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रक्षाबंधन पर मिलते हैं सैकड़ों शुभकामना संदेश, पर ऐसे क्रिएटिव संदेश हमेशा रहते हैं याद

मान्यताओं के अनुसार, देवों और दैत्यों के युद्ध के दौरान इंद्र की पत्नी ने उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा था।

Danik Bhaskar | Aug 25, 2018, 06:54 PM IST

नई दिल्ली. रक्षाबंधन का त्यौहार रविवार को देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। ये एक ऐसा दिन होता है जिस दिन भाई जानबूझकर ऐसा दिखाता है कि वो अपनी बहन से प्यार नहीं करता। वहीं बहन अपने भाई दुनिया का सबसे अच्छा भाई बताने में लगा रहती है। रक्षाबंधन को लेकर हिंदू धर्म में कई तरह की मान्यताएं हैं। भविष्य पुराण के अनुसार, जब देव और दैत्यों के बीच युद्ध हुआ, तो इंद्र देव की पत्नी सांची ने इंद्र के हाथों में एक रक्षासूत्र बांधा था जो उन्हें भगवान विष्णु ने दिया था।

वहीं विष्णु पुराण के मुताबिक, राजा बलि 100 यज्ञ कर रहा था और यदि ये 100 यज्ञ पूरे हो जाते तो बलि अमर हो जाता। बलि असुर था और घमंडी भी, इसलिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर उससे तीन पग भूमि मांगी और तीनों लोकों को माप दिया। इसके बाद बलि ने भगवान विष्णु और उनकी पत्नी देवी लक्ष्मी को अपने महल में रुकने को ही कहा। लेकिन लक्ष्मी जी को वहां रहना पसंद नहीं आया। इसके बाद लक्ष्मी जी ने बलि को राखी बांधी और बलि से वो महल छोड़ने की इजाजत मांगी। तब जाकर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी वहां से निकलकर वापस बैकुंठ आ गए।

एक कहानी अलेक्जेंडर और पोरस की भी है। दरअसल, 326 ईस्वी में जब अलेक्जेंडर भारत आया, तो उसकी पत्नी रोक्साना ने राजा पोरस से कहा कि वे उसके पति को नुकसान न पहुंचाए। कहा जाता है कि जब पोरस और अलेक्जेंडर के बीच युद्ध हुआ तो पोरस ने अलेक्जेंडर पर हमला नहीं किया क्योंकि अलेक्जेंडर के हाथ में राखी बंधी थी।

इसी खास मौके पर हम आपको कुछ ऐसे क्रिएटिव एड बताने जा रहे हैं।