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डाउनलोड करेंरायपुर. एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तामील किए जाने के छत्तीसगढ़ पुलिस का आदेश मुख्यमंत्री रमन सिंह ने रद्द कर दिया है। 6 अप्रैल को एडीजी क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट आरके विज ने सर्कुलर जारी कर सभी एसपी से कहा था कि एक्ट पर अदालत के फैसले का सख्ती से पालन किया जाए। रमन सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने इस आदेश को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे- रमन सिंह
- रमन सिंह ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राज्य सरकार प्रभावित हुई है। राज्य में एससी-एसटी वर्ग के सम्मान की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार हमेशा से ही इस वर्ग के लिए संवेदनशील रही है। हमारी सरकार उनके हितों की रक्षा करने में समर्थ है और इसीलिए हमने पुलिस के सर्कुलर को रद्द करने का फैसला लिया। हम अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।"
छत्तीसगढ़ में एससी-एसटी वर्ग की स्थिति क्या है?
40% आबादी एससी-एसटी वर्ग की है
5 लोकसभा सीटें आरक्षित हैं, कुल सीटों की संख्या 11 है।
39 विधानसभा सीटें आरक्षित हैं, कुल सीटों की संख्या 90 है।
सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को फैसले में क्या कहा था
- सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के साथ आदेश दिया कि एससी/एसटी एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी न की जाए। इस एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत मिले। पुलिस को 7 दिन में जांच करनी चाहिए। सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी अपॉइंटिंग अथॉरिटी की मंजूरी के बिना नहीं की जा सकती।
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