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परीक्षा की तैयारियों के बीच इंजीनियरिंग छात्रों को तालाब गहरीकरण के लिए आने का फरमान

3 वर्ष पहले
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भोपाल.    बड़े तालाब के गहरीकरण के लिए स्कूल और काॅलेज के छात्रों को भेजने का दबाव बनाया जा रहा है। इसे लेकर अभिभावकों और स्टूडेंट्स ने नाराजगी जताई है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी िवश्विविद्यालय (आरजीपीवी) के कुलपति के एक फरमान ने शहर के 72 कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 80 हजार छात्रों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। साथ ही कॉलेज प्रबंधनों की परेशानी भी बढ़ा दी है। दरअसल, इन दिनों कॉलेजों में मिड सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही हैं।

 

आगामी एक मई से प्रायोगिक परीक्षाएं होनी हैं और फिर 8 से 31 मई तक मुख्य परीक्षा चलेंगी। स्टूडेंट्स तैयारी में जुटे हैं, लेकिन इन सबके बीच कुलपति प्रो. सुनील कुमार गुप्ता ने फरमान सुना दिया है कि बड़े तालाब पर चल रहे गहरीकरण अभियान में जाकर श्रमदान करें। 


प्रो. गुप्ता ने इस काम के लिए विद्यािर्थयों और शिक्षकों को पाबंद करने के लिए सोमवार विश्वविद्यालय में विशेष बैठक बुलाई। इसमें महापौर आलोक शर्मा आैर नगर निगम आयुक्त प्रियंका दास भी मौजूद रहीं। हालांकि बैठक में करीब 20 कॉलेजों के प्राचार्य ही पहुंचे। कुछ प्राचार्यों ने परीक्षा  की तैयारियों का मुद्दा भी उठाया, लेकिन प्रो. गुप्ता अपने फरमान पर अड़े रहे। 

 

कॉलेेजों से अपील की है...
आरजीवीपी के कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि कॉलेजों से अपील की है कि वे गहरीकरण के लिए आगे आएं। विद्यार्थियों व शिक्षकों ले जाकर श्रमदान कराएं। इसमें िकसी से जोर जबरदस्ती नहीं की गई है। इससे विद्यार्थियों में भी तालाब के प्रति जिम्मेदारी जागेगी।

 

15 स्कूलों को दिए मौखिक निर्देश
भोपाल डीईओ धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि श्रमदान के लिए भदभदा क्षेत्र के 15 स्कूलों के बच्चों को श्रमदान में पहुंचाने के मौखिक निर्देश दिए हैं। यह निर्देश तालाब में साफ-सफाई में बच्चों के योगदान के उद्देश्य से दिए है।

 

पहला दिन : पांच पोकलेन, पांच जेसीबी और श्रमदान से निकाली 212 डंपर गाद

बड़े तालाब से सोमवार को 212 डंपर मिट्टी निकाली गई। इससे तालाब की क्षमता में 2544 घन मीटर वृद्धि होगी। अभी कम से कम पांच दिनों तक भदभदा पर ही यह अभियान चलेगा। इसके बाद प्रेमपुरा, बोट क्लब और बैरागढ़ में यह अभियान चलेगा। अभियान के पहले दिन विभिन्न संगठनों के 2000 लोगों ने श्रमदान में हिस्सा लिया।

 

सुबह 8 से दो घंटे तक श्रमदान
रोज सुबह 8 से सुबह 10 बजे तक लोग श्रमदान करेंगे, लेकिन निगम के श्रमिक व मशीनें दिनभर काम करेंगे। सोमवार शाम 6 बजे तक 30 डंपर 212 ट्रिप लगा चुके थे। निकली मिट्टी को नगर निगम के उद्यानों में पहुंचाया गया। निगम आम नागरिकों को भी मिट्टी ले जाने की सुविधा देगा।

 

ये भी हुए शामिल

मानसरोवर कॉलेज के विद्यार्थियों ने श्रमदान के साथ योगाभ्यास भी किया। कोटरा सुल्तानाबाद शास. स्कूल के छात्र, भोपाल सिटीजंस फोरम, न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ, नर्सिंग होम एसो., एनडीआरएफ और क्रेडाई के सदस्य भी शामिल।

 

भास्कर विचार : निगम संगठनों को जोड़े, संसाधन बढ़ाए लेकिन छात्रों के लिए ऐसा फरमान सही नहीं

बड़ा तालाब का सिमटना हर शहरवासी  की चिंता का सबब है। इसकी बेहतरी के लिए उठाए गए हर कदम का सभी समर्थन करते हैं लेकिन परीक्षाओं के बीच श्रमदान के नाम पर कॉलेज स्टूडेंट्स को इस तरह फरमान सुनाना किसी भी सूरत में सही नहीं कहा जा सकता। नगर निगम  को चाहिए कि वह इस नेक काम के लिए ज्यादा से ज्यादा सामाजिक और स्वैच्छिक संगठनों को जोड़ने की दिशा में प्रयास करे। और अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल गहरीकरण के लिए सुनिश्चित करे।

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