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फैमिली कोर्ट में महिला का हंगामा, जज से अभद्रता की और फाइलें फेंकी

3 वर्ष पहले
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इंदौर.   फैमिली कोर्ट में बुधवार को एक महिला पक्षकार ने जज के कक्ष में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज की। फाइल फेंक दी। महिला वकील जब उसे समझाइश देने लगीं तो वह उनके साथ मारपीट करने लगी। उनके बाल भी खींचे। पुलिस ने न्यायाधीश की शिकायत पर गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया है। घटना बुधवार दोपहर 1.30 से 2 बजे के बीच की है। 


जून 2017 में पति के खिलाफ दर्ज कराया था केस

स्कीम नंबर 78, अरण्य नगर निवासी आशा उर्फ ईशा राठौर ने पति के खिलाफ जून 2017 में  भरण पोषण का केस लगाया था। द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश रेणुका कंचन के न्यायालय में बुधवार को केस की सुनवाई थी। महिला अपने वकील के साथ कोर्ट में उपस्थित हुई, लेकिन उसका पति विजय नहीं आया। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 3 अगस्त तय कर दी। महिला व उसके वकील कोर्ट से चले गए। कुछ देर बाद महिला फिर से लौटी और न्यायाधीश के कक्ष में घुस गई। उसने जज के सामने कहा- मेरा पति हाजिर नहीं हुआ, इसलिए वारंट जारी कीजिए।

 

जज ने समझाया कि उपस्थिति के लिए अगली तारीख तय की है, वारंट जारी नहीं किया जा सकता। यह सुनते ही उसने जज के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। महिला वकीलों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। कोर्ट से तत्काल पुलिस को महिला कांस्टेबल भेजने के लिए फोन किया गया। लेकिन काफी देर बाद संयोगितागंज पुलिस पहुंची और महिला को थाने ले गई।

एक अन्य कोर्ट कक्ष में पक्षकार-वकील भिड़े
बुधवार को ही प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सुरभि मिश्रा के कक्ष में भी केस की सुनवाई के दौरान एक वकील और पुरुष पक्षकार भिड़ गए। बाद में अन्य वकीलों ने समझाइश कर मामला शांत कर दिया।

 

वकीलों ने फिर की कोर्ट में पुलिस चौकी की मांग
एडवोकेट अचला जोशी, प्रमोद जोशी, जेएस ठाकुर, प्रवीण रावल, वैशाली सतवानी, पूनम शर्मा ने फैमिली कोर्ट में तत्काल पुलिस चौकी  की मांग की है। वकीलों ने कहा कि फैमिली कोर्ट में आए दिन मारपीट की घटनाएं होती हैं, इसलिए पुलिस चौकी जरूरी है। 

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