रांची यूनिवर्सिटी में 2008 के बाद नहीं हुईं नई नियुक्तियां, शिक्षकों की औसत उम्र 59 साल

News - रांची विश्वविद्यालय बुजुर्ग हो चला है। यहां सेवा दे रहे शिक्षकों की औसत आयु 59 वर्ष है। इसकी मुख्य वजह समय पर...

Jan 16, 2020, 07:40 AM IST
Ranchi News - ranchi university has no new appointments after 2008 average age of teachers is 59 years
रांची विश्वविद्यालय बुजुर्ग हो चला है। यहां सेवा दे रहे शिक्षकों की औसत आयु 59 वर्ष है। इसकी मुख्य वजह समय पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होना है। वर्ष 1996 में यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इसके 12 साल बाद 2008 में नियुक्ति हुई, जबकि हर महीने शिक्षक रिटायर कर रहे हैं।

नियमित नियुक्ति नहीं होने के चलते प्रत्येक विभाग शिक्षकों का आयु सामंजस्य बिगड़ गया है। इससे युवा शिक्षकों की ऊर्जा और बुजुर्ग शिक्षकों के अनुभव का लाभ स्टूडेंट्स को नहीं मिल पा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में उच्च शिक्षा की स्थिति भयावह होगी। नियमित नियुक्ति ही एक मात्र विकल्प है। फिलहाल झारखंड लोक सेवा आयोग असिस्टेंट प्रोफेसर के 1118 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।

लंबे समय पर नियुक्ति होने के चलते विभाग में बिगड़ा शिक्षकों की आयु का सामंजस्य

22 पीजी विभाग में नियम के अनुसार शिक्षक नहीं

रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत 22 पीजी विभाग हैं। इन विभागों में 225 की जगह 112 शिक्षक कार्यरत हैं। नियम के अनुसार प्रत्येक विभाग में एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर और एक प्रोफेसर होना जरूरी है।

नैक निरीक्षण में भी शिक्षकों की कमी का असर : राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायण परिषद (नैक) द्वारा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का निरीक्षण किया जाता है। इसमें शिक्षकों की कमी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर रहने के बाद भी अच्छी ग्रेडिंग नहीं मिलती है, क्योंकि शिक्षकों की कमी है। बेहतर ग्रेडिंग नहीं मिलने पर अनुदान मद में मिलने वाली राशि पर भी प्रभाव पड़ता है।

पहले वीसी पीजी टॉपरों को करते थे नियुक्त

विश्वविद्यालयों में पहले वीसी को नियुक्ति का हक था। पीजी के टॉपर को वीसी खुद नियुक्त कर देते थे। इस कारण युवा शिक्षकों की कमी नहीं होती थी। बाद में इस पर रोक लगा दी गई। इससे युवा शिक्षकों की विश्वविद्यालयों में लगातार कमी होती गई।

यूजीसी ने कहा... स्थायी नियुक्ति करे यूनिवर्सिटी

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों को परमानेंट नियुक्ति करने के लिए कहा है। इस संबंध में यूजीसी द्वारा कई बार विश्वविद्यालयों को पत्र भी भेजा गया है। लेकिन नियमित नियुक्ति नहीं होना परंपरा बन गई है।

अनुभव व ऊर्जा के लाभ से छात्र वंचित


45-47 वर्ष औसत आयु आदर्श मानी जाती है

इंटरनल क्वालिटी इंश्योरेंस सेल (एक्वेक) के डायरेक्टर डॉ. संजय मिश्रा बताते हैं कि सोशल साइंटिस्टों के अनुसार भी शिक्षकों की औसत आयु 45-47 वर्ष होना चाहिए, ताकि अनुभवी और ऊर्जावान शिक्षकों के बीच तालमेल बना रहे।

विश्वविद्यालयों में थर्ड और फोर्थ ग्रेड कर्मियों के 50% पद रिक्त

रांची |
राज्य के विश्वविद्यालयों में तृतीय और चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के 50 फीसदी पद रिक्त हैं। पिछले सप्ताह ही विश्वविद्यालयों को कर्मचारी नियुक्ति का अधिकार दे दिया गया है। इसके साथ ही विवि में 38 वर्ष बाद नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। लेकिन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालयों को नियुक्ति का अधिकार दिए जाने के संबंध में पत्र नहीं मिला है।

आरयू में 222 पद खाली: रांची यूनिवर्सिटी मुख्यालय में ही कर्मचारियों के 222 पद खाली हैं। इसमें थर्ड ग्रेड के 113 और फोर्थ ग्रेड के 109 पद रिक्त हैं। इससे हर सेक्शन में कार्य प्रभवित हो रहा है। लेकिन सबसे अधिक परेशानी परीक्षा विभाग को होती है।

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