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सवा करोड़ से अधिक परिवारों का राशन कार्ड आधार से जुड़ा, पॉस मशीन से मिलेगा अनाज

3 वर्ष पहले
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पटना. खाद्य सुरक्षा योजना के 8.57 करोड़ लाभुकों को सस्ती दर पर अनाज अगस्त से पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) के माध्यम से मिलेगा। 1.54 करोड़ परिवार में से सवा करोड़ से अधिक परिवार का राशन कार्ड आधार से जुड़ गया है। पुराने 42 हजार पीडीएस के साथ नए 13 हजार पीडीएस में पॉस मशीन बेल्ट्रॉन से चिह्नित एजेंसी लगाएगी। इसके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने निर्देश दिया है। 

 


- एजेंसी को पांच साल तक पॉस संचालन की गड़बड़ी दूर करने की भी जिम्मेदारी होगी। निविदा प्रक्रिया में है। प्रति क्विंटल 17 रुपए पीडीएस दुकानदार को मिलेगा। इसमें आधी राशि केंद्र सरकार देगी। 55 हजार पॉस मशीन लगाने में करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पीडीएस दुकानों पर लाभुकों को पॉस मशीन से राशन देने के लिए लाभुकों का आधार से जुड़ना जरूरी है। लाभुकों का आधार नंबर इससे लिंक रहेगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजकर स्थानीय निगरानी समिति की मॉनिटरिंग में लाभुकों को राशन देने का निर्देश दिया है। अगस्त से पॉस मशीन लगाने तक निगरानी समिति राशन दिलाने के लिए मॉनिटरिंग करे, ताकि राशन वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। 

 

आधार से रहेगा लिंक

55 हजार पीडीएस दुकानों में पॉस मशीन लगाने में करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत नालंदा के नूरसराय प्रखंड के सभी 59 पीडीएस दुकानों को पॉस मशीन उपलब्ध कराया गया है। एटीएम कार्ड की तरह लाभुकों को कार्ड मिलेगा। इस कार्ड को मशीन में स्वीप करने पर पूरा डिटेल आ जाएगा कि लाभुक ने कब तक का राशन लिया है। आधार से जुड़े होने के कारण अंगूठे के निशान से भी पूरा डिटेल आ जाएगा। कीमत में भी गड़बड़ी नहीं होगी। लाभुक के पास एटीएम कार्ड की तरह लाभुकों का आधार इससे लिंक रहेगा। लाभुक को पीडीएस पर आकर सिर्फ अंगूठे का निशान देना होगा। 

 

 

लाभुकों का तैयार हो रहा बायोमेट्रिक डाटा बैंक  

 

सभी लाभुकों का बायोमेट्रिक डाटा बैंक तैयार हो रहा है। लाभुकों को स्मार्ट राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों की विवरणी होगी। जनवितरण प्रणाली की दुकानों में लाभुकों के अंगूठे का निशान उस इलेक्ट्रॉनिक मशीन में उपलब्ध होगा। मिलान करने पर जीपीआरएस या एसएमएस के माध्यम से सेंट्रल सर्वर से तुरंत एटीएम कार्ड की तरह रसीद निकलेगा। रसीद के अनुसार भुगतान करने पर उपभोक्ता अपना अनाज ले सकेंगे। इस व्यवस्था से पीडीएस दुकानदारों का उपभोक्ताओं पर एकाधिकार समाप्त हो जाएगा। दुकानदारों में प्रतियोगिता की भावना होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य के 8.71 करोड़ लाभुकों को सस्ता अनाज मिलना है। 

 

 

एक मशीन पर 25 हजार रुपए खर्च 
एक प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइस मशीन लगाने में करीब 25 हजार की राशि खर्च होगी। एक कार्ड बनाने में करीब चार रुपए लगेंगे।

 

छह माह का लगेगा समय

 अगस्त से 42 हजार पुराने पीडीएस के साथ 13 हजार नए पीडीएस में पॉस मशीन छह माह में लगा लिया जाएगा। जब तक पॉस मशीन चालू नहीं होता है, राशन कार्ड के आधार पर लाभुकों को अनाज मिलेगा। इस व्यवस्था में राशन वितरण की गड़बड़ी में इससे रोक लगेगी। चिह्नित लाभुकों का आधार नहीं होने पर भी अनाज दिया जाएगा। ‌

-मदन सहनी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री

 

 

 

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