एसबीआई ग्राहक बचत खाते को बीएसबीडी में बदलकर मिनिमम बैलेंस से पा सकते हैं छूट, अप्रैल से पेनल्टी भी कम हुई / एसबीआई ग्राहक बचत खाते को बीएसबीडी में बदलकर मिनिमम बैलेंस से पा सकते हैं छूट, अप्रैल से पेनल्टी भी कम हुई

न्यूनतम राशि नहीं रखने पर एसबीआई 7.50 से 15 रुपए तक पेनल्टी लेता है

DainikBhaskar.com

Aug 07, 2018, 10:05 AM IST
पिछले साल सभी बैंकों ने ग्राहक पिछले साल सभी बैंकों ने ग्राहक

- 2017-18 में एसबीआई ने ग्राहकों से 2,433.87 करोड़ रुपए की पेनल्टी वसूली

- एसबीआई के कुल 42.5 करोड़ खाताधारक, इनमें से 40% जीरो बैलेंस वाले

नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई का कहना है कि उसने खाते में मिनिमम बैलेंस पर ग्राहकों को छूट दी है। न्यूनतम औसत मासिक राशि में 40% कमी अप्रैल में ही लागू कर दी थी। बैलेंस मेंटेन नहीं कर पाने पर लगने वाली पेनल्टी में भी 75% तक कटौती की गई थी। बैंक ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट, पेंशन खाते, माइनर अकाउंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े खाताधारकों को न्यूनतम राशि की कोई बाध्यता नहीं। ग्राहक बचत खाते को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट में भी बदल सकते हैं। इसमें मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना जरूरी नहीं। एसबीआई ने सोमवार शाम ट्वीट कर ये इस बारे में बताया।

कितना मिनिमम बैलेंस जरूरी ?

खाताधारक की शाखा औसत मासिक राशि (रुपए)
मेट्रो 3,000
शहरी 3,000
अर्धशहरी 2,000
ग्रामीण 1,000

न्यूनतम राशि नहीं रखने पर कितनी पेनल्टी ?

न्यूनतम राशि से कम बैलेंस पेनल्टी (मेट्रो, शहरी शाखा) पेनल्टी (अर्धशहरी शाखा) पेनल्टी (ग्रामीण शाखा)
50% तक 10 रुपए 7.50 रुपए 5 रुपए
50-75% तक 12 रुपए 10 रुपए 7.50 रुपए
75% से ज्यादा 15 रुपए 12 रुपए 10 रुपए

मिनिमम बैलेंस की बाध्यता से बचने का विकल्प : एसबीआई के मुताबिक ग्राहक बचत बैंक खाते को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाते में बदल सकते हैं। इस खाते में ग्राहक जीरो बैलेंस भी रखेंगे तो भी पेनल्टी नहीं लगेगी। सामान्य बचत खाते की तरह इसमें डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं मिलती रहेंगी। खाता खोलने और बंद करने पर कोई चार्ज भी नहीं देने होंगे। लेकिन, एक महीने में सिर्फ चार बार पैसे निकासी की छूट होगी। इसमें एटीएम समेत दूसरे विड्रॉ ऑप्शन शामिल हैं।
बैंकों ने न्यूनतम राशि नहीं रखने पर 5,000 करोड़ वसूले : 21 सरकारी और तीन निजी बड़े बैंकों ने वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान खाते में मिनिमम बैंलेंस नहीं रखने वालों से 4989.55 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला। पिछले साल 6,547 करोड़ रुपए घाटे वाला एसबीआई जुर्माना लेने में अव्वल रहा। इसने 2,433.87 करोड़ रुपए वसूले। ये सभी बैंकों की पेनल्टी का 50% है। बैंकों की ओर से जारी आंकड़ों के आधार पर रविवार को ये जानकारी सामने आई। इसके बाद एसबीआई ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि वह अप्रैल में ही पेनल्टी घटा चुका है और 40% खाते ऐसे हैं जिन पर मिनिमम बैलेंस का निमय लागू नहीं। बैंक के कुल 42.5 करोड़ खाताधारक हैं।

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