसानों ने बैंकों और साहूकारों से ऋ ण लेकर खेतों में बुवाई की थी, मगर बारिश ने उनकी फसलों को तबाह कर दिया है। बरसात से किसानों के खेतों में खड़ी इसबगोल और गेहूं सहित देसी जीरा अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ हैं। किसान रतनाराम ने बताया बरसात होने से जीरे का आकार और रंग दोनों प्रभावित होगा, वहीं बारिश के कारण इसबगोल के पके हुए दाने बरसात से नीचे गिर कर खराब हो गए। क्षेत्र के थोबाऊ, पूनासा, फागोतरा, सारियाणा सहित कई गांवों के किसानों ने सरकार से खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।


किसानों की चिंता बढ़ी, मुआवजे के लिए भी परेशान

करड़ा| जहां एक ओर ग्रामीण कोरोना के प्रभाव को लेकर परेशान है, वहीं गुरुवार को आई अचानक बारिश ने खेतों में खड़ी ईसबगोल की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। गुरुवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही के चलते किसान खेतों में फसल को काट कर इक_ा करने में लगे हुए थे, लेकिन दोपहर को आई बारिश ने खेतों में खड़ी फसल को मिट्टी में मिला दिया। गुरुवार को कोरोना वायरस के चलते लोग चिंतित एवं भयभीत थे, वही दूसरी ओर किसानों को खेतों में खड़ी फसल को लेकर चिंता सता रही थी। जिसके चलते सुबह से ही पूरा परिवार फसल को काटने में तथा इकट्ठा करने में व्यस्त रहा।

क्षेत्र में हुई बारिश किसानों को भारी नुकसान

सुराणा| गुरुवार सुबह से बादल छाया व हवा के साथ शुरू हुई बारिश ने किसानों के खेतों में खड़ी इसबगोल और गेहूं सहित अन्य फसलों को एक बार फिर भारी नुकसान पहुंचाया हैं। जिससे किसानों के चेहरों पर फसलें तबाह होने से मायूसी छा गई हैं। वर्तमान में एक ओर जहां कोरोना वायरस महामारी बीमारी से परेशान थे। वही इस प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसलों के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जालोर. जिले के कई इलाकों में बेमौसम के दिन भी गुरुवार को शहर में हो रही तेज बारिश। फोटो|भास्कर

भीनमाल. बारिश से खराब हुई ईसबगोल की फसल।

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