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डाउनलोड करेंबेंगलुरु/नई दिल्ली. कर्नाटक में बीजेपी की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (JDS) सरकार बनाने जा रही हैं। लेकिन, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुमारस्वामी के नेतृत्व में सरकार बनने के पहले ही दोनों पार्टियों में कुछ विधायक और नेता नाखुश नजर आ रहे हैं। हालांकि, खुद कुमारस्वामी ने इन खबरों को गलत बताया है। लेकिन, कर्नाटक कांग्रेस के एक सीनियर लीडर रामलिंगा रेड्डी ने कहा है कि दोनों पार्टियों में से कुछ लोगों को तो कुर्बानियां देनी ही पड़ेंगी। बता दें कि शनिवार को बीएस. येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कांग्रेस और जेडीएस के पोस्ट पोल अलायंस यानी चुनाव पश्चात गंठबंधन को सरकार बनाने का न्योता मिला था।
कांग्रेस ने क्या कहा?
- कर्नाटक कांग्रेस के सीनियर लीडर और जनता दल सेक्युलर से बातचीत करने वाले रामलिंगा रेड्डी ने कहा- हम तो खुश हैं। ये लेन-देन की पॉलिसी है। हम बेंगलुरु म्युनिसिपल में भी 3 साल तक साथ रहे हैं। मैं ये बात मानता हूं कि दोनों पार्टियों में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें निश्चित तौर पर कुर्बानी देनी पड़ेगी। आखिर, सच्चाई ये है कि आप सबको तो मंत्री नहीं बना सकते।
- वहीं, मुख्यमंत्री पद के लिए नामित एचडी. कुमारस्वामी ने मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया। खबर है कि वो जल्द ही सोनिया और राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। कुमारस्वामी ने हालांकि, दोनों पार्टियों में मतभेद से जुड़े ज्यादातर सवालों का जवाब नहीं दिया।
- कांग्रेस के एक और नेता डीके. शिवकुमार ने कहा- राहुल गांधी इस पर फैसला करेंगे कि कर्नाटक में सेक्युलर यानी धर्मनिरपेक्ष सरकार बने। यही देश भी चाहता है।
पहले भी ऐसा कर चुके कुमारस्वामी
- कुमारस्वामी ने सरकार में साझेदारी के फॉर्मूला पर जनवरी 2006 में 20-20 महीने के लिए भाजपा के साथ सरकार बनाई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने भाजपा को सत्ता का नेतृत्व सौंपने से इनकार कर दिया था। लिहाजा, सरकार गिर गई थी। इसके बाद 2008 में हुए चुनावों में भाजपा को बहुमत मिला और येद्दयुरप्पा मुख्यमंत्री बने थे।
दोनों पार्टियों के अब भी घर लौटने की इजाजत नहीं
- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मेें कहा गया है कि येदियुरप्पा सरकार गिरने और कुमारस्वामी को सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद भी कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के विधायकों को अब तक घर जाने की इजाजत बड़े नेताओं से नहीं मिली है। बता दें कि ये नेता 15 तारीख से ही बेंगलुरु में हैं। दोनों पार्टियों के विधायकों को अलग-अलग होटलों में रखा गया है।
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