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कबड्डी में जाैहर दिखा रहे हैं रांची के खिलाड़ी

एक वर्ष पहले
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kabaddi

गांव के खिलाड़ियों को तराशने का काम कर रहा है एसोसिएशन**

मैदान बनाकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया गया
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ग्रामीण क्षेत्रों में कबड्डी खिलाड़ियों को किसी तरह की कोई सुविधा नहीं मिलती। इसके बावजूद खिलाड़ी रोजाना प्रैक्टिस करते हैं। प्रवीण सिंह ने बताया कि गांव में ही खिलाड़ी मिलते हैं। इनके अंदर जो क्षमता है वो शहर के खिलाड़ियों में नहीं मिलती। एसोसिएशन ने गांव में खिलाड़ियों के साथ मिलकर पहले ग्राउंड बनाने का काम शुरू किया। जोन्हा में पहाड़ से सटे खेत में मैदान बनाकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू किया गया। शुरू में कम खिलाड़ी आते थे। लेकिन अब खिलाड़ियों की भरमार हो गई है। यहां के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में खेलकर अपना दम दिखाया

कबड्‌डी एक ऐसा खेल है जो गांव के बच्चों के रगरग में बसा हुआ है। लड़के हो या लड़कियां इस खेल से अछूते नहीं रहते। खुले मैदान में खेले जाने वाला यह खेल बहुत ही रोचक आैर राेमांच वाला खेल है। हालांकि अब यह खेल भी पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय खेल बन चुका है। इसके खिलाड़ी भी अब लाखों रुपए आसानी से कमा ले रहे हैं। रांची में प्रो कबड्डी लीग का आयोजन होने के बाद से खिलाड़ियों की संख्या में बढ़ोत्तरी भी हुई। रांची के कई सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कबड्डी खेल का जबरदस्त विकास हुआ। रांची जिला कबड्डी एसोसिएशन ने गांव के खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण देने का जिम्मा उठाया। 2015 से एसोसिएशन इसपर काम करना शुरू कर दिया। गांव के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट खेलकर जिला आैर राज्य का मान सम्मान बढ़ाया। खिलाड़ियों को तराशने में रांची जिला कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण सिंह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। अब अनगड़ा, मांडर, रातू, रांची, जोन्हा, अोरमांझी, सिकिदीरी और अन्य गांव के खिलाड़ी इस खेल में रोजगार भी तलाशने लगे।


सरकार गांव में कबड्डी सेंटर खोले**

रांची जिला कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण सिंह ने कहा कि गांव में कबड्डी के प्रतिभा खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। बस इन खिलाड़ियों को तराशने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि गांव में कबड्डी का सेंटर खोले। ताकि यहां खिलाड़ी सारी सुविधाअों के साथ अपने खेल को निखार सके। रांची जिला जैसे क्षेत्र में खेल विभाग ने सिर्फ एक डे बोर्डिंग सेंटर मोरहाबादी में खोला है। विभाग को चाहिए की गांव में सेंटर खोलकर खिलाड़ियों का भविष्य बनाए। सेंटर खोलने को लेकर मैने विभाग में आवेदन भी दिया। लेकिन अभी तक इसपर कोई काम नहीं हुआ।

प्रो कबड्डी के बाद क्रेज बढ़ा **

2017 रांची में प्रो कबड्डी लीग का आयोजन खेलगांव में किया गया था। पहली बार इस लीग का आयोजन यहां कराया गया। देशी-विदेशी खिलाड़ियों के खेल देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों में उत्सुकता बढ़ी। एसोसिएशन की ओर से खेल देखने की व्यवस्था कराई गई थी। काफी संख्या में गांव के खिलाड़ियों ने मैच देखा। इसके बाद गांव में खिलाड़ियों की संख्या कबड्डी में बढ़ती ही चली गई। खासकर लड़कियों की संख्या इसमें अधिक रही।


इन खिलाड़ियों ने दिखाया दम
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अनगड़ा की आरती गाड़ी, प्रीति कुमारी, दीपक महतो व पवन मुंडा ने जूनियर नेशनल टूर्नामेंट का सफर तय किया। अनगड़ा के ही राकेश हजाम व प्रीति ने सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में भी अपनी धमक दिखाई। वहीं, पूनम तिर्की आैर स्मृति ने राज्य स्तरीय कबड्डी टूर्नामेंट में दम दिखाया। जोन्हा की कविता कुमारी, शशि कुमारी, सपना कुमारी, सूरज मुंडा ने जूनियर स्टेट खेलकर गांव की मान बढ़ाया। वहीं, लालपुर रांची के अनवर कुरैशी ने सीनियर स्टेट खेला। ओरमांझी की संजूति कुमारी आैर गेलतसूद के ज्योतिस मुंडा ने राज्य की ओर से खेले।
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