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एसबीआई को सबसे बड़ा 7,718 करोड़ का घाटा, देश के बैंकिंग इतिहास में दूसरा बड़ा तिमाही नुकसान

पीएनबी को मार्च तिमाही में 13,417 करोड़ रुपए का सबसे बड़ा घाटा हुआ।

DainikBhaskar.com | Last Modified - May 22, 2018, 10:35 PM IST

  • एसबीआई को सबसे बड़ा 7,718 करोड़ का घाटा, देश के बैंकिंग इतिहास में दूसरा बड़ा तिमाही नुकसान
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    तीसरी तिमाही के मुकाबले जनवरी-मार्च में एसबीआई का घाटा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा- फाइल
    • चौथी तिमाही में एसबीआई का ग्रॉस एनपीए बढ़कर 10.91% हुआ
    • खराब नतीजों के बावजूयद उछला शेयर, मार्केट कैप 8,077 रुपए बढ़ी

    नई दिल्ली. एसबीेआई को जनवरी-मार्च तिमाही में 7,718 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ये अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है। एक साल में बैंक का एनपीए दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है। पिछले साल जनवरी-मार्च तिमाही में एनपीए 11,740 करोड़ रुपए था जो 22,096 करोड़ रुपए हो गया है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ये 18,876 करोड़ रुपए था।

    लगातार दूसरी तिमाही में घाटा

    -अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी एसबीआई को 2,416.37 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। जबकि पिछले साल की तीसरी तिमाही में 2,814.82 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।

    पूरे वित्त वर्ष में 6,547 करोड़ का नुकसान

    - वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बैंक को 6,547 करोड़ का नुकसान हुआ है जबकि 2016-17 में 10,484 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

    बैंक की आय बढ़ी
    - चौथी तिमाही में एसबीआई की आय 68,436.06 करोड़ रुपए रही है। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में आय 57,720.07 करोड़ रुपए थी। पूरे वित्त वर्ष के दौरान आय 2,59,664 करोड़ रुपए रही है जो 2016-17 में 2,10,979 करोड़ थी।

    ब्याज से आय में बढ़ोतरी
    - जनवरी-मार्च तिमाही में ब्याज से आय 10.5% बढ़कर 19,974 करोड़ रुपए हो गई। पिछले साल की चौथी तिमाही में ये 18,070.7 करोड़ रुपए थी।

    10.91% ग्रॉस एनपीए, 5.73% नेट एनपीए

    - एसबीआई का ग्रॉस एनपीए बढ़कर 10.91% हो गया है। 2017 की जनवरी-मार्च तिमाही में ये 6.90% था।

    - पिछले साल की तुलना में नेट एनपीए 3.71% से बढ़कर 5.73% हो गया है।

    - रकम के हिसाब से ग्रॉस एनपीए 2,23,427 करोड़ रुपए रहा है जो कि पिछले साल की मार्च तिमाही में 1,12,343 करोड़ रुपए था।
    - इस दौरान नेट एनपीए 58,277 की तुलना में बढ़कर 1,10,855 करोड़ रुपए हो गया है।

    एनपीए की प्रोविजनिंग में 119% बढ़ोतरी
    - मार्च तिमाही में एनपीए की प्रोविजनिंग 24,080 करोड़ रुपए पहुंच गई। 2016-17 की मार्च तिमाही में ये 10,993 करोड़ रुपए थी।

    पीएनबी के बाद सबसे बड़ा तिमाही घाटा

    - भारतीय बैंकिंग इतिहास में पीएनबी के बाद एसबीआई को सबसे बड़ा तिमाही घाटा हुआ है। नीरव मोदी के घोटाले की वजह से चौथी तिमाही में पीएनबी को रिकॉर्ड 13,417 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं एनपीए बढ़ने से एसबीआई को 7,718 करोड़ का घाटा हुआ है।

    बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े तिमाही घाटे

    बैंकघाटातिमाही
    पीएनबी13,417 करोड़मार्च 2018
    एसबीआई7,718 करोड़मार्च 2018
    पीएनबी5,367 करोड़मार्च 2016
    केनरा बैंक4,860 करोड़मार्च 2018
    केनरा बैंक3,905 करोड़मार्च 2016
    बैंक ऑफ इंडिया3,587 करोड़मार्च 2016

    शेयर 5% उछला, मार्केट कैप 8,077 रुपए बढ़ी

    - खराब नतीजों के बावजूद एसबीआई के शेयर में तेजी रही। बीएसई पर शेयर करीब 4% वहीं एनएसई पर 5% तेजी के साथ बंद हुआ।

    एक्सचेंजशेयर प्राइसबढ़ोतरी
    बीएसई254.15 रु.

    9.05 रु.

    (3.69%)

    एनएसई255.70 रु.

    11.25

    (4.60%)

    एसबीआई के नतीजे: 5 बड़ी बातें
    1) सबसे बड़े बैंक का अब तक का सबसे बड़ा (7,718 करोड़ रु.) तिमाही घाटा
    2) लगातार दूसरी तिमाही में हुआ नुकसान
    3) बैंकिंग इतिहास का दूसरा बड़ा तिमाही घाटा
    4) एनपीए की प्रोविजनिंग में 119% बढ़ोतरी

    5) ग्रॉस एनपीए करीब दोगुना होकर 2,23,427 करोड़ रुपए पहुंचा

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    पूरे वित्त वर्ष में एसबीआई को 6,547 करोड़ का नुकसान।- फाइल
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