--Advertisement--

महाभारत 2019: राहुल ने मानसरोवर में भी राजनीति की, तभी तो कहा- यहां घृणा नहीं है- रविशंकर प्रसाद

कानून मंत्री को भरोसा- एससी-एसटी एक्ट पर सवर्णों की नाराजगी दूर होगी

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2018, 08:58 AM IST
Ravi Shankar Prasad Interview under Mahabharata 2019

नई दिल्ली. केंद्रीय कानून, सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को एससी-एसटी एक्ट पर सवर्णों की नाराजगी दूर होने का भरोसा है। 2019 के चुना‌वों को प्रभावित करने वाले ऐसे और भी मुद्दों पर भास्कर ने उनसे बातचीत की।

सवाल- सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर फैसला दिया, जिसे संसद से पलट दिया गया। सवर्ण इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, कैसे लोगों को भरोसा दिलाएंगे?

रविशंकर- हम लोगों को अपनी बात समझाएंगे। 2015 में जो कानून बना था, उसी को पुनर्स्थापित किया गया है। उस कानून में कोई दिक्कत नहीं थी।

सवाल- चुनाव में सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकार क्या कदम उठाएगी?
रविशंकर- सोशल मीडिया के डेटा का दुरुपयोग चुनाव को प्रभावित करने के लिए हो, इसके जरिए आतंकवाद, चरमपंथ, अपराध की प्रवृत्ति को प्रेरित किया जाए तो कार्रवाई होनी चाहिए। व्हाट्सएप के प्रमुख मुझसे मिलने आए थे तो मैंने कहा था कि शिकायतें सुनने वाला अधिकारी रखिए। कंपनी का हेडक्वार्टर हिंदुस्तान में रखिए।

सवाल- भाजपा ने घोषणापत्र में अनुच्छेद 370 को हटाने की बात कही थी, लेकिन अब कानून और गृह मंत्रालय ने संसद में जवाब दिया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस वादे का क्या हुआ?
रविशंकर- कश्मीर में हम आतंकवाद को समाप्त कर रहे हैं, कश्मीरी बच्चे खेल में आगे बढ़ रहे हैं, सेना, पुलिस में भर्ती हो रहे हैं। अभी हमारा मुद्दा कश्मीर को मुख्य धारा में लाना है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम मेनिफेस्टो भूल गए हैं।

सवाल- महागठबंधन कितनी बड़ी चुनौती हैं?
रविशंकर-
यह 1995-96 का भारत नहीं है। देश अवसरवादी गठबंधन से नहीं चल सकता। ये लोगों ने देवगौड़ा-गुजराल के समय देख लिया है।

सवाल- राहुल को चुनौती नहीं मानते तो उनकी हर गतिविधि पर भाजपा हमलावर क्यों होती है? उनकी हिंदू देवी-देवता के प्रति भक्ति से एेतराज क्यों है?
रविशंकर-
वो रास्ते में क्या-क्या खा रहे हैं, उस पर मैं नहीं बोलने वाला। आपने देखा संसद में उन्होंने कैसे आंख मारी। राहुल गांधी का आचरण और बोलना, देश के सामने उनको स्थापित कर देता है। कभी अपने को जनेऊधारी शिवभक्त कह लेते हैं, हिंदुस्तान में ये नई स्तरहीन राजनीति हो रही है। क्या मतलब है यह कहने का कि कैलाश मानसरोवर में घृणा नहीं है? वहां भी राजनीति कर रहे हैं, भक्ति नहीं।

सवाल- क्या इस बार आप पटना साहिब से लोकसभा चुनाव में उतरेंगे?
रविशंकर- (हंसते हुए) लड़ूं ना लड़ूं यह पार्टी तय करती है। मैं पार्टी का सिपाही हूं।

X
Ravi Shankar Prasad Interview under Mahabharata 2019
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..