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रिलायंस कम्युनिकेशंस अब जियो को बेच सकेगी अपने असेट, एरिक्सन को चुकाने होंगे 550 करोड़

सुप्रीम कोर्ट ने एक अक्टूबर तक एरिक्सन को भुगतान के निर्देश दिए

Danik Bhaskar | Aug 04, 2018, 12:03 PM IST
आरकॉम के खिलाफ एरिक्सन ने दिवा आरकॉम के खिलाफ एरिक्सन ने दिवा

- आरकॉम के खिलाफ दिवालिया याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 1 अक्टूबर को सुनवाई करेगा

- एरिक्सन ने याचिका लगाई थी, आरकॉम दिवालिया कार्रवाई नहीं चाहता है

नई दिल्ली. अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के एसेट मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को बेचने का रास्ता साफ हो गया है। आरकॉम और एरिक्सन के बीच पेमेंट विवाद इसमें अड़चन बना हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि आरकॉम 1 अक्टूबर तक एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए चुकाए। इस दौरान आरकॉम के एसेट जियो को बेचने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। आरकॉम के खिलाफ एरिक्सन ने दिवालिया याचिका दायर की हुई है। इसे खारिज करने के आरकॉम के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट 1 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।
एरिक्सन ने 550 करोड़ बकाया के चलते आरकॉम के खिलाफ दिवालिया याचिका लगाई है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने 30 मई को दिवालिया कार्रवाई पर रोक लगा दी और आरकॉम को 30 सितंबर तक भुगतान का निर्देश दिया। साथ में बैंकों को भी अनुमति दे दी कि वे आरकॉम के एसेट जियो को बेचने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। शर्त यह थी कि आरकॉम अगर एरिक्सन को समय पर पैसे नहीं देगी तो दिवालिया कार्रवाई फिर शुरू हो जाएगी। आरकॉम दिवालिया कार्रवाई बंद करवाना चाहती है।

बैंकों ने कहा, पहले हम कर्ज वसूलेंगे : सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद भी आरकॉम के लिए एरिक्सन को पैसे चुकाने में दिक्कत आ सकती है। कंपनी के एसेट की बिक्री बैंकों की देख-रेख में ही हो रही है। एरिक्सन को पैसे देने के लिए बैंकों की मंजूरी चाहिए। लेकिन दो सरकारी बैंकों के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि एसेट बिक्री से मिलने वाली रकम वे किसी और को नहीं देना चाहेंगे। एसबीआई की अगुवाई वाले बैंक कंसोर्टियम का कंपनी पर 42,000 करोड़ का कर्ज है। जियो को एसेट बेचकर सिर्फ 18,000 करोड़ मिलेंगे।