रेजिडेंट्स ने सुधारी ढकोली कम्युनिटी सेंटर की हालत

Mohali Bhaskar News - ढकौली के कम्युनिटी सेंटर की बदली हुई सूरत। िसटी रिपोर्टर | जीरकपुर ढकाैली में गुलमोहर ट्रेंड के नजदीक बने...

Nov 11, 2019, 07:36 AM IST
ढकौली के कम्युनिटी सेंटर की बदली हुई सूरत।

िसटी रिपोर्टर | जीरकपुर

ढकाैली में गुलमोहर ट्रेंड के नजदीक बने कम्युनिटी सेंटर यहां के रेजिडेंट्स की बदौलत न सिर्फ साफ-सुथरा है बल्कि इसे प्रॉपर मेंटेन भी रखा गया है। यह सब यहां के रेजिडेंट्स की बदौलत हो पाया है। यहां कई कार्यक्रम हो रहे हैं। जिस मकसद से कम्युनिटी सेंटर बनाया गया, उसका पूरा फायदा पब्लिक को मिल रहा है। दूसरी ओर, शहर के दर्जनों कम्युनिटी सेंटर पब्लिक के किसी काम नहीं आ रहे हैं। इनमें पानी, बिजली और साफ-सफाई का प्रबंध भी ठीक नहीं है। एकाध को छोड़कर ज्यादातर कम्युनिटी सेंटर्स से पब्लिक को कुछ फायदा नहीं हो रहा है।

जीरकपुर शहर में लोगांे के लिए समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दर्जनों कम्युनिटी सेंटर बनाए गए हैं। लेकिन जिस काम के लिए ये बने हैं उनका इस्तेमाल पब्लिक नहीं कर पा रही है। तीन कम्युनिटी सेंटर्स का इस्तेमाल पुलिस थाना, चौकी के लिए किया जा रहा है। कुछ की मेंटनेंस ठीक से नहीं हो रही है। अधिकतर कम्युनिटी सेंटर्स पब्लिक के हित में काम नहीं रहे है।

यहां के लोगों का कहना है कि एमसी ने कम्युनिटी सेंटर बनाकर तो अच्छा काम किया है, लेकिन मेंटनेंस को लेकर कोई पॉलिसी नहीं बनाई है। इस कारण इनका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। लोग चाहते हैं कि शहर के सभी कम्युनिटी सेंटर्स की मेंटनेंस के लिए एक बॉडी बने, जो इनकी देखभाल करने के लिए नियम बनाए। इनका फायदा पब्लिक को हो। ऐसी सुविधाएं इनमें मिलेें। बिजली, पानी, सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। किसी के घर में शादी या धार्मिक समारोह हो। लोगों की मीटिंग हो या इस तरह के अन्य सामूहिक कार्य हांे, लोग इनका इस्तेमाल कर सकें। बिना बिजली के कम्युनिटी सेंटर में कोई आयोजन नहीं हो सकता है। पानी और सफाई भी नहीं है। जो टूट-फूट होती है उसकी भी मेंटीनेेंस नहीं होती है।

जीरकपुर में 30 से अधिक कम्युनिटी सेंटर है। अगर सभी अच्छी हालत में हों। सबको मेंटेन रखने के बाद लोग इनमें कम बजट में अपने सामूहिक कार्य करा सकते हैं। अगर किसी को अपने बेटे या बेटी की शादी इन कम्युनिटी सेंटर में करनी हो तो उसका मैरिज पैलेस के मुकाबले काफी कम बजट में काम हो जाएगा। इसी उद्देश्य से ये कम्युनिटी सेंटर बनाए भी गए है। शादी, धार्मिक समागम और अन्य कार्यों के लिए एक रेट लिस्ट तय हो। इसके अनुसार वहां चौकीदार या एक कर्मचारी रखा जा सकता है जो उसकी देखभाल करे। लोगाें को भी यहां वहां भागदौड़ किए बिना ही कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग करने की सुविधा मिले। लेकिन फिलहाल यहां एेसा नहीं है।

अगर िकसी में कमी है तो उसे दूर किया जाएगा

शहर के सभी कम्युनिटी सेंटर्स की देखरेख की जाती है। अगर किसी में कमी है तो उसे दूर किया जाएगा। लोगों के हित के लिए ही कम्युनिटी सेंटर बनाए गए है। लोगों को इनका फायदा हो रहा है।

- कुलविंदर सोही, प्रधान, नगर परिषद, जीरकपुर।

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