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डाउनलोड करेंराई. देश के 10 बैंकों की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को एचएसआईआईडीसी राई के एक उद्योगपति की पांच फैक्ट्रियां सील कर कानूनी रूप से कब्जा ले लिया। राई की श्री बांकेबिहारी एक्सपोर्ट कंपनी के मालिक अमरचंद गुप्ता, रामलाल गुप्ता व राजकुमार गुप्ता पर अलग-अलग बैंकों के 648 करोड़ 43 लाख 85 हजार 543 रुपए का लोन लेकर अदायगी नहीं करने का आरोप है। बैंकों की संयुक्त टीम की इंचार्ज एसबीआई की चीफ मैनेजर शलिनी शर्मा ने कहा कि नोटबंदी के बाद से उद्योगपति बाप-बेटा सभी बैंकों को गुमराह कर रहे थे।
भारतीय स्टेट बैंक दिल्ली की करोल बाग शाखा की चीफ मैनेजर शालिनी शर्मा अपने साथ 10 बैंकों की संयुक्त टीम व पुलिस लेकर एचएसआईआईडीसी राई पहुंची। डीसी की तरफ से नायब तहसीलदार हवासिंह पूनिया को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया। बैंकों की टीम एचएसआईआईडीसी राई के प्लॉट नंबर 577, 492, 505 520 ,2253,2254,2255,2256 व 2257 में पहुंची, जहां शालिनी ने श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी की इन सभी फर्म को सील कर दिया। सभी फर्म के बाहर नोटिस चस्पा दिया। इसमें कानूनी रूप से इस प्रॉपर्टी पर अब बैंकों का कब्जा रहेगा। शालिनी शर्मा ने कहा कि दो महीने पहले इस फर्म को नोटिस दिया था, लेकिन फर्म द्वारा लोन का पैसा चुकता नहीं किया गया। फर्म के मालिक अमरचंद गुप्ता, रामलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद सभी 10 बैंकों की टीम को साथ लेकर 648 करोड़ 43 लाख 85 हजार 543 रुपए की रिकवरी के लिए फर्म की प्रॉपर्टी को कब्जे में लिया है।
कोई जवाब न देने पर फर्म को किया डिफाल्टर
श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी को स्टेट बैंक ऑफ मैसूर ने 209 करोड़ 85 लाख 57 हजार 412 रुपए, बिकानेर एंड जयपुर बैंक ने 87 करोड़ 62 लाख 25 हजार 302 रुपए, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ने 66 करोड़ 24 लाख 24 हजार 503 रुपए, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद ने 36 करोड़ 54 लाख 12 हजार 930 रुपए, आंध्रा बैंक ने 46 करोड़ 5 लाख 22 हजार 930 रुपए, केनरा बैंक ने 41 करोड 59 लाख 69 हजार 304 रुपए, ओबीसी ने 61 करोड 70 लाख सात हजार 546 रुपए, पीएनबी ने 46 करोड़ 77 लाख 75 हजार 403 रुपए, विजया बैंक ने 26 करोड़ तीन लाख 40 हजार 459 व सिंडिकेट बैंक ने 26 करोड़ 1 लाख 49 हजार 750 रुपए की रिकवरी करनी थी। फर्म ने जब कोई जवाब नहीं दिया तो बैंक ने इस फर्म को डिफाल्टर घोषित कर प्रॉपर्टी को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।
विदेशों में दाल एक्सपोर्ट करता थी श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी : श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी का मुख्य काम दाल चावल का है। यह कंपनी राई से विदेशों में दाल का एक्सपोर्ट करती थी। राई में श्री बांके बिहारी की करोड़ों की प्रॉपर्टी में फैक्ट्रियां हैं। कई गोदाम किराए पर दे रखे हैं।
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