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रेडक्राॅस सोसायटी चेयरमैन ने अस्पताल में देखीं अव्यवस्थाएं, डॉक्टर बर्खास्त

3 वर्ष पहले
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भोपाल.   मरीज को गंभीर चोट हैं। उसके ब्लड की कंप्लीट ब्लड पिक्चर (सीबीपी) जांच प्राइवेट लैब में कराकर लाओ। अस्पताल में जांच कराने पर रिपोर्ट अगले दिन मिलेगी और उस रिपोर्ट पर भरोसा करके मरीज का इलाज नहीं किया जा सकता। यह जवाब शनिवार रात 12.30 बजे रेडक्राॅस हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे सोसायटी के चेयरमैन आशुतोष पुरोहित को इमरजेंसी ड्यूटी डॉ. अरविंद मीणा ने दिया।

 

सोती मिली दो नर्सों को किया निलंबित

अस्पताल के पैथोलॉजी डिपार्टमेंट में पैथोलॉजी टेस्ट की सुविधा की जांच के बाद सोसायटी चेयरमैन के निर्देश पर अस्पताल अधीक्षक ने डॉ. मीणा को बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान वार्ड ड्यूटी पर सोती मिली दो नर्सों को अस्पताल अधीक्षक ने निलंबित किया है।   


19 मई की रात गए थे औचक निरीक्षण करने

इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी की मध्यप्रदेश शाखा के चेयरमैन ने बताया कि 19 मई की रात साढ़े 12 बजे अस्पताल का औचक निरीक्षण करने गया था। उस समय संस्थान की इमरजेंसी यूनिट में मरीजों की भीड़ थी। तभी यूनिट के मेडिकल ऑफिसर डॉ.  मीणा ने एक मरीज को सीबीपी सहित दूसरे पैथोलॉजी टेस्ट प्राइवेट लेबोरेटरी में कराने को कहा। अटेंडर के रूप में इसका मैने जब विरोध किया, तो डॉ. मीणा ने अस्पताल की लैब रिपोर्ट में एक दिन का समय लगने और विश्वसनीय नहीं होने की बात कही। इसके बाद पैथोलॉजी लैब से स्टाफ बुलाकर पर्चे पर लिखी गए टेस्ट के संबंध में जवाब - तलब किया।

 

लैब टेक्नीशियन ने बताई गए टेस्ट की जांच रिपोर्ट 30 से 45 मिनट के भीतर देने का वादा किया। इसके बाद मरीज का सेंपल लेकर उसकी जांच की। साथ ही डॉ. मीणा को बर्खास्त करने के आदेश अस्पताल अधीक्षक को दिए थे। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्र शर्मा  ने सोमवार को डॉ. मीणा के बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में 24x7 मरीजों की जांच होती है। जो जांच संस्थान की लेबोरेटरी में होती है, उस टेस्ट के लिए मरीज को दूसरे अस्पताल भेजने की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता। ऐसा करना संस्थान की सेवा शर्तों का उल्लंघन है। 

 

ड्यूटी के दौरान सोती मिली दो नर्सेंं   
इमरजेंसी यूनिट के निरीक्षण के बाद सोसायटी चेयरमैन आशुतोष पुरोहित ने अस्पताल के दूसरे वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टाफ नर्स मंगला कामले और मोनिका नागले ड्यूटी रूम में सोती मिली। इस दोनों नर्सों को अस्पताल अधीक्षक ने निलंबित किया है। साथ ही दोनों नर्सों को स्पष्टीकरण देने का नोटिस दिया गया है।   

 

 

तर्क- मरीज के परिजनों के कहने पर प्राइवेट पैथोलॉजी में टेस्ट के लिए कहा

डॉ.  मीणा ने बताया कि इमरजेंसी यूनिट में इलाज के लिए पहुंचे मरीज को प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में जांच कराने उसके परिजनों की गुजारिश पर रैफर किया था। परिजनों को पहले अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में जरूरी मेडिकल जांच कराने कहा था। लेकिन, वह अस्पताल में जांच कराने को तैयार नहीं हुए थे। इस मामले में पुरोहित की निरीक्षण रिपोर्ट पर अस्पताल अधीक्षक ने केवल नोटिस दिया है। अस्पताल से सेवा समाप्त करने का आदेश अब तक नहीं मिला है।   

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