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​सास और बहू अगर ये 3 बातें ध्यान रखेंगी तो कभी नहीं होंगे झगड़े, रिश्ता होगा मजबूत

जब बहू ससुराल आती है तो उसके मन में सास के व्यवहार को लेकर भय रहता है। सास भी यही सोचती है कि नई बहू से पटेगी या नहीं?

Dainik Bhaskar

Jul 08, 2018, 03:26 PM IST
जब एक नई बहू ससुराल आती है तो उस जब एक नई बहू ससुराल आती है तो उस

लाइफस्टाइल डेस्क । यूं तो समाज की नजर में सास और बहू का रिश्ता बहुत जटिल माना जाता है। अमूमन लोगों की यही राय होती है कि इस रिश्ते में पटती कम है। जबकि इस रिश्ते की गहराई को जानें तो दो महिलाएं अपना ज्यादातर जीवन इस रिश्ते में ही निभाती हैं। जब एक नई बहू ससुराल आती है तो उसके मन में सास के व्यवहार को लेकर भय रहता है। सास भी यही सोचती है कि नई बहू से पटेगी या नहीं। ऐसे में यदि बह सास को मां और सास बहू को बेटी मान ले तो यह रिश्ता काफी प्यारा हो जाता है। मनोचिकित्सक रूमी अग्रवाल से जानिए ऐसी 03 बातें जो सास-बहू के झगड़ों को बंद कराकर इस रिश्ते को मीठा और मजबूत करेंगी।
01. हक न जताएं

  • सास अपने बेटे और बहू अपने पति पर बराबर का हक जताती हैं। इस बात से तकरार बढ़ना शुरू हो जाती है।
  • ऐसे में बहू को यह सोचना चाहिए कि आपकी सास ने इतने वर्ष तक आपके पति को पाला है, उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का पूरा ध्यान रखा है।
  • जैसे आपकी मां आपसे प्यार करती है, वैसे ही सास अपने पुत्र (यानी आपके पति) से प्यार करती है। उनका प्यार कम करने का प्रयास न करें।
  • वहीं सास को यह सोचना चाहिए कि आपकी बहू जिस एक व्यक्ति के लिए अपने माता-पिता और घर को छोड़कर अाई है वह आपका बेटा है।
  • वह उसी के प्यार और सहारे से खुद को नए माहौल में एडजस्ट करेगी। बहू और बेटे को रिश्ता बढ़ाने के लिए स्पेस देना भी बहुत जरूरी है।

02. दखलअंदाजी न हो

  • घरेलू कामों को लेकर एक-दूसरे पर नुक्ताचीनी करने या दखलअंदाजी होने पर बात बिगड़ती जाती है। ऐसे में बहू को सोचना चाहिए कि आप जिस परिवार में गई हैं, वह आपके लिए नया है।
  • हो सकता है वहां के नियम-कायदे आपके घर से अलग हों। उन्हें समझें और उनमें ढलने की कोशिश करें। सास के तजुर्बे का लाभ लें। पुरानी आदतें एकदम छूटेंगी नहीं, लेकिन उन पर अड़िग भी न रहें।
  • वहीं सास को सोचना चाहिए कि नई बहू पर एकदम भारी जिम्मेदारियां न थोपें। उसे घर के माहौल को समझने का मौका दें। हो सकता है वह कुछ गलतियां करे, उसे नजरअंदाज करें।
  • आप उसे मां बनकर सिखाएंगी तो वह जल्दी सीख पाएगी। प्यार से किसी को जल्दी अपनाया जा सकता है।

03. कहासुनी यूं टालें

  • कुछ बातों को लेकर कहासुनी हो जाना भी सामान्य बात है। इस विवाद के मूल में जाकर स्थिति को सुधारना चाहिए। बहू को सोचना चाहिए कि अपनी सास के प्रति सदैव आदरपूर्वक व्यवहार करें।
  • मायके में सास की चुगली न करें। सास को अपना दृष्टिकोण समझाएं और उनसे उनकी आपत्तियों का कारण भी समझें। किसी बीचवान की मदद लेने के बजाय घर की बात घर पर ही निपटाएं।
  • वहीं सास की ड्यूटी बनती है कि गलती होने पर वह बहू को अपनी बेटी समझकर माफ कर दें। उसकी बातों को समझें, हो सकता है उसके कहने का तरीका गलत हो, लेकिन उसकी बात तार्किक हो।
  • उससे जैसा व्यवहार करेंगी वह उसी अंदाज में आपको उत्तर देगी। उसमें अपनी बेटी को तलाशें।

यह तरीके भी हैं कारगर

  • एक-दूसरे के साथ समय बिताएं और सम्मान करें।
  • घर के कामों में एक-दूसरे की मदद भी करें।
  • कामों को लेकर प्रशंसा भी करना चाहिए।
  • दोनों परिवारों की तुलना या आलोचना न करें।
  • एक-दूसरे को प्रतियोगी बिल्कुल न समझें।

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