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फ़िल्म रिव्यू: फ़ायर हुए \'देसी कट्टे\'?

7 वर्ष पहले
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मयंक शेखर

फ़िल्म समीक्षक, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

फ़िल्म: देसी कट्टे

निर्देशक: आनंद कुमार

कलाकार: अखिल कपूर, जय भानुशाली

रेटिंग: *

इस फ़िल्म ने मेरे दिमाग में ऐसा ज़बरदस्त हमला किया कि मैं अब तक इससे उबर नहीं पाया हूं.

अब तक मुझे चक्कर आ रहे हैं.

कहानी है कानपुर के दो युवा होते लड़कों की.

एक लंबे बाल वाले महेंद्र सिंह धोनी जैसा दिखना चाहता है.

बेकार के कलाकार

फ़िल्म में ये रोल निभाया है अखिल कपूर नाम के युवा कलाकार ने जो विनोद खन्ना के भतीजे हैं.

सच कहूं तो इसके अलावा उनके पास कुछ भी ऐसा नहीं था जो उन्हें बॉलीवुड में एंट्री दिला पाता.

दूसरे कलाकार हैं जय भानुशाली जो टीवी में काफ़ी दिख चुके हैं.

दोनों ही कलाकार बला के असहनीय हैं.

कहानी

\'देसी कट्टे\' में युवा कलाकार अखिल कपूर और जय भानुशाली का बेकार अभिनय है.

दोनों बचपन से देसी कट्टों से खेलते हैं.

दोनों को रोमांस करने के लिए एक-एक लड़की मिल जाती है.

वो अपराध की सीढ़ियां चढ़ते चले जाते हैं और एक दिन टॉप डॉन (आशुतोष राणा) के बेहद क़रीबी बन जाते हैं.

\'अस्वाभाविक\' सुनील शेट्टी

कहानी इतनी ही होती तो शुक्र था.

लेकिन तभी इसमें एंट्री होती है नकली एक्टिंग के सुपरस्टार सुनील शेट्टी की.

वो इन लड़कों को शूटिंग की ट्रेनिंग देकर उन्हें इसे प्रोफेशनल स्पोर्ट्स के रूप में अपनाने की सलाह देते हैं.

ये कभी अंडरवर्ल्ड फ़िल्म लगती है तो कभी \'स्पोर्ट्सी कट्टे\' फ़िल्म लगने लगती है.

लेकिन किसी भी रूप से ये देखने लायक नहीं है.

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