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डाउनलोड करेंभोपाल. शिवाजी नगर स्थित परशुराम मंदिर के सामने आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण के बाद ब्राह्मण समाज के युवकों ने आरक्षण खत्म करने को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। वे हाथ में तख्ती लिए पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग थी कि आरक्षण सिर्फ आर्थिक आधार पर दिया जाए। सीएम को बीच में भाषण रोकना पड़ा। हंगामा बढ़ता देख आयोजकों ने मुख्यमंत्री को पीछे के रास्ते से बाहर निकाला। लेकिन नारेबाजी कर रहे लोग शांत नहीं हुए।
-कार्यक्रम में मौजूद ज्यादातर लोग इन युवाओं का समर्थन करते देखे गए। खनिज निगम के अध्यक्ष शिव चौबे और राष्ट्रीय एकता परिषद के रमेश शर्मा युवाओं को समझाइश देने की कोशिश करते रहे, लेकिन लोगों ने उनका भी विरोध कर दिया। मामले की नजाकत को देखते हुए वे शांत हो गए। यह सारा घटनाक्रम करीब 10 मिनट चला।
कांग्रेस के कार्यकर्ता थे हंगामा करने वाले : वीडी शर्मा
-मंच पर मौजूद भाजपा के प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री जब अपना संबोधन समाप्त कर वापस लौट रहे थे और मौजूद लोगों के साथ फोटो खिंचवा रहे थे तब कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उनके हाथ में तिरंगा था जो आरक्षण के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। ये लोग कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद थे।
-वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने घटना पर कहा कि भाजपा कार्यकर्ता दोहरे मापदंड अपना रहे हैं। कोई भी मामला हो कांग्रेस पर ही दोषारोपण किया जाता है। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए की वह आरएसएस की आरक्षण विरोधी विचारधारा के खिलाफ है या समर्थन में।
वीआईपी मूवमेंट से चेतक ब्रिज पर लगा जाम
-इधर, भगवान परशुराम की शोभायात्रा, रेलवे का कार्यक्रम और वीआईपी मूवमेंट के कारण सोमवार शाम चेतक ब्रिज से लेकर शिवाजी नगर तक 4 घंटे तक हजारों लोग ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। चेतक ब्रिज के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में लोगों को एक घंटे से भी ज्यादा समय लगा। वाहन चालकों ने गौतम नगर के रास्ते रचना नगर अंडरब्रिज से निकलने की कोशिश की, लेकिन वे भी जाम में फंस गए। इस पूरी बदइंतजामी के पीछे कारण पुलिस का ट्रैफिक मैनेजमेंट फेल होना रहा।
जाम की चिंता नहीं.. वीआईपी मूवमेंट के लिए कई जगहों पर ट्रैफिक रोका
-पुलिस ट्रैफिक जाम को खत्म कराने का कम छोड़कर सीएम हाउस से शिवाजी नगर स्थित परशुराम मंदिर तक मुख्यमंत्री के काफिले का ट्रैफिक प्लान बनाने में व्यस्त रही। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने वीआईपी मूवमेंट के नाम पर नानके पेट्रोल पंप तिराहा, शिवाजी नगर तिराहा और बोर्ड ऑफिस चौराहे पर ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोका भी था।
दफ्तरों की छुट्टी के समय का ध्यान नहीं रखा
-पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन का कोई प्लान नहीं बनाया था। शोभायात्रा आयोजन समिति को यातायात बाधित नहीं होने की शर्त पर चल समारोह की अनुमति दे दी। इसके अलावा पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति देते समय सोमवार को वर्किंग डे और शाम 5 बजे सरकारी दफ्तरों की छुट्टी के समय को भी ध्यान में नहीं रखा।
पीक आवर्स में अनुमति क्यों दी गई?
-पीक ऑवर्स में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। आगे किसी भी कार्यक्रम को अनुमति देने से पहले इसका ध्यान रखा जाएगा। -धर्मेंद्र चौधरी, डीआईजी
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