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गोल्ड कोस्ट: वेटलिफ्टर संजीता चानू ने जीता गोल्ड, स्नैच में 84 किग्रा वजन उठाकर स्वाति सिंह का रिकॉर्ड तोड़ा

21वें कॉमनवेल्थ में भारत को अब तक दो गोल्ड मेडल मिल चुके हैं। पहला गोल्ड मीराबाई चानू ने जीता था।

Danik Bhaskar | Apr 06, 2018, 01:00 PM IST

  • कॉमनवेल्थ गेम्स के स्नैच में सबसे ज्यादा वजन उठाने का रिकॉर्ड पहले भारत की स्वाति सिंह के नाम था
  • इसे गोल्ड कोस्ट में संजीता चानू ने 84 किग्रा वजन उठाकर तोड़ दिया।

गोल्ड कोस्ट. 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दूसरा गोल्ड मिला। वेटलिफ्टर संजीता चानू ने शुक्रवार को 53 किग्रा कैटेगरी में यह पदक दिलाया। उन्होंने कुल 192 किलोग्राम (स्नैच में 84 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 108 किग्रा) वजन उठाया। संजीता ने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले उन्होंने 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ में 48 किग्रा कैटेगरी में यह पदक अपने नाम किया था।उधर, पापुआ न्यू गिनी की लोआ टौआ ने सिल्वर और कनाडा की राचेल बैजिनेट ने ब्रॉन्ज जीता। भारत की मीराबाई चानू ने गुरुवार को भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था।

शुरू से लीड करती दिखीं चानू
- 24 साल की संजीता चानू ने खेल के दौरान अपनी तीन कोशिशों में लगातार 81, 82 और 84 किग्रा वजन उठाते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड कायम किया। इसके बाद, क्लीन एंड जर्क में पहली कोशिश में 104 और फिर 108 किग्रा वजन उठाया। हालांकि, तीसरी कोशिश में उन्होंने 112 किग्रा वजन ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गईं। इस तरह कुल 192 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।

-उन्होंने खेल में शुरू से दबदबा बना रखा था। दूसरे नंबर पर रही पापुआ न्यू गिनी की लोआ डिका उनसे 10 किग्रा वजन उठाने में पीछे रहीं। लोआ कुल 182 किग्रा वजन उठा सकीं।

लोआ टौआ ने उठाया 182 किग्रा, जीता सिल्वर
- पापुआ न्यू गिनी की डिका टौआ ने कुल 182 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 80 किग्रा और क्लीन और जर्क में 102 किग्रा वजन उठाया।

- टौआ ने स्नैच में पहली कोशिश में 78 और दूसरी में 80 किग्रा वजन उठाया। तीसरी कोशिश में 82 किग्रा ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गईं। क्लीन एंड जर्क की पहली कोशिश में 102 किग्रा वजन उठाया। हालांकि, बाद की दोनों कोशिशों में वह फाउल कर गईं।

- वहीं, कनाडा की राचेल बैजिनेट ने कुल 181 किग्रा पर अपना गेम फिनिश किया। उन्होंने पहली कोशिश में 78 और दूसरी में 81 किग्रा वजन उठाया। तीसरी कोशिश में 83 किग्रा ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गईं। क्लीन एंड जर्क की पहली कोशिश में 98 किग्रा ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गईं। दूसरी कोशिश में 98 और तीसरी कोशिश में 100 किग्रा वजन उठाया।

संजीता ने तोड़ा स्वाति सिंह का रिकॉर्ड

- 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की स्वाति ने स्नैच में 83 किग्रा वजन उठाकर रिकॉर्ड बनाया था। इसे शुक्रवार को गोल्ड कोस्ट में संजीता ने 84 किग्रा वजन उठाकर तोड़ दिया।

- हालांकि, स्वाति सिंह 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में क्लीन एंड जर्क में 100 किग्रा वजन उठा पाई थीं।

इस वजह से वे चौथे नंबर पर रही थीं, लेकिन गोल्ड जीतने वाली नाइजीरिया की चिका अमालाहा का डोप टेस्ट पॉजिटिव आ जाने की वजह से उनसे यह पदक छीन लिया गया था। इसके बाद दूसरे नंबर पर रहीं पापुआ न्यू गिनी की लोआ टौआ को गोल्ड दे दिया गया था। जबकि तीसरे नंबर पर रहीं भारत की संतोषी मात्सा को सिल्वर दिया गया था। वहीं, चौथे नंबर पर रही स्वाति ब्रॉन्ज जीतने में कामयाब रही थीं।

पुराना प्रदर्शन नहीं दोहरा सकीं

- संजीता ने कॉमनवेल्थ सीनियर (मेन एंड वूमेन) वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में 195 किग्रा (स्नैच में 85 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 110 किग्रा) वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स कोटा हासिल किया था। हालांकि वह यहां अपने उस प्रदर्शन को दोहराने से चूक गईं।

कॉमनवेल्थ गेम्स में सभी रिकॉर्ड न तोड़ पाने का दुख : संजीता चानू
- संजीता चानू ने क्लीन एंड जर्क की अंतिम कोशिश में 112 किग्रा ऑप्ट किया था। लेकिन वह फाउल कर गईं। यदि इसमें सफल रहतीं तो कॉमनवेल्थ गेम्स में 53 किग्रा वर्ग में सभी रिकॉर्ड (स्नैच और क्लीन एंड जर्क) अपने नाम करने वाली एथलीट बन जातीं।

- संजीता को यह रिकॉर्ड न बना पाने का दुख है। गोल्ड जीतने के बाद उन्होंने कहा, 'यदि अंतिम प्रयास में मैं फाउल नहीं करती तो सभी रिकॉर्ड बनाने में सफल हो जाती है। मैं ऐसा करना चाहती थी। मैं यह मौका चूक गई। इसका मुझे दुख है।'

- कॉमनवेल्थ गेम्स में 53 किग्रा में टोटल और क्लीन एंड जर्क का रिकॉर्ड पापुआ न्यू गिनी की डिका टौआ के नाम है। टौआ ने 25 जुलाई, 2014 को ग्लासगो में क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा और टोटल 193 किग्रा का वजन उठाया था।

2011 में सुर्खियों में आईं थीं चानू
- मणिपुर की मीराबाई चानू की ही तरह संजीता भी कुंजारानी देवी को अपना रोल मॉडल मानती हैं।

- वे रेलवे में काम करती हैं। संजीता पहली बार तब सुर्खियों में आईं, जब 2011 एशियन वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 2012 में उन्होंने कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड जीता। 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 20 साल की उम्र में 173 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड जीता था। तब उन्होंने 171 किग्रा वजन उठाने वालीं मीराबाई चानू को दूसरे स्थान पर धकेल दिया था।

अर्जुन पुरस्कार नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में अपील की थी चानू ने
- संजीता को 2017 में अर्जुन पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया। इसका विरोध करते हुए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी दलील थी कि लगातार दो साल से बेहतरीन प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया। जबकि खेल मंत्रालय ने उनसे कमतर परफार्मेंस देने वाले एथलीट्स को इस पुरस्कार के लिए चुना।

- हालांकि हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। उनसे पहले 2015 में मुक्केबाज मनोज कुमार भी अर्जुन पुरस्कार न मिलने के विरोध में हाईकोर्ट पहुंच गए थे। अदालत के दखल के बाद ही उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला था।

पदक तालिका: टॉप 5 देश

देश गोल्ड सिल्वर ब्रॉन्ज कुल
इंग्लैंड 6 3 3 12
ऑस्ट्रेलिया 5 4 6 15
भारत 2 1 0 3
मलेशिया 2 0 0 2
कनाडा 1 3 4

8

संजीता चानू ने गोल्ड कोस्ट में सोना जीतने के पहले 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में 48 किग्रा कैटेगरी में यह पदक जीता था। संजीता चानू ने गोल्ड कोस्ट में सोना जीतने के पहले 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में 48 किग्रा कैटेगरी में यह पदक जीता था।
पापुआ न्यू गिनी की लोआ डिका टौआ, संजीता चानू (बीच में) और कनाडा की राचेल बैजिनेट। पापुआ न्यू गिनी की लोआ डिका टौआ, संजीता चानू (बीच में) और कनाडा की राचेल बैजिनेट।
भारत की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने गुरुवार को भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। भारत की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने गुरुवार को भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था।