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डाउनलोड करेंसतना(मध्यप्रदेश). केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यहां कहा कि वो दिन गए जब सीज फायर के बीच पड़ोसी पाकिस्तान की गोलाबारी पर हिंदुस्तान की आर्मी सफेद झंडे दिखाया करती थी। उन्होंने कहा कि अब अगर सीमा पार से एक भी गोली आई तो इतने फायर करेंगे कि हिसाब नहीं लगा पाएगा। कोठी कस्बे में केंद्रीय गृह मंत्री रविवार को अमर शहीद ठाकुर रणमत सिंह की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मगर शर्त यही है कि पहली गोली हमारी नहीं होगी।
साकार करेंगे शहीदों के सपने
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हम अमर शहीदों की आत्माओं को आश्वस्त करते हैं कि सशक्त भारत का निर्माण कर उनके सपने साकार करेंगे। उन्होंने अमर शहीदों के जीवन परिचय को पाठ्यक्रम में शामिल करने की जरूरत जताते हुए उम्मीद जताई कि इससे नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और बलिदान की शौर्य परंपरा से प्रेरणा मिलेगी। सिंह ने कहा कि वीरगति को प्राप्त सैन्य जवानों के नाम पर ही स्कूल, पंचायत और अस्पतालों के नामकरण होने चाहिए।
गृहमंत्री के दौरे के मद्देनजर था सिक्योरिटी अलर्ट
- इसके पहले गृहमंत्री खजुराहो पहुंचें और यहां से हेलिकॉप्टर द्वारा सतना आए और सड़क मार्ग से कोठी आए। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और सतना के सांसद गणेश सिंह भी शामिल रहे। उनकी सुरक्षा में जेड प्लस समेत एनएसजी की सदस्यीय टीम सहित पुलिस फोर्स पहले से अलर्ट हो गई है।
- सभा स्थल पर करीब हजार लोगों की बैठक की व्यवस्था की गई थी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सतना आगमन के मद्देनजर सुरक्षा जवान चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रही। सुरक्षा को लेकर स्टेट हाइवे पर 20 किलोमीटर में 26 टी-प्वाइंट जबकि कोठी तिराहे से एयरोड्रम के बीच शहर के अंदर नेशनल हाइवे में 2 किलोमीटर पर 30 टी-प्वाइंट बनाए गए थे।
राजनाथ बोले- स्कूली सिलेबस में शामिल हो शहीदों की जीवनी
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जिले के कोठी में स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर रणमत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रणमत सिंह की प्रतिमा छोटी है। इस प्रतिमा को आदमकद होना चाहिए था, बल्कि मैं तो कहता हूं कि इसे घोड़े में सवार होना चाहिए।
- गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देश के लिए बलिदान होने वाले अमर शहीदों को याद करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा है कि ये सिलसिला थमना नहीं चाहिए। हर राज्य में ऐसे अमर शहीदों के बारे में पाठ्य पुस्तकों में उनके जीवन चरित्र का उल्लेख होना चाहिए, उसकी चर्चा होनी चाहिए।
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