पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंबेतिया. इंसान के लिए संसार में कुछ भी असंभव नहीं। बस बुलंद इरादे व सच्ची लगन की जरूरत होती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, प. चंपारण के नरकटियागंज के सियरही गांव के किसान रेयाज अहमद के पुत्र साहिल कौसर ने। साहिल ने तीन साल के अंदर ऐसी कृति स्थापित कर दी है, जिसकी चर्चा देश व विदेशों में भी हो रही है। इतना ही नहीं, आज साहिल पूरे देश को भिखारी बच्चों से मुक्त करने की मुहिम छेड़ चुके हैं।
- साहिल ने बताया कि करीब तीन साल पहले वह अच्छी तालीम व कुछ कर गुजरने का सपना लेकर दिल्ली आए थे। तीन महीने सड़कों पर भटकते रहे, लेकिन कोई मंजिल नहीं मिली। हां, इस दौरान सड़कों पर भीख मांगते बच्चों को देख कर मन में उत्सुकता जगी और उन्हीं के लिए जीवन समर्पित करने का बीड़ा उठा लिया।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.