Hindi News »Business» RBI Monetary Policy 6 June 2018 What Are The Key Rates

साढ़े चार साल बाद रेपो रेट में 0.25% का इजाफा, होम लोन पर हर महीने 2% तक ईएमआई बढ़ सकती है

2014 के बाद पहली बार रेपो रेट में इजाफा किया गया है

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 06, 2018, 09:32 PM IST

      • एक्सपर्ट के मुताबिक बैंक लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए जमा योजनाओं पर भी ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं
      • एमपीसी के सभी 6 सदस्यों ने 0.25% बढ़ोतरी के पक्ष में वोट दिया
      • मीटिंग के मिनट्स 20 जून को जारी किए जाएंगे
      • अगली बैठक 31 जुलाई से 1 अगस्त तक होगी

      मुंबई. आरबीआई ने साढ़े चार साल बाद रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25% का इजाफा किया है। रेपो रेट 6% से बढ़कर 6.25% हो गया है। वहीं रिवर्स रेपो रेट अब 5.75% से बढ़कर 6% हो गया है। इससे होम और कार लोन समेत सभी तरह के लोन महंगे हो सकते हैं। सोमवार से बुधवार तक चली आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक में ये फैसला लिया गया। इससे पहले मौद्रिक नीति की लगातार 4 समीक्षा बैठकों में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। पिछली बैठक 4-5 अप्रैल को हुई थी।

      20 लाख के होम लोन पर हर महीने 318 रुपए बढ़ सकती है ईएमआई

      लोन राशि (रुपए)मौजूदा रेट (8.5%) पर ईएमआईनया रेट (8.75%) पर ईएमआईईएमआई में कितना इजाफा होगा
      20 लाख17,356 रुपए17,674 रुपए318 रुपए
      30 लाख26,035 रुपए26,511 रुपए476 रुपए
      50 लाख43,391 रुपए44,186 रुपए795 रुपए

      (20 साल की अवधि के लिए गणना)

      10 लाख के ऑटो लोन पर हर महीने 122 रुपए बढ़ सकती है ईएमआई

      लोन राशि (रुपए)मौजूदा रेट (9.40%) पर ईएमआई नया रेट (9.65%) पर ईएमआईईएमआई में कितना इजाफा होगा
      3 लाख6,286 रुपए6,323 रुपए37 रुपए
      5 लाख10,477 रुपए10,538 रुपए61 रुपए
      10 लाख20,953 रुपए21,075 रुपए122 रुपए

      (5 साल के लिए गणना)

      पर्सनल लोन भी हो सकता है महंगा

      लोन राशि (रुपए)

      मौजूदा रेट (12.30%) पर ईएमआई

      नया रेट (12.55%) पर ईएमआई
      2 लाख17,798 रुपए17,821 रुपए
      3 लाख26,697 रुपए26,732 रुपए
      5 लाख44,495 रुपए44,553 रुपए

      (1 साल के लिए गणना)

      आरबीआई ने क्यों बढ़ाई दरें ?
      महंगाई का हवाला देते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गर्वनर उर्जित पटेल ने कहा कि मई में रिटेल महंगाई बढ़ने का अनुमान है। साथ ही कहा कि क्रूड में तेजी से रिटेल महंगाई को लेकर अनिश्चितता है।

      डिपॉजिट पर भी ज्यादा ब्याज मिलने की उम्मीद: एक्सपर्ट

      बैकिंग से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट आर के गौतम के मुताबिक बैंक अगर लोन महंगा करते हैं तो लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए जमा योजनाओं पर भी ब्याज बढ़ा सकते हैं जिसका फायदा आम आदमी को मिलेगा।

      जीडीपी ग्रोथ अनुमान में बदलाव नहीं

      - आरबीआई ने 2018-19 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.4% बरकरार रखा है।

      अप्रैल-सितंबर में रीटेल महंगाई अनुमान 4.8-4.9% किया
      इससे पहले अप्रैल की समीक्षा बैठक में आरबीआई ने महंगाई दर 4.7-5.1% रहने का अनुमान जारी किया था।

      अक्टूबर-मार्च महंगाई अनुमान 4.7% किया
      चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए महंगाई दर अनुमान 4.4% से बढ़ाकर 4.7% किया गया है।

      मोदी सरकार में पहली बार रेपो रेट बढ़ा

      इससे पहले जनवरी 2014 में आखिरी बार रेपो रेट में इजाफा किया गया था। मई 2014 में मोदी सरकार ने सत्ता संभाली जिसके बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ी है।

      शेयर बाजार पर असर नहीं, सेंसेक्स 276 अंक उछला
      आरबीआई की पॉलिसी के बाद बाजार में ऊपरी स्तरों से कुछ गिरावट देखी गई लेकिन बाद में रिकवर हो गया। निफ्टी भी 91.50 अंक चढ़कर 10,684.65 पर बंद हुआ।

      बैंकों ने आरबीआई पॉलिसी से पहले ही रेट बढ़ाए

      - एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई समेत कई दूसरे बैंकों ने आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू के पहले ही 0.10% से 0.20% तक रेट बढ़ा दिए थे। ये 1 जून से लागू हैं। बता दें कि बैंक अपनी तरफ से लोन और जमा पर ब्याज दरें बढ़ाने या घटाने के लिए स्वतंत्र हैं।

      रेपो रेट क्या है ?
      - जिस दर पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है
      - बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं
      - रेपो रेट घटने से लोन सस्ता होने की उम्मीद बढ़ती है

      रिवर्स रेपो रेट क्या है ?
      - बैंकों को अपने जमा पर आरबीआई से मिलने वाली ब्याज दर
      - बाजार में कैश फ्लो ज्यादा होने पर आरबीआई रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता है
      - रिवर्स रेपो रेट बढ़ने पर बैंक आरबीआई के पास ज्यादा नकदी जमा करते हैं

      सीआरआर
      - बैंकों को अपनी कुल नकदी का एक तय हिस्सा आरबीआई के पास रखना होता है
      - आरबीआई जब दरों में बदलाव किए बगैर कैश फ्लो घटाना चाहे तो सीआरआर बढ़ाता है
      - सीआरआर बढ़ने से बैंकों के पास लोन देने के लिए कम रकम बचती है

    • साढ़े चार साल बाद रेपो रेट में 0.25% का इजाफा, होम लोन पर हर महीने 2% तक ईएमआई बढ़ सकती है
      +2और स्लाइड देखें
    • साढ़े चार साल बाद रेपो रेट में 0.25% का इजाफा, होम लोन पर हर महीने 2% तक ईएमआई बढ़ सकती है
      +2और स्लाइड देखें
    आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
    दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

    More From Business

      Trending

      Live Hindi News

      0

      कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
      Allow पर क्लिक करें।

      ×