Hindi News »Business» RBI Hikes Key Policy Rate By 25 Basis Points To 6 50 Per Cent

आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% का इजाफा किया, होम लोन पर हर महीने 321 रुपए बढ़ सकती है ईएमआई

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 6.25% से बढ़ाकर 6.50% किया

DainikBhaskar.com | Last Modified - Aug 01, 2018, 06:19 PM IST

  • आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% का इजाफा किया, होम लोन पर हर महीने 321 रुपए बढ़ सकती है ईएमआई
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    - मोदी सरकार में दूसरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी

    मुंबई.आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% का इजाफा किया है। ये 6.25% से बढ़कर 6.50% हो गया। सोमवार से शुरू हुई आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक बुधवार को खत्म हुई। इसके बाद नई दरों का ऐलान किया गया। छह सदस्यीय एमपीसी के पांच सदस्यों ने दरें बढ़ाने के समर्थन में वोट दिया। रेपो रेट बढ़ने से सभी तरह कर्ज महंगे होने के आसार हैं। चार से छह जून तक चली पिछली समीक्षा बैठक में भी रेपो रेट 0.25% बढ़ाया गया था। पांच साल में यह दूसरा मौका है, जब लगातार दूसरी समीक्षा बैठक में रेपो रेट में इजाफा किया गया है। इससे पहले अक्टूबर 2013 में रेपो रेट लगातार दो बार बढ़ा था। जिस दर पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं।

    डिपॉजिट पर भी ज्यादा ब्याज मिलने की उम्मीद: बैंकिंग मामलों के एक्सपर्ट आरके गौतम के मुताबिक लोन महंगा होगा तो जमा दरें भी बढ़ेंगी। जमा और लोन पर ब्याज दरों में संतुलन और लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए बैंकों को एफडी और दूसरी जमा योजनाओं पर रेट बढ़ाने होंगे। एसबीआई ने 30 जुलाई को ही 1 करोड़ रुपए से कम राशि की एफडी पर ब्याज में 0.05 से 0.10% की बढ़ोतरी की है।

    रिवर्स रेपो रेट भी 0.25% बढ़ाया : आरबीआई ने इसे 6% से बढ़ाकर 6.25% कर दिया। बैंकों को अपने जमा पर आरबीआई से मिलने वाली ब्याज दर रिवर्स रेपो रेट कहलाती है। बाजार में कैश फ्लो ज्यादा होने पर आरबीआई इसमें बढ़ोतरी करता है। रिवर्स रेपो रेट बढ़ने पर बैंक आरबीआई के पास ज्यादा नकदी जमा करते हैं।

    महंगाई की वजह से रेपो रेट बढ़ाया : आरबीआई ने जुलाई-सितंबर के लिए रिटेल मंहगाई 4.2% रहने का अनुमान जारी किया है। अक्टूबर-मार्च छमाही के लिए इसे बढ़ाकर 4.8% किया है। पिछली समीक्षा बैठक के बाद 4.7% का अनुमान दिया था। फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की वजह से आरबीआई ने खाद्य सामग्री महंगी होने के आसार जताए हैं। जून में रिटेल महंगाई 5% रही जो 5 महीने में सबसे ज्यादा है। नवंबर 2017 से ये लगातार आरबीआई के 4% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ब्याज दरें तय करते वक्त आरबीआई कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) आधारित रिटेल महंगाई दर को ध्यान में रखता है।

    मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) ने ट्रेड वॉर पर भी चिंता जताई। समिति ने कहा, इससे ग्लोबल ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उत्पादन में रुकावट आएगी और निवेश प्रभावित होगा। इससे भारत के एक्सपोर्ट पर भी विपरीत असर पड़ सकता है।

    जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.4% बरकरार : आरबीआई ने 2018-19 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान में बदलाव नहीं किया। जून की समीक्षा बैठक में भी इसे 7.4% रखा था। पहली छमाही में ग्रोथ रेट 7.5 से 7.6% और दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) में 7.3 से 7.4% रहने के आसार हैं। अगले वित्त वर्ष (2019-20) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी विकास दर 7.5% रहने की उम्मीद जताई है।

    घरों की बिक्री पर असर पड़ने के आसार : प्रॉपर्टी डवलपर्स और कंसल्टेंट्स के मुताबिक रेपो रेट बढ़ाने के आरबीआई के फैसले से घरों की बिक्री पर घट सकती है। बैंक होम लोन पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा, बढ़ती महंगाई को देखते हुए पहले से ही रेपो रेप में इजाफे के आसार थे। हालांकि, प्रॉपर्टी बाजार की हालत को देखते हुए इस सेक्टर को उम्मीद थी कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सिलसिले पर रोक लगाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

  • आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25% का इजाफा किया, होम लोन पर हर महीने 321 रुपए बढ़ सकती है ईएमआई
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    आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की अगली बैठक 3-5 अक्टूबर तक होगी।- फाइल
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