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संविधान में आरक्षण का प्रावधान सिर्फ दलित हिन्दुओं के लिए, दूसरों को हकमारी नहीं करने देंगे: कानून मंत्री

3 वर्ष पहले
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पटना.  केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि संविधान में आरक्षण का प्रावधान सिर्फ दलित हिन्दुओं के लिए है। हिन्दू, बौद्ध और सिखों को यह संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। जो दलित-मुस्लिम की बात कर रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि दूसरे धर्मों के लोगों को यह अधिकार नहीं। यदि उन्हें यह अधिकार मिला तो यह दलितों की हकमारी होगी। वे इनका ही हक मारेंगे। उन्हें इनके कोटे में से ही हिस्सेदारी देनी होगी। केन्द्र सरकार किसी सूरत में एससी-एसटी के अधिकारों की हकमारी नहीं होने देगी।

 

केन्द्रीय मंत्री शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश दफ्तर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्मों के लोगों को दलित संवर्ग का आरक्षण लेने के पहले यह बताना होगा कि क्या उनके यहां भी छुआछूत, भेदभाव है। हिन्दू धर्म में यह कुरीति रही है, इसीलिए यहां अनुसूचित जाति के लोगों को संवैधानिक अधिकार प्रदान किया गया। पर, दूसरे धर्म में भी क्या भेदभाव या असामनता है?

 

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने दलितों के लिए कई गंभीर कार्य किये हैं। एससी अत्याचार एक्ट को पहले से ताकतवर बनाया। कानून वी.पी.सिंह के शासनकाल में बनी लेकिन इसमें कई अन्ट प्रावधानों को नरेन्द्र मोदी के समय जोड़ा गया और इसे काफी ताकतवर बनाया। कांग्रेस बताए कि उसने क्या किया? न उसने कानून बनाया और न ही इसे ताकतवर बनाया। उसे जब भी सत्ता मिली, दलितों के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा को ताकत मिली तो दलित को राष्ट्रपति के सर्वोच्च पद पर भी बैठाया।

 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मायावती ने इस एक्ट को प्रभावहीन बनाने की कोशिश की। उनके यूपी के सीएम रहते दो-दो बार शासनादेश निकाला गया। इसमें कहा गया कि एससी अत्याचर एक्ट का दुरुपयोग रोका जाए, निर्दोष को नहीं परेशान किया जाए। गंभीरता से जांच के बाद ही कार्रवाई हो। हत्या या बलात्कार के मामले में ही एससी एक्ट का उपयोग हो। बलात्कार के मामले में भी चिकित्सीय जांच के बाद मामला प्रमाणिक होने के बाद कार्रवाई हो। अन्य मामलों में सामान्य धारा के तहत कार्रवाई हो। क्या मायावती ने एक एक्ट को प्रभावी बनाया या फिर इसे कमजोर किया? मायावती के पीछे अखिलेश यादव और उनके पीछे लालू यादव हैं। एससी एक्ट को कमजोर बनाने वाले लोग हमारे ऊपर सवाल उठा रहे हैं।

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