पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इतना बदल गया सऊदी का ये शहर, अब यहां ऐसी LIFE जी रहे लोग

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

इंटरनेशनल डेस्क. सऊदी अरब में इन दिनों बदलाव की बयार बह रही हैं। एक के बाद एक पाबंदियां यहां हटती जा रही हैं और महिलाओं के लिए जिंदगी पहले से बेहतर होती जा रही है। जेद्दाह शहर में रहने वाली अमीराह अल तुर्किस्तानी ने ऐसे ही कुछ बदलाव के बारे में बताया। उन्होंने वो दौर भी देखा है, जब साइकिल चलाने और घर के बाहर अकेले निकलने का ख्याल भी जेहन में लाना मुश्किल था। देश लौटने पर हंस रहे थे अमीराह के दोस्त... 

 

- अमीराह ने बताया कि 2015 में जब वो ग्रैजुएशन के बाद बोस्टन छोड़कर अपने देश सऊदी लौट रही थीं। तब मेरे दोस्त मेरे एक फैसले पर हंस रहे थे। 
- असल में मैं अपनी कलर्ड साइकिल भी अपने साथ वापस लाना चाहती थी और मैंने उसकी शिपिंग भी करा दी थी। मेरे दोस्त इस बात का मजाक उड़ा रहे थे कि आखिर मैं जेद्दाह में इसका क्या करुंगी।
- दरअसल कट्टरपंथी मुस्लिम देश में पब्लिकल राइडिंग करने के बारे में सोचना भी गुनाह है। यहां रिलीजियस पुलिस पैट्रोलिंग करती रहती है और सख्त नियम कायदे का पालन कराती है।
- यहां के शरीया कानून और सख्त नियम-कायदों के तहत मॉडर्न कपड़े पहनना, म्यूजिक बजाना, एल्कोहल लेना और पब्लिक प्लेस पर पुरुष-महिलाओं का मिलना-जुलना मना है।
- हालांकि, पिछले पांच साल में बहुत कुछ बदल गया है। अमीराह अब जेद्दाह में समुद्र के किनारे रोज साइकलिंग करती हैं। वो भी अपने पति और बच्चों के बिना अकेले ही। 
- 30 साल की अमीराह साइकिल पर अबाया भी पहनती हैं। ढीली फिटिंग में पूरी बॉडी को कवर करने वाला ये कपड़ा धार्मिक आस्था का प्रतीक है। ये सऊदी में पब्लिक प्लेस पर महिलाओं के लिए जरूरी भी है।   

- उन्होंने अबाया के लिए पारंपरिक काले रंग के बजाय पेस्टल कलर चुना है। इस पर लेस लगाई और स्पोर्टी लुक देने के लिए रंगीन कपड़ों के पैच लगाए।

 

 

पहले जैसा नहीं रहा जेद्दाह
- अमीराह कहती हैं कि जेद्दाह अब 5-6 साल पहले वाला शहर नहीं रहा। कपड़ों को लेकर अब पहले की तरह सोचना नहीं पड़ता। यहां घूमने के लिए तमाम जगहें हैं और महिलाओं के लिए काम करने के मौके हैं।
- पिछले कई दशकों के इतिहास में बंधा सऊदी अब हर दिन बदल रहा है। यहां महिलाओं के लिए ड्राइविंग से लेकर कॉमर्शियल सिनेमा तक सब की छूट मिल गई है।
- ड्राइविंग को लेकर मिली छूट पर अमीराह कहती हैं कि ऐसा नहीं है कि मैं ड्राइव करना चाहती हूं इसलिए मुझे ड्राइविंग करनी है। ये आज जरूरत बन गई है। 
- दो बच्चों की मां अमीराह जेद्दाह इंटरनेशनल कॉलेज में ग्राफिक्स डिजाइन की टीचिंग का फुल टाइम जॉब करती हैं। इसके अलावा वो फ्रीलान्सिंग भी करती हैं।
- एक्स्ट्रा इनकम के लिए वो घर में ही अबाया बनाती हैं और उसे बेचती हैं। वो अंग्रेजी, अरबी और तुर्की बोलती हैं। वो बैले डांस में भी पूरी तरह से ट्रेन्ड हैं।  

 

कई महिलाएं अब भी कैद में
- अमीराह का मानना है कि देश की सभी महिलाओं को न तो ऐसी आजादी है और न ही उनके पास ऐसे मौके हैं। वो अब भी ट्राइबल कस्टम, पुरुष प्रधान समाज और कंजरवेटिव सोसयाटी का हिस्सा हैं।
- उनका भी मानना है कि इन महिलाओं के पास उनके बुनियादी अधिकार भी नहीं हैं। बदलाव हुआ है, लेकिन हर जगह या हर परिवारों में नहीं हुआ है। 
- अमीराह ने कहा कि वो मॉडर्न हो सकती है लेकिन उनका परिवार नहीं। वो आजाद इन्डिपेन्डेंट हो सकती हैं, लेकिन उनके पति इसकी परमिशन नहीं देते। 

 

आगे की स्लाइड्स में फोटोज में देखें सऊदी में कैसी लाइफ जीती हैं अमीराह... 

खबरें और भी हैं...