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डाउनलोड करेंरायपुर। राजधानी में गुरुवार को रमजान के चांद की तस्दीक के साथ ही अब पहला रोजा शुक्रवार को रखा जाएगा। पहले रोजे के साथ ही पवित्र महीना रमजान की शुरुआत हो जाएगी। रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज तरावीह गुरुवार से शुरू होगी। विशेष नमाज एक महीने तक रात में ईशा की नमाज के बाद करीब 9 बजे पढ़ाई जाएगी। शहर के 46 मस्जिदों में पहली तरावीह पढ़ाने के लिए देश के कई राज्यों से मौलाना राजधानी पहुंच चुके हैं। कई मस्जिदों में दस दिवसीय तरावीह का भी इंतजाम किया गया है।
- रमजान के रोजों के इफ्तार और सेहरी के लिए मुस्लिमों मोहल्लों में स्टॉल लगाने का काम शुरू हो गया है। पहली तरावीह के साथ ही इन मोहल्लों में देर रात तक लोगों की चहल-पहल के साथ ही रौनक बनी रहेगी। राजधानी के बैजनाथपारा, मौदहापारा, ईदगाहभाटा, मोमिनपारा, संजय नगर, राजातालाब समेत कई मोहल्लों में इफ्तार के लिए विशेष व्यंजनों की बिक्री की जाएगी। इन मोहल्लों में इसके लिए विशेष रोशनी का भी इंतजाम किया गया है। मुस्लिम मोहल्लों के युवाओं ने कई जगहों पर एक साथ रोजा खोलने या इफ्तार की दावत का भी इंतजाम किया है।
50 साल से बम फोड़कर देते हैं इफ्तार की सूचना
- बैजनाथपारा में करीब 50 साल से इफ्तार के समय यानी रोजा खोलने के समय बम फोड़ा जाता है। यह एक खास तरह का बम होता है जिसमें आवाज ज्यादा होती है। इसे स्पेशल ऑर्डर देकर बनवाया जाता है। शहरे ए काजी मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने बताया कि पुराने समय में इफ्तार के समय सायरन बजाने या ऐसी कोई तकनीक नहीं थी जिससे कई मोहल्लों में पता चल सके कि इफ्तार का समय हो गया है। लोग मगरिब की अजान सुनकर ही रोजा खोलते थे। इसलिए मदरसे के आगे लड़की स्कूल के सामने गोला फोड़ा जाता है। इससे बैजनाथपारा समेत आसपास के कई मोहल्लों में पता चल जाता है कि रोजा खोलने का समय हो गया है। यह परंपरा इस साल भी जारी रहेगी।
कंटेंट : असगर खान
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