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23 साल की उम्र में लड़की बनी IAS, 103 डिग्री बुखार में लिखे थे एग्जाम

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. यूपीएससी 2017 में दिल्ली की सौम्या शर्मा ने 9वीं रैंक हासिल की। महज 23 साल की सौम्या ने पहले अटैम्प्ट में यह एग्जाम क्लीयर किया है। उन्हें इसके प्रिपरेशन में कुल चार महीने का टाइम मिला था। DainikBhaskar.com इसी यंग अचीवर की सक्सेस स्टोरी अपने रीडर्स को बता रहा है।

 

103 डिग्री बुखार में दिया एग्जाम

 

- सौम्या ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से LLB किया है। एग्जाम के टाइम पर वो अपने फाइनल सेमेस्टर में थीं। उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट में लॉ को चुना था, जिससे उन्हें प्रिपरेशन में मदद मिली।
- इस एग्जाम को क्लीयर करने के लिए इन्होंने न कोई कोचिंग अटैंड की और न कोई लंबी प्रिपरेशन। सौम्या के मुताबिक उन्होंने 19 फरवरी 2017 से एग्जाम की तैयारी शुरू की थी, प्रीलिम्स से महज चार महीने पहले।
- प्रीलिम्स क्लीयर करने के बाद इन्होंने मेन्स के ऑप्शनल सब्जेक्ट लॉ की स्टडीज की थीं।
- यूपीएससी मेन्स एग्जाम के दौरान सौम्या को वायरल फीवर हुआ था। उनका बुखार 102 डिग्री से नीचे नहीं उतर रहा था। इसके बावजूद उन्होंने एग्जाम्स दिए।
- यही नहीं, सेकंड पेपर देते हुए उन्हें चक्कर आ रहे थे। एनर्जी मेंटेन रखने के लिए वो एग्जाम देते हुए चॉकलेट खा रही थीं। 
- सौम्या के माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। बेटी के बुखार की वजह से वे एग्जाम के दौरान सेंटर पर ही रहते थे। लंच ब्रेक के दौरान सौम्या को ड्रिप्स भी लगानी पड़ी थीं।

 

16 की उम्र में खो दी थी सुनने की शक्ति

 

- सौम्या जब 16 साल की थीं, तब किसी गंभीर बीमारी की वजह से उनके सुनने की शक्ति चली गई थी। अपना एक सेंस खोने के बावजूद उन्होंने अपना फोकस नहीं खोया। आज भी वो हियरिंग एड मशीन की मदद से ही सुन पाती हैं।
- श्रवण शक्ति कमजोर होने की वजह से सौम्या विकलांग कैटेगरी में आती हैं, लेकिन उन्होंने यूपीएससी में अपने इस कोटा का यूज नहीं किया। उन्होंने अपने फॉर्म में जनरल कैटेगरी फिल किया था।

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