--Advertisement--

रुपया 16 पैसे कमजोर होकर 68.96 पर आया, इंपोर्टर्स की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने का असर

रुपया सोमवार को 68.80 पर बंद हुआ, ये पांच साल का सबसे निचला क्लोजिंग स्तर है।

Danik Bhaskar | Jul 03, 2018, 10:51 AM IST
मुंबई. डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को 16 पैसे कमजोर होकर 68.96 पर आ गया। शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली की आशंका दुनियाभर की मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती से रुपए में गिरावट है। विदेशी मुद्रा के कारोबारियों के मुताबिक इंपोर्ट्स की ओर से डॉलर की मांग तेज हुई है। साथ ही जर्मनी में राजनीतिक अस्थिरता भी रुपए पर दबाव की वजह है। सोमवार को रुपया 34 पैसे टूटकर 68.80 पर बंद हुआ था जो 5 साल में सबसे निचला क्लोजिंग स्तर रहा।
रुपया 2018 में 7% से ज्यादा गिर चुका है : रुपए पर लगातार दबाव बना हुआ है। 28 जून को कारोबार के दौरान ये 69.10 तक फिसल गया जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। हालांकि उस दिन सबसे निचला स्तर छून के बाद रुपए में रिकवरी हुई और ये 68.79 पर बंद हुआ था। 2017 में डॉलर के मुकाबले रुपया 5.76% मजबूत हुआ था।
रुपया कमजोर होने से चार असर : पहला- भारतीयों के लिए विदेश यात्रा महंगी हो जाएगी। दूसरा- विदेश में पढ़ाई का खर्च भी बढ़ जाएगा। यात्रा और पढ़ाई इसलिए महंगी होगी क्योंकि करेंसी एक्सचेंज के लिए डॉलर के मुकाबले ज्यादा रुपए चुकाने होंगे। तीसरा- भारत के लिए क्रूड का इंपोर्ट महंगा हो जाएगा। इससे महंगाई बढ़ सकती है। चौथा- आईटी और फार्मा कंपनियों को रुपए की कमजोरी से फायदा होगा क्योंकि इनका बिजनेस एक्सपोर्ट से जुड़ा है।