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डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे की बढ़त के साथ 68.87 पर बंद, इंट्रा डे में 69.03 तक फिसला

गुरुवार को 68.95 पर बंद हुआ जो अब तक की सबसे निचली क्लोजिंग है।

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 07:21 PM IST
  • 2018 में रुपया अब तक करीब 8% गिर चुका है
  • 2017 में रुपया 5.76% मजबूत हुआ था

मुंबई. डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 6 पैसे मजबूत होकर 68.89 पर बंद हुआ। इंट्रा डे में ये 69 के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में गुरुवार के मुकाबले रुपया 8 पैसे कमजोर होकर 69.03 तक पहुंच गया। इंट्राडे में ये 28 जून के बाद सबसे निचला स्तर है। उस दिन रुपया 69.10 तक गिर गया जो अब का सबसे निचला स्तर है। हालांकि बाद में इसमें रिकवरी आई और 68.79 पर बंद हुआ था। गुरुवार को भी रुपए ने 69.01 का स्तर छुआ। बाद में 21 की कमजोरी के साथ 68.95 पर बंद हुआ जो अब तक का सबसे निचला क्लोजिंग स्तर है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक डॉलर की मांग बढ़ने और शेयर बाजार में कमजोरी की वजह से रुपया गिर रहा है। चीन के उत्पादों पर अमेरिका ने जो इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है वो शुक्रवार से लागू हो जाएगी। इस वजह से ग्लोबल ट्रेड वॉर बढ़ने की आशंका है जिससे निवेशकों में चिंता है। डॉलर की मजबूती से एशिया के बाकी देशों की करेंसी में भी गिरावट आई है लेकिन भारतीय रुपए का प्रदर्शन इस साल सबसे खराब रहा है।

रुपया कमजोर होने से चार असर : पहला- भारतीयों के लिए विदेश यात्रा महंगी हो जाएगी। दूसरा- विदेश में पढ़ाई का खर्च भी बढ़ जाएगा। यात्रा और पढ़ाई इसलिए महंगी होगी क्योंकि करेंसी एक्सचेंज के लिए डॉलर के मुकाबले ज्यादा रुपए चुकाने होंगे। तीसरा- भारत के लिए क्रूड का इंपोर्ट महंगा हो जाएगा। इससे महंगाई बढ़ सकती है। चौथा- आईटी और फार्मा कंपनियों को रुपए की कमजोरी से फायदा होगा क्योंकि इनका बिजनेस एक्सपोर्ट से जुड़ा है।