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बैंक में घुसे युवक कट्‌टे अड़ाते हुए बोले- कोई नहीं हिलेगा, स्टाफ ने खदेड़ा

3 वर्ष पहले
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ग्वालियर.   पुरानी छावनी स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा। मंगलवार दोपहर पौने 4 बजे। हथियारबंद तीन युवक बैंक में दाखिल हुए। दो असिस्टेंट मैनेजर और कैशियर पर कट्‌टे अड़ाते हुए बोले- कोई भी अपनी जगह से नहीं हिलेगा। असिस्टेंट मैनेजर और कैशियर ने हिम्मत जुटाई और बदमाशों से भिड़ गए। महिला असिस्टेंट मैनेजर ने टेबल के नीचे लगा अलार्म बजा दिया। बदमाश घबराकर पलटे। बाहर भागते समय एक बदमाश का कट्‌टा और थैला बैंक में छूट गया।  कर्मचारियों के साहस के कारण बैंक में रखे 7 लाख रुपए बच गए। बदमाशों का हुलिया और पूरा घटनाक्रम बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। बदमाशों की तलाश जारी है। पढ़ें |पेज-2

 

3 रीयल हीरो: जान की परवाह किए बिना बदमाशों से भिड़ गए

1- फायर करने पर पकड़ छूटी तो भाग गए तीनों बदमाश 

असिस्टेंट मैनेजर संदीप कुमार ने बताया कि बैंक में एक युवक आया। वह वाउचर भरने लगा। कुछ सेकंड बाद दो युवक और आए। इन तीनों ने हम पर कट्टे तान दिए। एक युवक कट्टा लेकर कैशियर के रूम की ओर जाने लगा। मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया। कैशियर जसपाल सिंह भी उससे भिड़ गए। इसी दौरान वे फायर कर भाग निकले।  

 

 

2- गोली चली तो घबरा गई थी फिर भी अलार्म बजा दिया 

 

असिस्टेंट मैनेजर अंजलि देहल ने बताया कि एक बदमाश ने मुझ पर भी गन तान दी थी। मुझे लगा कि आज यह लोग हमें मार ही डालेंगे। संदीप एक बदमाश से भिड़ गए और कट्टा छीन लिया। दूसरे बदमाश ने गोली चला दी। इस बीच मैंने टेबल के नीचे लगे अलार्म के स्विच को दबा दिया। अलार्म बजते ही बदमाश घबराकर भाग गए। 

 

3- आर्मी से रिटायर हूं, संदीप को संघर्ष करते देखा तो मैं भी साथ हो गया

 

कैशियर जसपाल सिंह ने बताया कि मैं 1996 में आर्मी से हवलदार के पद से रिटायर हुआ हूं। इसके बाद बैंक ज्वाॅइन की। बदमाशों को देखकर मैं कैश रूम से बाहर निकला।  मैंने संदीप की मदद से एक बदमाश को पटक लिया। शुक्र है इस बदमाश के पास जाे कट्टा था उसमें गोली नहीं थी, अन्यथा कुछ भी हो सकता था। 
 

बदमाशों के भागने के बाद थाने पर कॉल किया तो खराब मिला फोन, तत्काल नहीं हो पाई घेराबंदी

इंडियन ओवरसीज बैंक की पुरानी छावनी ब्रांच में लूट करने घुसे बदमाशों को सिर्फ 40 सेकंड में उल्टे पैर भागना पड़ा। बैंक के असि. मैनेजर, कैशियर जब उनसे भिड़ गए तो बदमाशों का हौसला टूट गया और वह भाग निकले। बदमाशों ने कट्टे से एक गोली बैंक अफसर की पकड़ में आए अपने साथी को छुड़ाने के लिए भी चलाई। फिर भी बैंक वाले नहीं घबराए तो भागते समय बदमाशों ने बैंक का शटर भी गिरा दिया ताकि कोई उनका पीछा नहीं कर पाए।  घटना के बाद बैंक अिधकारियों ने पुरानी छावनी थाने फोन लगाया तो वहां का फोन खराब मिला। बाद में डायल-100 पर कॉल करने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के वक्त बैंक के सीनियर मैनेजर नरेश मीणा रिकवरी के काम से बाहर गए हुए थे।


15 दिन पहले रायरू ब्रांच की खिड़की भी टूटी

बैंक की सिटी सेंटर ब्रांच में सीनियर मैनेजर अतुल अधौलिया का कहना है 15 दिन पहले रायरू स्थित ब्रांच की खिड़की भी चोरों ने तोड़ दी थी। इसकी रिपोर्ट भी पुलिस ने दर्ज ही नहीं की। अक्टूबर 2016 में भी पुरानी छावनी ब्रांच के कर्मचारियों ने ही एटीएम के शटर पर उंगली अड़ाकर रुपए निकालने वाले गिरोह को पकड़वाया था। गिरोह शटर रोककर रुपए निकालता था, इसके बाद ट्रांजेक्शन फेल होने का मैसेज आता था और इसके बाद बदमाश बैंक से क्लेम ले लेते थे।

 

बैग में कट्‌टे रखकर एक बदमाश पहले आया, फोन लगाया तो 2 और साथी पहुंच गए

- बैंक में थे सिर्फ 3 कर्मचारी: इंडियन ओवरसीज बैंक में सबसे पहले एक बदमाश पहुंचा। इसके पास बैग था। यह कुर्सी पर वाउचर भरने लगा तथा बैंक का मुआयना लिया। इस समय बैंक में 3 कर्मचारियों के अलावा कोई ग्राहक भी नहीं था। बदमाश को लगा कि इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता। उसने फोन कर अपने दो और साथियों को बुला लिया। इसके बाद तीनों बदमाशों ने कट्टे तानकर लूटने की कोशिश शुरू कर दी। 

 

- दो मुंह पर कपड़ा लगाए थे, एक बेखौफ था... बैंक में लूट के लिए कट्टे तानने वाले 3 बदमाशों में 2 ने पहले से ही मुंह पर कपड़ा लगा रखा था, लेकिन बैग लेकर आने वाला शख्स बेखौफ था। उसने कोई नकाब नहीं पहना था। हालांकि वारदात के ठीक पहले उसने मुंह पर साफी लगा ली। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह शख्स ग्वालियर के बाहर का रहा होगा। जबकि शेष दोनों को अपनी पहचान उजागर होने का डर रहा होगा।

- 25 से 35 आयु वर्ग: सीसीटीवी फुटेज देखकर पुलिस का अनुमान है कि बदमाश 25 से 35 आयु वर्ग के रहे होंगे। उन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले रैकी भी की होगी। बदमाशों ने घटना कारित करने के लिए दाेपहर बाद का वह वक्त चुना, जब बैंक में आम लोगों की आवाजाही कम होती है।

 

बदमाशों की तलाश में टोल बैरियर और शहर में लगे कैमरे के फुटेज खंगाले 
बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस ने पुरानी छावनी और मुरैना के रास्ते में स्थित छोंदा टोल टैक्स बैरियर के सीसीटीवी फुटेज देखे। घटना के बाद टीआई पुरानी छावनी प्रीति भार्गव छोंदा टोल पहुंची। फुटेज में पुलिस को कुछ स्पष्ट तो दिखाई नहीं दिया है लेकिन एक बाइक से शहर में आते 3 युवक (बदमाशों के हुलिए से मिलते-जुलते) दिखाई दिए हैं। इस बाइक का नंबर भी स्पष्ट नहीं दिखा। वहीं पुरानी छावनी और बहोड़ापुर इलाके में लगे पुलिस के सीसीटीवी कैमरे भी देखे जा रहे हैं। 

 

मोबाइल कंपनियों से संपर्क : एक बदमाश ने मोबाइल का उपयोग किया था। पुलिस ने मोबाइल कंपनियों से पूछा है कि घटना के समय बैंक टॉवर की रेंज में कौन से मोबाइल चालू थे। 
- पुराने बदमाशों से हुलिए का मिलान : ग्वालियर, भिंड, मुरैना के पुराने बदमाश जिन्होंने लूट की घटनाएं अंजाम दी थीं, उनके फोटो से भी हुलिए का मिलान करवाया जा रहा है।

 

 

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