आरबीआई की बैठक पहली बार 3 दिन चलेगी, 6 जून को ब्याज दरों की घोषणा होगी / आरबीआई की बैठक पहली बार 3 दिन चलेगी, 6 जून को ब्याज दरों की घोषणा होगी

रेपो रेट फिलहाल 6% और रिवर्स रेपो रेट 5.75% है

DainikBhaskar.com

Jun 04, 2018, 10:21 AM IST
अप्रैल की पॉलिसी समीक्षा में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।- फाइल अप्रैल की पॉलिसी समीक्षा में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।- फाइल

  • पिछली बार एमपीसी सदस्य माइकल पात्रा ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया था
  • मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की पिछली समीक्षा बैठक 4-5 अप्रैल को हुई थी

मुंबई. रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक जारी है। पहली बार एमपीसी की बैठक 3 दिन चलेगी। सोमवार को ये मीटिंग शुरू हुई थी जो बुधवार को खत्म होगी। इससे पहले दो दिन की मीटिंग होती थी। बुधवार को ब्याज दरों पर एमपीसी का फैसला आएगा। पिछली बैठक में महंगाई का हवाला देते हुए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। फिलहाल रेपो रेट 6% और रिवर्स रेपो 5.75% है। अगस्त 2017 से ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है।

ब्याज दर बढ़ाने के संकेत
पिछली बैठक के बाद आरबीआई के डिप्टी गवर्नर और एमपीसी के सदस्य विरल आचार्य ने कहा कि जून की पॉलिसी में वो मॉनेटरी एकोमोडेशन विड्रॉ के लिए वोट करेंगे। पिछली बैठक में समिति के सदस्य माइकल पात्रा ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाने के पक्ष में वोटिंग की थी।

आरबीआई का फोकस 3 मुद्दों पर रहेगा
1) महंगाई दर- अप्रैल में रीटेल महंगाई दर 4.58% और कोर महंगाई 6% रही है। इससे पहले लगातार 3 महीने रीटेल महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि नवंबर 2017 से रीटेल महंगाई दर 4% के ऊपर बनी हुई है। अप्रैल में थोक महंगाई दर बढ़कर 3.18% रही।
- इक्रा के एमडी और ग्रुप सीईओ नरेश ठक्कर के मुताबिक, 'अप्रैल में महंगाई दर के आंकड़े चौंकाने वाले रहे हैं लेकिन दरों में फिलहाल इजाफा जल्दबाजी होगी।'
2) ग्रोथ रेट- जनवरी-मार्च में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7% रही जो 7 तिमाही में सबसे ज्यादा है।
3) रुपए में गिरावट- डॉलर के मुकाबले 68 के नीचे फिसलने के बाद रुपए में अब रिकवरी देखी जा रही है।

बैंकों ने आरबीआई पॉलिसी से पहले ही रेट बढ़ाए

एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई समेत कई अन्य बैंकों ने आरबीआई की पॉलिसी से पहले ही 1 जून से लोन पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। बैंक अपनी तरफ से लोन और जमा पर ब्याज दरें बढ़ाने या घटाने के लिए स्वतंत्र हैं।

2016 से एमपीसी ब्याज दरों पर फैसला कर रही है

फाइनेंस एक्ट 2016 के जरिए मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) का गठन किया गया। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 में संशोधन किया गया था। एमपीसी की पहली बैठक अक्टूबर 2016 में हुई थी। एमपीसी से पहले आरबीआई गवर्नर ब्याज दरें तय करते थे।

एसबीआई समेत कई बैंकों ने 1 जून से लोन पर ब्याज दरें बढ़ाईं।- फाइल एसबीआई समेत कई बैंकों ने 1 जून से लोन पर ब्याज दरें बढ़ाईं।- फाइल
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अप्रैल की पॉलिसी समीक्षा में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।- फाइलअप्रैल की पॉलिसी समीक्षा में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।- फाइल
एसबीआई समेत कई बैंकों ने 1 जून से लोन पर ब्याज दरें बढ़ाईं।- फाइलएसबीआई समेत कई बैंकों ने 1 जून से लोन पर ब्याज दरें बढ़ाईं।- फाइल
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