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राकेश ओमप्रकाश मेहरा पर रायटर का हक छीनने का आरोप

स्‍क्रीन रायटर्स एसोसिएशन की डिसप्‍युट सेटलमेंट कमेटी के निर्देशों के बावजूद रायटर मनोज मैरिता को ड्यु क्रेडिट नहीं दिया

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 04:01 PM IST
For snatching writers rights Rakesh Omprakash Mehra has been accused

अमित कर्ण । मुंबई।।

संजीदा और ईमानदार माने जाने वाले फिल्‍मकार राकेश ओमप्रकाश मेहरा पर संगीन आरोप लगा है। ‘मेरे प्‍यारे प्राइम मिनिस्‍टर’ के रायटर मनोज मैरिता ने मेहरा पर उनका ड्यु क्रेडिट न देने का इलजाम लगाया है। मनोज इस मामले को लेकर साल भर पहले स्‍क्रीन रायटर्स एसोसिएशन भी गए थे। वहां की डिसप्‍युट सेटलमेंट कमेटी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। कमेटी ने पाया कि मनोज मैरिता की दलीलें सही हैं। उन्‍होंने मेहरा की टीम को निर्देश दिए कि पोस्‍टर से लेकर फिल्‍म की क्रेडिट लिस्‍ट में बतौर रायटर, स्‍क्रीनप्‍ले रायटर और डायलॉग रायटर पहला नाम मनोज मैरिता का आना चाहिए। इसके बावजूद मेहरा की टीम अपनी दलीलों पर खड़ी रही। रायटर का नाम इनक्‍लूड करने से बचती रही।

डिसप्‍युट कमेटी के तब के प्रमुख विनोद रंगनाथ ने कहा, ‘ हमारी एक्‍सपर्ट कमेटी ने पाया कि मेहरा की टीम ने कहानी में चेंजेज किए। मगर उस ड्राफ्ट का आइडिया और उसे एक्‍सप्रेस करने के तरीके से लेकर डायलॉग और स्‍क्रीनप्‍ले का सुर मनोज मैरिता की कहानी के ड्राफ्ट से ही इंस्‍पायर्ड था। ऐसे में हमने हर क्रेडिट लिस्‍ट में मनोज का नाम पहले डालने के निर्देश दिए। पर संयोग से ऐसा नहीं हुआ।‘

मनोज मैरिता ने अपने साथ इस तरह की नाइंसाफी होता देख मोर्चा खोल दिया। स्‍क्रीन रायटर एसोसिएशन में साल भर मामला चलने के बावजूद हक न मिलने पर अब वे कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही उन्‍होंने लीगल नोटिस भेज दिया है। उन्‍होंने कहा,’ मैंने अपनी जिंदगी के कई साल इस कहानी को दिए। ईमानदारी के साथ साल भर एसो‍सिएशन में अपने हक की लड़ाई लड़ी। उसका सिला मुझे यह मिला है। लिहाजा अब मेरे पासा सिवाय कानूनी लड़ाई लड़ने के और कोई विकल्‍प नहीं है। मैंने उन्‍हें लीगल नोटिस भेज दिया है। अब उनके खिलाफ हाई कोर्ट जा रहा हूं। साथ ही जब कहानी मेरी है तो राकेश ओमप्रकाश मेहरा खुद को कैसे उसका रायटर और डायरेक्‍टर लिख सकते हैं। साथ ही बिना इस अहम विवाद को सुलझाए यह फिल्‍म रोम फिल्‍म फेस्टिवल में भेजना शुरू कर दिया है। यह कैसे मुमकिन है। ‘

उधर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा का पक्ष जानने के लिए उन्‍हें और उनकी कंपनी के सीईओ राजीव टंडन से संपर्क किया गया। मगर खबर लिखने तक उनकी तरफ से रिप्‍लाई नहीं आया था।

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